पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

आपको नहीं मिल पाया फार्म-16 तो इस तरह भरें इनकम टैक्स रिटर्न

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

नई दिल्ली.  इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय फार्म- 16 भरना अनिवार्य किया गया है। इसमें आपकी सैलरी, भत्ते और अन्य तरह के आय- व्यय के बारे में जानकारी देनी होती है। लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि आपके फार्म-16 नहीं मिल पाता। ऐसे में आपको फार्म-16 के बिना किस तरह से इनकम टैक्स रिटर्न भरना है। इनकम टैक्स एक्सपर्ट राघव खुराना बता रहे हैं पांच आसान तरीके :

 

1. सैलरी स्लिप संभाल कर रखें : करदाता को अपनी साल भर की सैलरी स्लिप इकट्ठी कर लेनी चाहिए। जिससे आपकी साल भर की आय का विवरण मिल सके। सैलरी स्लिप ना होने पर बैंक से ई- स्टेटमेंट निकाल लें। आपकी सैलरी स्लिप में आपको मिलने वाले वेतन, भत्तों, और सुविधाओं के बारे में जानकारी मिलती है। यह जानकारी आयकर विभाग के सामने पेश करनी होती है। वेतन/ पेंशन, भत्तों, टैक्स भत्ते, कंपनी से मिलने वाली आय-व्यय पर फार्म-16 के तहत टैक्स छूट मिलती है।


2. टीडीएस का विवरण रखें : करदाता को फार्म26एएस के तहत सारी जानकारी इकट्टी कर लेनी चाहिए। जिसमें वेतन से की गई टैक्स कटौती के साथ ही अन्य टीडीएस का इसमें विवरण होता है। जिस पर करदाता टैक्स छूट का दावा कर सकता है।

 

3. टैक्स छूट के विवरण : आपको वो सभी दस्तावेज तैयार कर लेनी चाहिए जो आपको टैक्स छूट में राहत देते हैं। जैसे- मकान किराया, परिवहन भत्ता, चिकित्सा भत्ते के दस्तावेज रखना चाहिए। इनके आधार पर टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। 

 

4. 80सी और सीसीडी की छूट : आयकर अधिनियम की इन धाराओं के तहत आपको मिलने वाली टैक्स छूट के दस्तावेजों को तैयार कर लें। इसमें किराए से होने वाली आय, जिसमें 2 लाख रुपए तक टैक्स छूट है। आपने कोई एफडी कराई है तो इसकी और  प्रापर्टी किराए से होने वाली आमदनी के दस्तावेज रखें। 

 

5. अंत में क्या करें : सभी तरह के आय के स्त्रोतों से अपना कुल आय-व्यय का ब्यौरा रखें। इसमें पेंशन,एफडी, लॉटरी, इनाम में मिली रकम आय हो सकती है। इन स्टेप्स को पूरा करने के बाद आप अपनी कुल आय से टैक्स के दायरे में आने वाली रकम को घटा लें। अब जिनकी आय पर आपको टैक्स देना है उतनी राशि जमा कर लें। अगर आपकी कुल देनदारी फार्म-1626एएस में चुुकाए टैक्स से अधिक है तो आप इनकम टैक्स विभाग को कर चुकाएं।

इन सभी शर्तों को पूरा कर लेने के बाद आप फार्म-16 के बगैर भी इनकम टैक्स फाइल कर सकते हैं। आईटीआर फाइल करने के 120 दिन बाद आपको इसे वैरिफाई करना होगा।    

 

खबरें और भी हैं...