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आयकर विभाग ने बताए इनकम के पांच सोर्स, इन्हीं के आधार पर भरना होगा इनकम टैक्स रिटर्न

अगर आपने 31 जुलाई तक आईटीआर नहीं भरा तो पांच हजार का जुर्माना होगा।

Dainik Bhaskar

Jul 10, 2018, 08:10 PM IST
आपके मकान, प्लाट फार्म हाउस और आपके मकान, प्लाट फार्म हाउस और

यूटिलिटी डेस्क. सीबीडीटी ने इनकम रिटर्न फार्म पांच अप्रैल को जारी कर दिए थे जिसके बाद आयकर विभाग ने सात तरह के इनकम टैक्स रिटर्न फार्म जारी किए हैं। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ITR भरने की केवल 20 दिन बचे हैं। अगर आपने 31 जुलाई तक आईटीआर नहीं भरा तो आपको पांच हजार का जुर्माना भी हो सकता है। इनकम विभाग ने आपके आय के स्त्रोत को परिभाषित किया है। इसके आधार पर हम बता रहे हैं कि आपको कौन सा ITR भरना है। साथ ही आपको कौन सा फार्म नहीं भरना है यह भी जानकारी दे रहे हैं :

पांच तरह की होती है इनकम
1. सैलरी या पेंशन
- नियोक्ता को मिलने वाली सैलरी आय मानी जाती है। अगर नियोक्ता रिटायर्ड कर्मचारी है तो उसे मिलने वाली पेंशन उसकी आय है।

2. पूंजीगत लाभ- इक्विटी, म्यूचुअल फंड, सोना, एनसीडी, बॉड और रियल स्टेट में लगी पूंजी से मिलने वाला रिटर्न आपकी आय माना जाता है।

3. मकान और प्रापर्टी से आय- आपके मकान, प्लाट फार्म हाउस और रियट स्टेट से होने मिलने वाला लाभ आपकी आय है।

4. नौकरी/ कारोबार- नौकरी में मिलने वाला वेतन या किसी पेशे से मिलने वाला धन आपकी आय है। जैसे स्कूल टीचर और फैशन डिजाइनर दोनों पेशा हैं।
5. अन्य स्त्रोत- इनके अलावा जिन अन्य तरीके से आपके पास पैसे आते हैं उसे आय के अन्य स्त्रोतों में गिना जाता है। जैसे- लॉटरी खुलना, पुरस्कार राशि आपकी आय हैं। इनमें से एक या एक से अधिक स्त्रोतों से होने वाली इनकम आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए से ज्यादा है तो आपको टैक्स देना होगा।

कौन सा फार्म किसे भरना है ?

1. किसके लिए है ITR फार्म -1 : जिन इंडिविजुअल को वेतन, प्रॉपर्टी किराए और पेंशन से आय प्राप्त होती है उनके लिए ITR- फार्म -1 सहज है। जिन लोगों की इन सोर्स से 50 लाख तक सालाना आय है वही इस फॉर्म को भर सकते हैं। इससे अधिक आय वाले इस फॉर्म को नहीं भर सकते।

कौन ना करे ITR-1 सहज का प्रयोग
1. अगर आप भारतीय एनआरआई हैं।
2. आपकी आय 50 लाख से अधिक है।
3. अगर आपके पास विदेश में संपत्ति है।
4. अगर आपको व्यापार और किसी पेशे से आय हो रही है।
5. अगर आपकी आय खेती से पांच लाख रुपए से ज्यादा है।
6. अगर आपको एक से अधिक प्रॉपर्टी से लाभ मिल रहा है।
7. अगर आपको लॉटरी और ईनाम से बड़ी राशि मिली है।

2. किसके लिए है ITR फार्म -2 : ऐसे इंडिविजुअल जिनको पेंशन,सैलरी, प्रॉपर्टी किराए, लॉटरी, निवेश के ब्याज और साझे कारोबार से आय प्राप्त हो रही है। इसके अलावा जिनको विदेशी संपत्ति और विदेश से अन्य तरीके से आय प्राप्त होती है। उनको ITR- 2 फॉर्म भरना होगा।


कौन ना करे ITR-2 का प्रयोग
1. अगर आपको व्यापार से आय होती है।
2. किसी प्रापर्टी से किराया मिलता है।
3. कॉमर्शियल, रेंटल, लीज से आय होती है।


3.किसके लिए है ITR फार्म -3 : जिन इंडिविजुअल को व्यापार और पेशे से या फिर सैलरी और पेंशन से आय होती है। इसके अलावा एक से अधिक प्रापर्टी के पूंजी निवेश से, विदेशों से,साझा कारोबार समेत अन्य स्त्रोतों से आय प्राप्त होती है। ऐसे इंडिविजुअल फार्म ITR-3 का प्रयोग करें।


कौन ना करे ITR-3 का प्रयोग
1.ऐसे कोई नियम निर्धारित नहीं हैं जिनके आधार पर कोई व्यक्ति आईटीआर फार्म- नहीं भर सकता।

4. किसके लिए है ITR फार्म - 4 : वित्त वर्ष 2018-19 में आईटीआर 4-एस का नाम बदलकर आईटीआर- 4 कर दिया गया है। यह अतिरिक्त शर्त के साथ आईटीआर-1 की तरह है। जिसमें व्यापार और पेशे से आय वाले लोग (धारा 44 एडी, सेक्शन 44 एडीए और धारा 44 एई के तहत इस फॉर्म का उपयोग कर सकते हैं। जिन इंडिविजुअल की आय 50 लाख से कम है और वो व्यवसाय या किसी पेशे से आय प्राप्त करते हैं वो इसको भर सकते हैं। जिनको कारोबार, प्रापर्टी, लॉटरी से आय प्राप्त होती है। वो इस फार्म को भर सकते हैं।

कौन ना करे ITR-4 का प्रयोग
1.जिनकी आय पचास लाख से कम है।
2. जिनके बिजनेस का सालाना टर्न- ओवर दो करोड़ है।
3. जिनकी विदेश में संपत्ति है।
4. जिनको विदेश से आय प्राप्त होती है।
5. जिनकी आय कृषि से 5 लाख रुपए से ज्यादा है।
6. जिनकी आय एक से अधिक प्रॉपर्टी से होती है।
7. जिनकी लॉटरी लगी है या ईनाम में बड़ी राशि मिली है।

5. किसके लिए है ITR फार्म - 5 : यह फार्म किसी इंडिविजुअल को नहीं भरना है। यह फॉर्म उन संस्थानों के लिए है जिन्होंने खुद को फर्म, LLPs, AOPs, BOIs के रूप में पंजीकृत करा रखा है।

6. किसके लिए है ITR फॉर्म 6 : यह भी कंपनियों के लिए है। इसके दायरे में ऐसी कंपनियां आती हैं जिनको इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 11 के तहत छूट नहीं मिलती। उन्हें ITR-6 फॉर्म भरना होता है।


किसके लिए है ITR फार्म - 7: यह फॉर्म इंडिविजुअलस और कंपनियों दोनों के लिए है। इसका लाभ वो इंडिविजुअल और कंपनियां दोनों ले सकते हैं जो सेक्शन 139(4A) या सेक्शन 139(4B) या सेक्शन 139(4C) या सेक्शन 139(4D) के तहत रिटर्न भरते हैं।

घर बैठे भरें ऐसे भरें ITR फॉर्म
1. http://www.incometaxindiaefilling.gov.in पर जाएं
2. यूजर आईडी, पासवर्ड और डेट ऑफ बर्थ फिल करें।
3. लॉगइन करें इनकम टैक्‍स रिटर्न ऑप्‍शन पर क्लिक करें।
4. आईटीआर फॉर्म नाम, आकलन वर्ष और सबमिशन मोड़ का चयन करें
5. डिटेल भरकर ‘सबमिट ’ बटन पर क्लिक करें।
6. आपकी आईटीआर सफलतापूर्वक जमा कर दी गई है। मैसेज आ जाएगा। ITR-V मिल जाएगा।

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