• Home
  • National
  • ED special court declare Vijay Mallya fugitive offender
--Advertisement--

माल्या को भगोड़ा अपराधी घोषित करने के लिए ईडी ने नए कानून के तहत कोर्ट में अर्जी लगाई

ईडी ने कोर्ट से यह मांग 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश-2018' के तहत की है।

Danik Bhaskar | Jun 22, 2018, 06:25 PM IST
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के

मुंबई. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यहां विशेष अदालत में अर्जी लगाकर विजय माल्या को भगोड़ा अपराधी घोषित करने की मांग की है। जांच एजेंसी ने कोर्ट से यह भी कहा कि उसे माल्या की 12 हजार 500 करोड़ की संपत्ति जब्त करने की इजाजत दी जाए। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईडी ने कोर्ट से यह मांग 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश-2018' के तहत की है। केंद्र सरकार ने यह अध्यादेश हाल ही में जारी किया है। इसमें जांच एजेंसियों को कर्ज न चुकाने वालों की सभी संपत्तियां जब्त करने का अधिकार दिया गया है।

माल्या की संपत्ति मौजूदा कानून- प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत भी जब्त की जा सकती है, लेकिन यह तभी मुमकिन है जब माल्या मुकदमा पूरा होने पर दोषी पाया जाए। इसमें लंबा वक्त लगता, इसलिए ईडी ने नए कानून का सहारा लिया है।

दो चार्जशीट फाइल कर चुका है प्रवर्तन निदेशालय
- ईडी के अधिकारियों का कहना है कि माल्य को भगोड़ा अपराधी घोषित करने के लिए एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत माल्या के खिलाफ दर्ज दो चार्जशीट सबूत के रूप में पेश की है। इन्हीं को आधार बनाकर कोर्ट टसे मामल्या को भगोड़ा अपराधी घोषित करने की मांग की गई है। माल्या मनी लॉन्ड्रिंग के इन आरोपों को लंदन में चुनौती दे रहा है, क्योंकि भारत लगातार माल्या के प्रत्यर्पण की कोशिश में है। साथ ही माल्या 9000 करोड़ रुपए से ज्यादा बैंक लोन डिफॉल्ट मामले में यहां मुकदमों का सामना कर रहा है।

नीरव-माल्या जैसे भगोड़ों से निपटने के लिए लाया गया अध्यादेश
- भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल 2018 को लोक सभा में 12 मार्च को पेश किया गया था लेकिन सदन में गतिरोध के चलते इसे पारित नहीं कराया जा सका था। इसके बाद सरकार अध्‍यादेश लेकर आई। कैबिनेट ने 21 अप्रैल को इस अध्‍यादेश को मंजूरी दी और इस दिन राष्‍ट्रपति ने भी इस पर दस्‍तखत कर दिए। इस अध्‍यादेश के तहत मनी लॉन्ड्रिंग एक्‍ट 2002 के तहत स्‍पेशल कोर्ट किसी व्‍यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के साथ तत्‍काल उसकी संपत्तियां जब्‍त करने का आदेश दे सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही पीएनबी फ्रॉड के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी पर भी इसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।