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भाजपा का 2019 में पिछली बार से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य, 2014 में दूसरे नंबर पर रही 90 सीटों पर निगाह

मुहिम सफल करने के लिए पार्टी हाईकमान ने डेढ़ दर्जन केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Apr 24, 2018, 05:58 PM IST

  • भाजपा का 2019 में पिछली बार से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य, 2014 में दूसरे नंबर पर रही 90 सीटों पर निगाह
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    भाजपा की निगाह उन 142 सीटों पर भी है, जहां आज तक उसका खाता नहीं खुला। (फाइल)

    • भाजपा 2019 आम चुनाव में अपने 'हर बूथ-दस यूथ' के फॉर्मूले को देश भर में लागू करेगी।
    • भाजपा ने 2014 आम चुनाव में 282 सीटें जीती थीं। हालांकि, अब 274 सीटें ही हैं।

    नई दिल्ली.अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा की कोशिश 2014 से अधिक सीटें जीतने की है। इसी के मद्देनजर उसने उन 90 सीटों पर भी जीतने की कवायद शुरू कर दी है, जिनमें 2014 में वह दूसरे नंबर पर रही थी। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए पार्टी हाईकमान ने करीब 20 केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को लगाया है। एक-एक मंत्री या नेता को 5-5 सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    अमित शाह ने शुरू किए राज्यों के दौरे
    - भाजपा के एक नेता का दावा है कि इसी रणनीति के तहत, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अप्रैल से अलग-अलग राज्यों की 5-5 लोकसभा सीटों का दौरा करना शुरू किया है। अप्रैल के पहले सप्ताह में शाह ने ओडिशा की 5 लोकसभा सीटों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने और बूथ प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित करने को कहा। साथ ही रोड शो के जरिए आम लोगों से संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया।
    - शाह ने 21 अप्रैल को उत्तर प्रदेश का दौरा किया और रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ सीटों के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को भी संबोधित किया।

    केरल में भी खाता खोलने की तैयारी
    - भाजपा अध्यक्ष मई के दूसरे सप्ताह में राजस्थान का दौरा करेंगे। बता दें कि राजस्थान में हाल ही में लोकसभा की दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था।
    - भाजपा नेता के अनुसार, इसके अलावा पार्टी की निगाह उन 142 सीटों पर भी है, जहां आज तक उसका खाता नहीं खुला। ये सीटें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से हैं। हालांकि उनका कहना है कि इनमें से कुछ सीटों पर पार्टी की स्थिति पहले से बेहतर हुई है।

    - केरल में भाजपा आज तक एक भी सीट नहीं जीती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) वहां लंबे समय से काम कर रहा है। उसको भरोसा है कि 2019 में भाजपा का केरल में भी खाता खुलेगा।

    देश भर में लागू करेगी 'हर बूथ-दस यूथ' का फॉर्मूला
    - अपनी योजना में भाजपा ने उन दो करोड़ मतदाताओं को भी शामिल किया है, जिनका जन्म 2000 में हुआ है और वे 2019 में पहली बार वोट डालेंगे। भाजपा इसके तहत अपने 'हर बूथ-दस यूथ' के फॉर्मूले को देश भर में लागू करेगी।
    - भाजपा ने दलितों, आदिवासियों और ग्रामीण महिलाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए 'ग्राम स्वराज' अभियान शुरू किया है। इसके तहत उन 21,058 गांवों का चुना गया है, जहां दलित अच्छी-खासी संख्या में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी सांसदों, विधायकों और नेताओं को इन गावों में 2-2 रातें गुजारने को कहा है।
    - जमीनी और बूथ स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए भाजपा ने 'शक्ति केंद्रों' के गठन की पहल को तेजी से बढ़ाया है। इस काम में पन्ना प्रमुखों की भूमिका अहम होगी।

    5-5 सीटों की जिम्मेदारी

    - एक-एक मंत्री या नेता को 5-5 सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिन केंद्रीय मंत्रियों या पार्टी नेताओं को प्रभारी बनाया गया है, उनमें रविशंकर प्रसाद, जय प्रकाश नड्‌डा, धर्मेंद्र प्रधान, प्रकाश जावड़ेकर, मनोज सिन्हा, नरेंद्र सिंह तोमर, पीपी चौधरी, गजेंद्र सिंह शेखावत आदि शामिल हैं।

  • भाजपा का 2019 में पिछली बार से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य, 2014 में दूसरे नंबर पर रही 90 सीटों पर निगाह
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    अमित शाह ने अप्रैल से अलग-अलग राज्यों की 5-5 लोकसभा सीटों का दौरा करना शुरू कर दिया है। (फाइल)
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