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फंड के आधार पर ऑनलाइन मनी ट्रांसफर के हैं पांच तरीके, जानिए आपके लिए कौन सा होगा आसान

फंड ट्रांसफर के लिए आरटीजीएस, एनईएफटी, आईएमपीएस और यूपीआई जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं।

Dainik Bhaskar

Jul 07, 2018, 07:30 PM IST
Five easy ways, to transfer online funds, know what is suitable for you ?
नई दिल्ली. इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से किसी दूसरे के खाते में पैसे भेजना काफी आसान हो गया गया है। मोबाइल फोन से चलते-फिरते आप दूसरे खाते में पैसा ट्रांसफर कर करते हैं। इसके लिए आपके पास आरटीजीएस, एनईएफटी, आईएमपीएस और यूपीआई जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। अगल-अगल राशि पर अलग विकल्पों का प्रयोग किया जाता है। कई बार फंड ट्रांसफर करते हम इन विकल्पों में उलझ जाते हैं। नेट बैंकिंग यूज करते समय आपके लिए कौन सा तरीका सही है। इसके बारे में हम बता रहे हैं :

RTGS (रीयल टाइम ग्रास सेटलमेंट) : आरटीजीएस फंड़ ट्रांसफर करने की सबसे तेज प्रक्रिया होती है। इसमें दो लाख रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाती है। इस प्रक्रिया के द्वारा ट्रांसफर किया गया प्रक्रिया के 30 मिनट के अंदर उस व्यक्ति के खाते में चला जाता है, जिसको आपने फंड ट्रांसफर किया है।
इस प्रक्रिया द्वारा भेजे जाने वाले फंड बैंक 30 मिनट के भीतर संबंधित खाते में डालने के लिए बाध्य होता है। आरटीजीएस की खासियत है कि अगर आपके द्वारा भेजी गई राशि उस व्यक्ति के खाते में नहीं पहुंच पाती तो दो घंटे के अंदर वापस आपके खाते में पूरे पैसे वापस आते हैं। बैंकों में आरजीएस का यूज कार्य दिवस के दिनों में सुबह 9 बजे से दोपहर 05 बजे तक होता है। वहीं शनिवार को यह सुविधा सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक के लिए होती है। इसमें आप न्यूनतम दो लाख रुपए से अधिकतम पांच लाख रुपए तक ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए तीस रुपए फीस लगती है। बैंक चाहें तो इस फीस को और भी घटा सकते हैं।

NEFT( नेशनल इलेक्ट्रानिक फंड ट्रांसफर) : यह कैश ट्रांसफर करने का आसान तरीका है, लेकिन आरटीजीएस की तरह तीव्र नहीं है। इसमें बैंकिंग कार्य दिवस के हर घंटे फंड ट्रांसफर होते हैं। एनईएफटी में न्यूनतम राशि की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। अगर कोई व्यक्ति पांच लाख रुपए से ज्यादा का फंड ट्रांसफर करता है तो इस पर 25 रुपए की फीस लगती है। आरटीजीएस और एनईएफटी में फंड ट्रांसफर करने के लिए आपको उस व्यक्ति का नाम, बैंक की ब्रांच का नाम, अकाउंट नंबर, आईएफएससी कोड होता है।

IMPS-MMID (तत्काल भुगतान सेवा) : मोबाइल बैंकिंग यूज करने वाले ग्राहक ही इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए ग्राहक के पास अपने मोबाइल नंबर के साथ 7 अंकों का एमएमआईडी नंबर होना जरूरी है। इस सुविधा का लाभ 24 घंटे और सातों दिन लिया जा सकता है। आईएमपीएस सुविधा का लाभ लेने के लिए पैसे चुकाने पड़ते हैं। एसबीआई ने इसमें प्रति ट्रांजेक्शन पांच रुपए की फीस लगती है। IMPS-MMID से पैसे पाने के लिए आपको पैसे भेजने वाले से अपना मोबाइल और एमएमआईडी नंबर शेयर करना होता है। इसके लिए बैंक अपने सभी ग्राहकों को 7 अंकों का एमएमआईडी नंबर खाता खोलते समय देता है। अगर आपको किन्हीं कारणों से नंबर नहीं मिल पाया तो बैंक में जाकर एक फार्म भरना होता है। जिसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एमएमआईडी नंबर आ जाएगा।

UPI ( यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस) : इसके ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर पर जाकर मोबाइल में डाउनलोड कर सकते हैं। इसके जरिए एक दिन में 50 रुपए से लेकर एक लाख तक कैश ट्रांसफर किया जा सकता है। यूपीआई चौबीस घंटे- सातों दिन काम करता है। यूपीआई एक वर्चुअल आईडी से दूसरे वर्चुअल आईडी तक फंड ट्रांसफर करता है। इसके लिए आपको अपनी वर्चुअल आईडी बैंक से लेनी होती है।

इंटर बैंक इंटर अकाउंट मनी ट्रांसफर : इसमें पैसों का लेनदेन बैंक के नेटवर्क के बीच में ही होता है। यह सिस्टम रीयल टाइम आधार पर काम करता है। इसके द्वारा खाताधारक किसी भी समय अपने उसी बैंक में तीसरे व्यक्ति के खाते में पैसा ट्रांसफर कर सकता है। रीयल टाइम सिस्टम के जरिए ट्रांसफर की गई राशि उस अकाउंट में तुरंत क्रेडिट हो जाती है। इसमे पैसे ट्रांसफर की कोई लिमिट नहीं होती। इस सुविधा के लिए बैंक कोई चार्ड भी नहीं लेते।
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