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7 बातें दुनिया की सबसे तेज मिसाइल की- 10 साल में ध्वनि की सात गुना गति को पार कर लेगी ब्रह्मोस

यहां जानिए भारतीय मिसाइल ब्रह्मोस से जुड़ी खास बातें

dainikbhaskar.com | Last Modified - May 01, 2018, 11:52 AM IST

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न्यूज डेस्क।भारत के पास दुनिया की सबसे तेज गति से चलने वाली क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस है। ये मिसाइल ज्यादा अच्छी तकनीक वाले इंजन के साथ आने वाले दस साल में हाइपरसौनिक क्षमता हासिल कर लेगी और मैक-7 यानी ध्वनि की गति से सात गुना तेज हो जाएगी। ये जानकारी संयुक्त उपक्रम कंपनी ब्रह्मोस एयरोस्पेस के मुख्य कार्यकारी एवं प्रबंध निदेशक सुधीर मिश्रा ने पीटीआई को दी है। डीआरडीओ, आईआईटी और भारतीय विज्ञान संस्थान मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करने के प्रयास में जुटे हैं। रूसी कंपनी भी भारत के साथ इस लक्ष्य का हासिल करने के लिए काम कर रही है। यहां जानिए ब्रह्मोस से जुड़ी कुछ खास बातें...

7 से 10 साल लगेंगे हाइपरसोनिक मिसाइल बनने में

सुधीर मिश्रा के अनुसार हमें अभी से इस हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली को बनाने में करीब 7-10 साल और लगेंगे। अभी ब्रह्मोस की रफ्तार ध्वनि की गति से 2.8 गुना ज्यादा है। वर्तमान में ब्रह्मोस इंजन में कुछ सुधार कार्य क‍िए जा रहे हैं, ज‍िससे यह मैक 3.5 हास‍िल कर लेगी। उन्‍होंने यह भी बताया क‍ि हाइपरसोनिक गति को पाने के ल‍िए ब्रह्मोस म‍िसाइल के मौजूदा इंजन को बदलना होगा।

ये हैं ब्रह्मोस से जुड़ी खास बातें

1.ये मिसाइल हवा में ही मार्ग बदल सकती है और अपने लक्ष्य पर हमला कर सकती है।

2.ब्रह्मोस मिसाइल को वर्टिकल या सीधे कैसे भी प्रक्षेपक से छोड़ा जा सकता है।

3.यह मिसाइल थलसेना, जलसेना और वायुसेना हमारी तीनों सेनाओं के काम आ सकती है।

4.ब्रह्मोस 10 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है और रडार की पकड में नहीं आती है। ये ब्रह्मोस किसी भी तरह की मिसाइल पहचान प्रणाली को धोखा दे सकती है।

5.ये मिसाइल 1200 यूनिट ऊर्जा पैदा कर अपने लक्ष्य को तहस-नहस कर सकती है।

6.ब्रह्मोस की मारक क्षमता करीब 290 किलोमीटर है और यह 300 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री अपने साथ ले जा सकती है।

7.इस मिसाइल का इंजन और लक्ष्य खोजने की तकनीक रूस द्वारा विकसित की गई है। भारत ने दिशा निर्देशन, सॉफ्टवेयर, एयरफ्रेम और फायर कंट्रोल को नियंत्रित करने वाली तकनीक विकसित की है।

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