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भारत-चीन-पाकिस्तान में त्रिपक्षीय वार्ता रचनात्मक विचार; ये आइडिया भारतीय दोस्तों ने ही दिया- चीनी राजदूत

पाकिस्तान के साथ बातचीत पर भारत अपना पक्ष साफ कर चुका है कि आतंकवाद और बातचीत दोनों साथ-साथ नहीं हो सकते।

Dainik Bhaskar

Jun 18, 2018, 03:49 PM IST
शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के द शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के द

नई दिल्ली. चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने कहा कि भारत, पाकिस्तान और चीन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता बेहद रचनात्मक विचार है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि ये अभी ना हो, लेकिन भविष्य के लिए ये अच्छा विचार है। लुओ सोमवार को नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वुहान में हुई मुलाकात के विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ भारतीय दोस्तों ने मुझे इस तरह की बातचीत का आइडिया दिया है। चीन, रूस और मंगोलिया के नेता भी ऐसा कर चुके हैं।


चीन के राजदूत ने कहा, "डोकलाम विवाद का असर भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों पर नहीं पड़ेगा। सीमा विवाद को सुलझाने के लिए ऐसा हल ढूंढा जाए, जो दोनों पक्षों को मंजूर हो। इसके लिए विशेष प्रतिनिधियों की बैठक होनी चाहिए और विश्वास बढ़ाने के लिए कदम उठाने चाहिए। मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन अब हमें इन छोटे-छोटे मतभेदों को सहयोग बढ़ाकर नियंत्रित करना चाहिए। हम एक और डोकलाम विवाद नहीं चाहते।"

इस साल दो बार और मिल सकते हैं मोदी-जिनपिंग
- लुओ ने कहा कि डोकलाम के बाद से भारत और चीन के बीच लगातार उच्चस्तरीय बातचीत हो रही है। मोदी और जिनपिंग के बीच पिछले दो महीने में दो बार मुलाकात हुई। दोनों के इस साल के अंत तक ब्रिक्स और जी-20 सम्मेलन के दौरान भी मिलने की संभावना है।
- मोदी ने 27-28 अप्रैल को वुहान में जिनपिंग से अनौपचारिक मुलाकात की थी। इसके बाद वे 9 जून को शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान चीन के राष्ट्रपति से मिले थे।

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