दिल्ली के आर्क बिशप ने धर्मनिरपेक्षता के लिए बताया खतरा, राकेश सिन्हा ने कहा- वेटिकन के निर्देश पर हो रहा है दुष्प्रचार / दिल्ली के आर्क बिशप ने धर्मनिरपेक्षता के लिए बताया खतरा, राकेश सिन्हा ने कहा- वेटिकन के निर्देश पर हो रहा है दुष्प्रचार

राजनीतिक स्थिति को अशांत बताया, लोकसभा चुनाव से पहले ईसाई समुदाय से विशेष प्रार्थना की अपील।

May 22, 2018, 08:45 AM IST

नई दिल्ली. आर्क बिशप (कैथोलिक) अनिल काउटो की ओर से पिछले दिनों पादरियों को लिखे पत्र को लेकर भाजपा और आरएसएस ने पलटवार किया है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत में धर्म, संप्रदाय जैसी बातों के आधार पर भेदभाव की इजाजत नहीं है। वहीं भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने कहा कि हर क्रिंया की प्रतिक्रिया होती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्क बिशप ने ईसाई समुदाय से 2019 के चुनाव में नई सरकार के लिए विशेष प्रार्थना करने की बात लिखी है। आर्क बिशप ने 8 मई को लिखे गए पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि हर रविवार को सामूहिक प्रार्थना सभा में इसे पढ़ा जाए।

विवाद बढ़ने पर आर्क बिशप ने कहा- मैं बंटवारे की राजनीति में दखल नहीं देता

- अनिल काउटो बयान पर विवाद होने पर कहा, "सभी चर्च और संस्थानों में प्रार्थनाएं और उपवास होते हैं। हम अपनी नवचेतना और देश के लिए प्रार्थना करते हैं। देश में जो कुछ होता है, उसे ध्यान में रखते हुए, हम अगली सरकार और चुनाव को देखते हैं। हर सरकार को लोगों की और संविधान की रक्षा करनी चाहिए।"
- "मैं और क्या कहूंगा? चुनाव और सरकार के बारे में हम सोचते हैं। हमारे पास ऐसी सरकार होनी चाहिए, जो ईसाई समुदाय की आजादी, उनके अधिकारों और भलाई के लिए काम करे। मैं बंटवारे की राजनीति में दखल नहीं देना चाहता। हम सिर्फ प्रार्थना कर रहे हैं कि देश सही दिशा में चले।"

भारत में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं: राजनाथ सिंह

आर्क बिशप के भेदभाव के आरोप केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिक्रिया दी है कि भारत में धर्म, संप्रदाय जैसी बातों के आधार पर भेदभाव की इजाजत नहीं है।

दूसरे धर्मों के लोग ‘कीर्तन पूजा’ करेंगे: गिरिराज सिंह

गिरिराज सिंह ने कहा कि मैं ऐसा कोई कदम नहीं उठाउंगा जिससे सांप्रदायिक सद्भाव को हानि पहुंचे। लेकिन अगर चर्च लोगों से मोदी सरकार न आने के लिए प्रार्थना करने को कहता है तो देश को सोचना पड़ेगा कि दूसरे धर्मों के लोग ‘कीर्तन पूजा’ करेंगे।

प्रगतिशील सोच रखें आर्क बिशप: मुख्तार अब्बास नकवी
केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री धर्म और जाति से परे बिना भेदभाव सबके विकास के लिए काम कर रहे हैं। हम उन्हें (आर्क बिशव) सिर्फ प्रगतिशील सोच रखने के लिए कह सकते हैं।

शाइना ने कहा- खुद को धर्मनिरपेक्ष बताना दुर्भाग्यपूर्ण

- शाइना एनसी ने आर्क बिशप की अपील पर कहा कि आप किसी को सही प्रत्याशी या पार्टी चुनने के लिए कह सकते हैं, लेकिन किसी विशेष पार्टी को ही वोट डालने के लिए कहना गलत है। ऐसा करते हुए खुद को धर्मनिरपेक्ष बताना दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। जातियों और समुदायों को उकसाना और ऐसी कोशिश करना गलत है।

वेटिकन के इशारे पर हो रहा है दुष्प्रचार: राकेश सिन्हा
- आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा ने कहा कि ये देश के लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता पर हमला है जो वेटिकन से नियंत्रित किया जा रहा है।

वहीं, आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा ने कहा कि यह सब वेटिकन के इशारे पर हो रहा है।

आर्क बिशप ने कहा- लोकतंत्र खतरे में है

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के आर्क बिशप अनिल काउटो ने पादरियों के लिए पत्र जारी किया। इसमें देश की राजनीतिक स्थिति को अशांत बताते हुए लिखा कि, मौजूदा हालात में लोकतांत्रिक सिद्धांतों और धर्मनिरपेक्षता के लिए खतरा पैदा हो गया है। देश और राजनेताओं के लिए प्रार्थना करना हमारी पवित्र परंपरा है। लोकसभा चुनावों को देखते हुए ये बेहद महत्वपूर्ण है। 8 मई को लिखे गए पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि हर रविवार को सामूहिक प्रार्थना सभा में इसे पढ़ा जाना चाहिए।

2019 के चुनाव को देखते हुए हर शुक्रवार को विशेष प्रार्थना करें: आर्क बिशप
आर्क बिशप ने पत्र में लिखा है कि ईसाई समुदाय के लोग हर शुक्रवार को एक घंटे विशेष प्रार्थना करें और उपवास रखें। देश में शांति, समानता और स्वतंत्रता के लिए ये जरूरी है। अगले साल चुनाव होने हैं, ऐसे में हमें प्रार्थना अभियान चलाना चाहिए। हमारे धर्म संस्थापकों और संविधान के मुताबिक समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे के मूल्य हमेशा ऊंचे रहने चाहिए।

आर्क बिशप के सचिव की सफाई
इस मामले में आर्क बिशप के सचिव ने बयान जारी किया है। फादर रॉबिन्सन ने कहा है कि आर्क बिशप का पत्र राजनीतिक नहीं है, ना ही सरकार या माननीय प्रधानमंत्री के खिलाफ है। गलत जानकारी नहीं फैलाई जानी चाहिए। ये सिर्फ प्रार्थनाओं के लिए निमंत्रण है, पहले भी इस तरह के पत्र लिखे जा चुके हैं।

- वहीं बॉम्बे आर्क बिशप के प्रवक्ता फादर नाइजेल बैरेट ने कहा है कि, जब एक सरकार अपना कार्यकाल पूरा करती है और चुनाव के जरिए फिर से सरकार चुनी जाती है, तो यह नई सरकार कहलाती है। दिल्ली आर्क बिशप के पत्र में अलग सरकार की बात नहीं है बल्कि नई सरकार का जिक्र है। इसलिए मुझे इसमें कुछ गलत नहीं लगता।

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