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पहली बार बाढ़ का पूर्वानुमान जारी कर सकेगा मौसम विभाग, नए सिस्टम का टेस्ट जारी

अभी केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) बाढ़ की चेतावनी जारी करता है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 11, 2018, 07:34 AM IST

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    मौसम विभाग के महानिदेशक ने बताया कि नए सिस्टम के जरिए हम अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग बाढ़ का पूर्वानुमान जारी कर सकते हैं। - सिम्बॉलिक इमेज

    • मौसम विभाग एफएफजीएस सिस्टम की मदद से बाढ़ का पूर्वानुमान जारी कर सकेगा
    • विभाग के डायरेक्टर ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों की मिट्टी का अध्ययन इस पूर्वानुमान में मददगार होगा


    नई दिल्ली.नए सिस्टम और मिट्टी के परीक्षण के आंकड़ों की मदद से भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) जल्द ही बाढ़ का पूर्वानुमान भी जारी कर सकेगा। आईएमडी के महानिदेशक केजे रमेश ने कहा कि हम फ्लैश फ्लड गाइडेंस सिस्टम (एफएफजीएस) की मदद से इस सर्विस को लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि ये अगले महीने से काम करना शुरू कर दे। उन्होंने बताया कि पहली बार एफएफजीएस की मदद से ये सर्विस शुरू की जाएगी। बता दें कि अभी केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) बाढ़ की चेतावनी जारी करता है।

    भौगोलिक परिस्थितियों और मिट्टी का अध्ययन होगा अहम

    - केजे रमेश के मुताबिक, बाढ़ की चेतावनी जारी करने के साथ ही इस सिस्टम की मदद से सीडब्ल्यूसी और संबंधित एजेंसियों को बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने के संबंध में भी सुझाव दिए जा सकेंगे।
    - उन्होंने बताया, "देश के विभिन्न हिस्सों में पाई जाने वाली मिट्टी का अध्ययन किया जाएगा और ये पता लगाया जाएगा कि वे कितना पानी सोखती हैं। इससे बारिश का पूर्वानुमान जारी करने के साथ ये भी पता चल सकेगा कि कितना पानी मिट्टी ने सोखा और नदियों, नालों और दूसरी जल प्रणालियों में पानी जाने के बाद कितना बाकी रह गया, जिसकी वजह से बाढ़ की स्थितियां बन सकती हैं।'
    - उन्होंने बताया देश के हर हिस्से में मिट्टी के अध्ययन के आंकड़े हमारे पास पहले से ही मौजूद हैं। इसके अलावा बाढ़ का पूर्वानुमान जारी करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के तापमान और वर्षानुमानों का आधार भी एफएफजीएस में होगा।

    हर क्षेत्र के लिए अलग पूर्वानुमान

    - आईएमडी के महानिदेशक ने कहा, "नए सिस्टम के जरिए हम अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग बाढ़ का पूर्वानुमान जारी कर सकते हैं। इसके लिए उनकी भौगोलिक स्थितियों के अध्ययन और वर्षा के पूर्वानुमान से मदद मिलेगी। इसके अलावा राज्य और जिला स्तर पर किसान संगठन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी बचाव के लिए उचित दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।"

    - "अभी मौसम विभाग केवल भारी बारिश की चेतावनी जारी करता है। भविष्य में मिट्टी के परीक्षण के आधार पर बाढ़ का पूर्वानुमान भी जारी किया जा सकेगा। राजस्थान और मध्यप्रदेश की मिट्टी में सोखने की क्षमता ज्यादा है, यहां 10-20 सेंटीमीटर बारिश की वजह से बाढ़ आना मुश्किल है। लेकिन, उत्तराखंड जैसे राज्यों में जहां कि मिट्टी कम पानी सोखती है, वहां अगर इतनी ही बारिश होती है तो इसकी वजह से बाढ़ आ सकती है।"

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    अभी मौसम विभाग बारिश का पूर्वानुमान जारी करता है।
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