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कूड़ा प्रबंधन: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दिल्ली में आपातकाल जैसे हालात, क्यों न कूड़ा राजनिवास के बाहर फेंका जाए

दिल्ली में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मुद्दे पर सुनवाई कर रहा शीर्ष न्यायालय

Danik Bhaskar | Aug 06, 2018, 10:07 PM IST
गाजीपुर में कूड़े के पहाड़ को गाजीपुर में कूड़े के पहाड़ को

नई दिल्ली. दिल्ली में कूड़ा प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को फिर उपराज्यपाल (एलजी) और एमसीडी को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि कूड़े के पहाड़ों की वजह से राजधानी में लगभग आपातकाल की स्थिति है और आप स्थिति को समझ ही नहीं रहे हैं। क्या ऐसे हालात में दिल्ली में कोई भी व्यक्ति जिंदा रह पाएगा? पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एलजी अनिल बैजल से कहा था कि आप तो खुद को सुपरमैन समझते हो। कितनी बैठकें कीं, इससे मतलब नहीं। यह बताएं कि कूड़ा निस्तारण की क्या योजना है?

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने जिम्मेदार अथॉरिटी से घरों से निकलने वाले कूड़े के पुख्ता इंतजामों पर योजना की पूरी जानकारी मांगी। इस दौरान एएसजी पिंकी आनंद ने बताया कि सोनिया विहार के लोग लैंडफिल साइट बनाने का विरोध कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने तल्ख शब्दों में कहा कि लोगों को हर फैसले पर सवाल उठाने का अधिकार है। वे यह भी कह सकते हैं कि निगम को उपराज्यपाल के आवास के बाहर कूड़ा फेंकना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि अथॉरिटी बताए कि क्या कूड़ा निस्तारण के लिए कोई जागरुकता अभियान चलाया गया? यह आपातकाल जैसी स्थिति है और दुर्भाग्यवश आपकी प्रतिक्रियाएं समस्या का हल करने वाली नहीं हैं।