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कांग्रेस की सरकार से 9% कम में खरीदे राफेल, 2011 में तय हुई थी 813 करोड़ कीमत, हमने 739 करोड़ में किया समझौता

4 वर्ष पहले
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- अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल ने सरकार पर राफेल डील को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे

-  रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने राफेल डील के बारे में लोकसभा में झूठ बोला

 

नई दिल्ली.  मोदी सरकार ने राफेल डील की कीमतों के बारे में गलत जानकारी देने वाले कांग्रेस के आरोपों को नकार दिया। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि 2011 में कांग्रेस के शासन में हुई डील में एक राफेल जेट की कीमत 813 करोड़ रुपए रखी गई थी। 2016 में हमारी सरकार के दौरान हुए समझौते में इसकी कीमत 739 करोड़ रुपए तय हुई। जो यूपीए सरकार की कुल कीमत से 9%  कम है। हर विमान पर 67 करोड़ रुपए की बचत होगी। 

रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को ट्विटर पर कहा,  "एके एंटनी 8 साल तक देश के रक्षामंत्री थे, वे देश के रक्षा क्षेत्रों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को समझते हैं। लेकिन जब एक पार्टी किसी परिवार के इर्द गिर्द हो जाती है, तो सभी नेताओं को भीड़ की तरह ही बोलना पड़ता है। 2004 से 2014 तक कांग्रेस की सरकार भ्रष्टाचार से ग्रस्त थी। आज जब हम ईमानदारी से काम कर रहे हैं। देश विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्था बन रही है। राहुल ने राफेल डील के बारे में लोकसभा में झूठ बोला। फ्रांस के राष्ट्रपति से बातचीत को लेकर बोले गए झूठ ने तो मनमोहन सिंह और आनंद शर्मा को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। राहुल को देश की संवेदनशील मुद्दों की कितनी समझ हैं? जनता ये समझ गई है।"

 

राहुल ने राफेल विमान की कीमत बताने की मांग की : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील में कई बार मोदी सरकार पर घोटाले का आरोप लगा चुके हैं। उनकी मांग थी कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण फ्रांस से खरीदे जा रहे 36 राफेल विमानों के दाम बताएं। शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल ने कहा था- ''रक्षा मंत्री कहती हैं कि फ्रांस के साथ करार के चलते वे दाम नहीं बता सकतीं। हालांकि, फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुझे बताया कि ऐसा कोई करार भारत-फ्रांस के बीच नहीं है जो कहे कि आप हवाई जहाज के दाम नहीं बता सकते। प्रधानमंत्री के दबाव में आकर निर्मला सीतारमण ने देश से झूठ बोला।’’

 

राहुल के दावों का फ्रांस ने खंडन किया था: फ्रांस सरकार ने कहा कि हमारे राष्ट्रपति ने एक इंटरव्यू में पहले ही साफ कर दिया था कि राफेल डील संवेदनशील है। समझौते की शर्तों के तहत इसकी कीमत का खुलासा नहीं कर सकते। फ्रांस सरकार के जवाब पर राहुल ने कहा था- ''मैं अपने बयान पर कायम हूं। अगर वे (फ्रांस के राष्ट्रपति) इसे नकारना चाहते हैं तो इसे नकारते रहें। उन्होंने (फ्रांस के राष्ट्रपति) ये मेरे सामने कहा था। मैं वहां पर था। आनंद शर्मा और डॉ. मनमोहन सिंह भी मौजूद थे।''

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