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सैन्य खर्च में फ्रांस को पीछे कर टॉप-5 देशों में शामिल हुआ भारत, लेकिन चीन से 3.6 गुना कम है बजट

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में भारत के सैन्य खर्च में 5.5 बढ़ोतरी हुई है।

Dainik Bhaskar

May 02, 2018, 09:26 PM IST
India reaches 5th spot in top military spenders amid US and China at top

  • सैन्य खर्च में दुनिया के टॉप पांच देशों में अमेरिका पहले और चीन दूसरे स्थान पर है।
  • रूस ने 2016 के मुकाबले 2017 में सैन्य खर्च में 20 % की कटौती की है।

नई दिल्ली. सैन्य खर्च के मामले में भारत दुनिया के टॉप-5 देशों में शामिल हो गया है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) ने बुधवार को सैन्य मामलों में सबसे ज्यादा खर्च करने वाले देशों की एक लिस्ट जारी की है। इसमें फ्रांस की जगह भारत पांचवें स्थान पर रखा गया है। लेकिन, चीन के मुकाबले भारत का सैन्य खर्च 3.6 गुना कम है। सिप्री के मुताबिक, रक्षा क्षेत्र में खर्च के मामले में अमेरिका और चीन अभी भी पहले और दूसरे नंबर पर हैं।

2017 में दुनिया का सैन्य खर्च बढ़कर 115 लाख करोड़ पहुंचा
- पिछले साल दुनियाभर के सैन्य खर्च में 2016 के मुकाबले 1.1% की बढ़ोतरी देखी गई। ये आंकड़ा कुल 1.73 ट्रिलियन डॉलर्स (करीब 115 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंच गया है। ये दुनियाभर की जीडीपी का 2.2% है। बता दें कि 2016 में कुल सैन्य खर्च 1.68 ट्रिलियन डॉलर्स था।

सैन्य खर्च के मामले में टॉप-10 देश

देश कुल सैन्य खर्च* (रुपए)
अमेरिका 40 लाख 68 हजार करोड़
चीन 15 लाख 19 हजार करोड़
सऊदी अरब 4 लाख 60 हजार करोड़
रूस 4 लाख 40 हजार करोड़
भारत 4 लाख 26 हजार करोड़
फ्रांस 3 लाख 86 हजार करोड़
ब्रिटेन 3 लाख 13 हजार करोड़
जापान 3 लाख 3 हजार करोड़
जर्मनी 2 लाख 95 हजार करोड़
दक्षिण कोरिया 2 लाख 61 हजार करोड़

रिपोर्ट: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट।

रूस ने सैन्य खर्च में 20 फीसदी की कटौती की
- रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन, भारत और सऊदी अरब जैसे देश लगातार अपने सैन्य खर्च को बढ़ा रहे हैं। पिछले साल चीन ने अपना सैन्य खर्च 5.6% (करीब 80 हजार करोड़ रुपए) तक बढ़ाया है। 2017 में चीन का कुल सैन्य खर्च 15 लाख 19 हजार करोड़ रहा।
- वहीं, खर्च कम करने के मामले में रूस सबसे आगे रहा। रूस ने 2016 में खर्ची गई राशि के मुकाबले 2017 में 20% कम सैन्य खर्च किया। पिछले साल रूस का कुल सैन्य खर्च 66.3 बिलियन डॉलर्स (करीब 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए) तक सीमित कर दी है।


सैन्य खर्च में फ्रांस से आगे भारत, लेकिन चीन से 3.6 गुना कम
- वहीं, भारत ने भी पिछले साल अपना सैन्य खर्च 5.5% तक बढ़ाया है। भारत ने 2017 में 63.9 बिलियन डॉलर्स (करीब 4 लाख 26 हजार करोड़ रुपए) खर्च किए।

- हालांकि, भारत का कुल सैन्य खर्च चीन के मुकाबले 3.6 गुना कम है। 2017 में चीन का खर्च 15 लाख 19 हजार करोड़ रहा, वहीं भारत ने अपना बजट 4 लाख 26 हजार करोड़ रूपए रखा था।


चीन से तीन गुना अमेरिका का सैन्य खर्च
- रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में अमेरिका ने अपनी मिलिट्री पर 610 बिलियन डॉलर्स (40 लाख 65 हजार करोड़ रुपए) खर्च किए हैं। ये आंकड़ा टॉप-5 देशों के कुल सैन्य खर्च से भी ज्यादा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल के डायरेक्टर ऑडे फ्लयूरांट के मुताबिक, 2010 से ही अमेरिका ने अपने सैन्य खर्च में कमी की थी, लेकिन 2017 में ये एक बार फिर अपने बढ़े हुए स्तर पर लौटी है। उन्होंने 2018 में भी देश का सैन्य खर्च बढ़ने की आशंका जताई।

भारत में सैन्यकर्मियों की तनख्वाह में ही खर्च हो जाता है सैन्य खर्च
- मीडिया कंपनी ब्लूमबर्ग ने नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस में रिसर्च फेलो लक्ष्मण कुमार के हवाले से बताया कि भारत में सैन्य खर्च का बड़ा हिस्सा सैन्यकर्मियों की जरूरतों को पूरा करने में चला जाता है। इसलिए नए और आधुनिक साजो-सामान खरीदने के लिए सेना के पास ज्यादा फंड नहीं बचता। लक्ष्मण के मुताबिक, भारत में सैन्य खर्च बढ़ने के बावजूद सेना को आधुनिक हथियार नहीं मिल पा रहे। इसके बजाय बजट का ज्यादातर हिस्सा सैन्यकर्मियों की तनख्वाह और पेंशन को ही निपटाने में खर्च हो जाता है। बता दें कि भारतीय सेना में करीब 14 लाख सैन्यकर्मी काम कर रहे हैं। इसके अलावा करीब 20 लाख रिटायर्ड सैन्यकर्मियों की जरूरत भी इसी सैन्य खर्च के जरिए पूरी की जाती है।
- इसी साल मार्च में आर्मी स्टाफ के वाइस-चीफ जनरल शरत चंद ने संसदीय समिति को बताया था कि सेना को मिलने वाले बजट का करीब 63 फीसदी हिस्सा सिर्फ कर्मचारियों की तनख्वाह में ही खर्च हो जाता है। सिर्फ 14 फीसदी ही सेना के आधुनिकीकरण में खर्च हो पाता है।

India reaches 5th spot in top military spenders amid US and China at top
चीन और भारत के सैन्य खर्च में बढ़ोतरी के चलते लगातार 29वें साल एशिया का सैन्य खर्च बढ़ा है।  (फाइल) चीन और भारत के सैन्य खर्च में बढ़ोतरी के चलते लगातार 29वें साल एशिया का सैन्य खर्च बढ़ा है। (फाइल)
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सैन्य खर्च का छोटा हिस्सा ही नया साजो-सामान खरीदने और आधुनिकीकरण में खर्च होता है। (फाइल) एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सैन्य खर्च का छोटा हिस्सा ही नया साजो-सामान खरीदने और आधुनिकीकरण में खर्च होता है। (फाइल)
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India reaches 5th spot in top military spenders amid US and China at top
चीन और भारत के सैन्य खर्च में बढ़ोतरी के चलते लगातार 29वें साल एशिया का सैन्य खर्च बढ़ा है।  (फाइल)चीन और भारत के सैन्य खर्च में बढ़ोतरी के चलते लगातार 29वें साल एशिया का सैन्य खर्च बढ़ा है। (फाइल)
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सैन्य खर्च का छोटा हिस्सा ही नया साजो-सामान खरीदने और आधुनिकीकरण में खर्च होता है। (फाइल)एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सैन्य खर्च का छोटा हिस्सा ही नया साजो-सामान खरीदने और आधुनिकीकरण में खर्च होता है। (फाइल)
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