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उ.कोरिया को परमाणु तकनीक मुहैया कराने के लिए हमारे पड़ोसी की भूमिका की जांच हो: ट्रम्प-किम समिट पर भारत

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 09:49 PM IST

कई वैज्ञानिक दावा कर चुके हैं कि पाकिस्तान ने ही उत्तर कोरिया को 2005 में परमाणु तकनीक मुहैया कराई थी।

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  • उत्तर कोरिया पिछले कई सालों से परमाणु कार्यक्रम के प्रसार में जुटा था
  • उत्तर कोरिया तक परमाणु हथियार पहुंचाने के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार मानता है भारत

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की मुलाकात को विदेश मंत्रालय ने एक सकारात्मक कदम बताया। दोनों देशों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद मंत्रालय ने कहा कि भारत कोरियाई प्रायद्वीप पर बातचीत और कूटनीति के जरिए शांति स्थापित करने के पक्ष में है। उम्मीद है कि प्योंग्यांग तक परमाणु तकनीक पहुंचाने में भारत के पड़ोसी देश की भूमिका की जांच होगी। बता दें कि उत्तर कोरिया तक परमाणु हथियार पहुंचाने के लिए भारत पाकिस्तान को जिम्मेदार मानता है। कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में इस बात का दावा भी किया गया है कि 2003 में उ. कोरिया के परमाणु अप्रसार संधि से पीछे हटने का कारण पाकिस्तान से मिलने वाली मदद ही थी।

पाक और उ. कोरिया के रिश्तों के जांच की मांग

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया- ''हमें उम्मीद है कि अमेरिका और कोरिया के बीच हुए समझौतों को ठीक से लागू किया जाएगा। ताकि प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता कायम की जा सके। साथ ही यह भी आशा है कि कोरियाई प्रायद्वीप के मुद्दा जब भी सुलझेगा तो इस बात की जांच होगी कि उत्तर कोरिया के परमाणु प्रसार के तार भारत के पड़ोस से जुड़े हैं।
- बता दें कि भारत लंबे समय से किम शासन तक परमाणु संबंधों की जांच करने और उसके जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की बात कहता रहा है।

पाकिस्तान ने गुपचुप तरीके से परमाणु तकनीक उ. कोरिया पहुंचाई
- कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जाता रहा है कि पाकिस्तान ने गुपचुप तरीके से उत्तर कोरिया को परमाणु क्षमता बढ़ाने वाली तकनीक मुहैया कराई थी। इसमें पाक के परमाणु हथियारों के जनक वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान की अहम भूमिका भी बताई जाती है।
- इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि पाकिस्तान ने 2002 के दौरान ही उत्तर कोरिया को जरूरी मशीनरी, मॉडल और तकनीकी सलाहकार दिए थे, जिसके जरिए उसने अपने यूरेनियम को हथियार लायक बनाने में कामयाबी पाई।

अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म करने के लिए राजी उ. कोरिया

- उत्तर कोरिया पिछले कई सालों से परमाणु कार्यक्रम के प्रसार में जुटा था। यहां तक की वो अब तक 6 परमाणु परीक्षण भी कर चुका है। हालांकि, देश की बिगड़ती हालत और अंतर्राष्ट्रीय दबाव के चलते किम प्रशासन ने आखिरकार अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को ट्रम्प के साथ बैठक में भी किम ने अपना वादा दोहराया।

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