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नेताओं के जनसंपर्क से सेलिब्रिटी समस्या

देशभर के शीर्ष बीजेपी नेताओं को 30 जून तक कम से कम 25 व्यक्तियों से मिलने (औपचारिक तौर पर संपर्क करने) के लिए कहा गया था

Dainik Bhaskar

Jul 03, 2018, 01:52 PM IST
डॉ. भारत अग्रवाल डॉ. भारत अग्रवाल

देशभर के शीर्ष बीजेपी नेताओं को 30 जून तक कम से कम 25 व्यक्तियों से मिलने (औपचारिक तौर पर संपर्क करने) के लिए कहा गया था। लेकिन स्ट्राइक रेट केवल 10 से 12 की रही। चूंकि संपर्क का उद्देश्य सिर्फ मीडिया की सुर्खियां प्राप्त करना था, लिहाजा यह जरूरी था कि सिर्फ फिल्म जगत, खेल जगत और शीर्षस्थ ऐसे प्रसिद्ध पेशेवर लोगों से संपर्क किया जाए, जो मीडिया का ध्यान आकर्षित कर सकें। अब जब नेता उनके पास पहुंचते थे, तो पता चलता था कि उस व्यक्ति से मिलने के लिए पहले से ही 3-4 लोग समय मांग चुके थे। अब किससे मिलें, और किससे न मिलें? ऐसे में सेलिब्रिटीज के सामने बड़ी दुविधा की हालत हो गई।

पाकिस्तान से धमकी

बीजेपी के प्रवक्ताओं को नियमित रूप से और बारी-बारी पाकिस्तान से धमकी देने वाले फोन कॉल प्राप्त हो रहे हैं।

होकर भी अब तक नहीं हुआ

हालांकि दूरसंचार सचिव और राज्यमंत्री मनोज सिन्हा वोडाफोन-आइडिया विलय की मंजूरी पर हस्ताक्षर कर चुके हैं, लेकिन स्पेक्ट्रम और कराधान के आधार पर बकाया राशि (2,100 करोड़ या 4,700 करोड़!) की मांग के नोटिस में विवाद के कारण आदेश जारी नहीं किए गए। लिहाजा शेयरधारकों की जो बैठक 26 जून को होनी थी, वह अब अगले आदेश तक के लिए अटक गई है।

कैनेडी और गडकरी

नितिन गडकरी के कार्यालय में एक बोर्ड है। इस पर जॉन कैनेडी का एक उद्धरण मोटे-मोटे अक्षरों में लिखा हुआ है कि - अमेरिका एक समृद्ध देश है और इसलिए यहां सड़कें अच्छी हैं। फिर लिखा है कि यह सच नहीं है। वहां सड़कें अच्छी हैं इसलिए अमेरिका एक समृद्ध देश है। एक जमाना था, जब लालू प्रसाद कहा करते थे कि वह पटना की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों की तरह बना देंगे। अब देश की उम्मीदें गडकरी पर टिकी हैं कि वह लालू प्रसाद का सपना पूरा कर दें।

बॉलीवुड में लालू पुत्र

चिराग पासवान पुत्र रामविलास पासवान के बाद तेजप्रताप यादव पुत्र लालू प्रसाद यादव बॉलीवुड जा रहे हैं। तो क्या राजनीति से उनकी उम्मीदें खत्म हो गई हैं? पार्टी (और परिवार) का चेहरा अब तेजस्वी हैं। मुख्यमंत्री पद के अगले दावेदार भी वही होंगे। बाथरूम की कसम, भाइयों में झगड़ा तो गंभीर था। बहरहाल तेजप्रताप की पहली फिल्म का नाम है रुद्र।रामदेव-अडानी ठनाठनी

बाबा रामदेव और उद्योगपति अडानी दोनों नरेंद्र मोदी के बहुत नजदीकी माने जाते हैं। लेकिन अब व्यापार में रामदेव अडानी के खिलाफ मैदान में हैं। यह प्रेम कहानी का नया ट्विस्ट है। पतंजलि ब्रांड रुचि सोयाबीन खरीदना चाहता है। रुचि सोयाबीन घोषित तौर पर एक दिवालिया ब्रांड है। लेकिन निविदा में अडानी के रिश्तेदार प्रणब अडानी ने इसे अडानी विल्मर ब्रांड के नाम पर खरीद लिया है। अडानी का कहना है कि हमने इसे निविदा के माध्यम से हासिल किया है। लेकिन बाबा रामदेव अडानी परिवार के खिलाफ अदालत में चले गए हैं। उनका कहना है कि निविदा ही अवैध थी।

गीत है, ताल नहीं

शिवसेना और बीजेपी के रिश्तों में तूफान मचा हुआ है। शिवसेना के कोटे से अनंत गीते मोदी कैबिनेट में भारी उद्योग मंत्री हैं। उनके राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो हैं। हाल ही में उनकी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबुल को भी मौजूद रहना था, लेकिन वह अनुपस्थित थे। प्रेस ने पूछा, तो एक अधिकारी ने कहा कि दोनों मंत्री मुंबई से हैं। बड़े मंत्री गीते हैं लेकिन छोटे मंत्री गाते हैं।

लो आया आम का मौसम

मैंगो मैन को आप भूल रहे होंगे, लेकिन यह मौसम आम का है। दिल्ली में यह कूटनीति का प्रतीक भी है। जब सलमान खुर्शीद विदेश मंत्री थे तो वह आम खाने की दावत दिया करते थे, जिनमें ज्यादातर आम यूपी मंगाए जाते थे। हाल ही में अहमद पटेल जब दिल्ली में ममता बनर्जी से मिलने आए, तो आमों की भारी-भरकम टोकरी साथ में लाए। ममता ने भी अपने स्थानीय आयुक्त के जरिए पीएम, राजनाथ सिंह, अरुण जेटली आदि को बंगाल के आम भेजे। पश्चिम बंगाल ने हाल ही में जनपथ में आम का त्योहार आयोजित किया था। प्रधानमंत्री के सचिव भास्कर खुल्बे आमों के इस मेले में आए थे। भास्कर पश्चिम बंगाल सरकार के स्थानीय आयुक्त रह चुके हैं।

डीआरडीओ चीफ का सवाल

डीआरडीओ के प्रमुख मई के अंत में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। लेकिन अगला प्रमुख कौन होगा? सरकार सर्वसम्मति से निर्णय नहीं ले सकी है। वरिष्ठता क्रम में दूसरे स्थान पर जिनका नाम था, सेना प्रमुख उनके खिलाफ थे और एनएसए उनके लिए तैयार नहीं थे। लिहाजा अभी तक कोई फैसला नहीं हो सका है और रक्षा सचिव संजय मित्रा ही डीआरडीओ का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है।

लौटने वाले हैं अरुण जेटली

पीयूष गोयल आधिकारिक तौर पर वित्तमंत्री हैं। लेकिन नॉर्थ ब्लॉक में नामपटल - पर नाम अरुण जेटली है। जीएसटी की वर्षगांठ के दिन अरुण जेटली वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दिखाई दिए। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही मंत्रिमंडल की बैठक में भाषण भी दिया। माने संदेश बहुत स्पष्ट है - अरुण जेटली जल्द ही वापस आ रहे हैं।

ट्रांस्फर-पोस्टिंग की सुविधा का ट्रांस्फर

सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के सदस्यों की ट्रांस्फर-पोस्टिंग पहले ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष किया करते थे। अब यह काम भारत सरकार ने अपने हाथ में ले लिया है। यही नियम राष्ट्रीय कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल पर भी लागू किया गया है।

ग्रीष्मकालीन- अवकाश नहीं कामकाज

जब अदालतों का ग्रीष्मकालीन अवकाश चलता था, तो सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश छुट्टियां मनाने दिल्ली से बाहर चले जाते थे। पहली बार भारत के प्रधान न्यायाधीश ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में अपने कार्यालय में विभिन्न प्रकार के कार्यों का निपटारा किया।

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