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43 साल कांग्रेस में रहे प्रणब मुखर्जी आज होंगे RSS के चीफ गेस्ट, क्या तीन महीने पहले तय हुआ नाम

आरएसएस के जिस प्रोग्राम में प्रणब मुखर्जी शामिल होने जा रहे हैं वो हर साल नागपुर में होता है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 06, 2018, 11:36 PM IST

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    नेशनल डेस्क. पूर्व राष्ट्रपति और 43 साल कांग्रेस में रहे प्रणब मुखर्जी आज RSS के प्रोग्राम 'संघ शिक्षा वर्ग-तृतीय' में चीफ गेस्ट होंगे। 8 साल में पहली बार कोई राजनीतिक व्यक्ति इस कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट शामिल हो रहा है। प्रणब ने इस कार्यक्रम में जाने पर सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक पंडितों के लिए प्रणब का ये स्टेप पहेली बना हुआ है। ऐसे में DainikBhaskar.com ने इस कार्यक्रम से डायरेक्ट-इनडायरेक्ट तौर पर जुड़े संघ के अधिकारियों और अन्य एक्सपर्ट से बात करके समझा कि कब और कैसे प्रणब को RSS प्रोग्राम में बुलाने की प्लानिंग हुई। साथ ही इस पूरे घटनाक्रम के मायने समझें।
    हमारे इस एक्सपर्ट पैनल में संघ के पूर्व प्रचारक गोविंदाचार्य और नागपुर में संघ के प्रांत प्रचारक अनिल सांबरे शामिल हैं।

    'तीन महीने पहले तय हुआ नाम'
    30 मई को पता चला कि प्रणब मुखर्जी ने आरएसएस के प्रोग्राम में शामिल होने के लिए हां कर दिया है। लेकिन उनको प्रोग्राम में आने का न्यौता कब मिला। इस सवाल पर आरएसएस विचारक और पूर्व बीजेपी नेता केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि 'मोटे तौर पर ऐसी बातें दिसंबर और जनवरी में होती है और मार्च में नाम पक्का कर दिया जाता है। प्रोग्राम में बुलाने के लिए पांच से सात नाम तय किए जाते हैं फिर उनमें सबसे बातचीत की जाती है। मुलाकात की जाती है। इस बार पहला नाम प्रणब दा का रहा होगा और वो आने के लिए तैयार हो गए होंगे।

    'प्रणब मुखर्जी को स्वयंसेवक करते थे प्रणाम'
    पुराने दिनों को याद करते हुए गोविंदाचार्य ने बताया कि '1996-97 की बात है। दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू में प्रणब मुखर्जी रोज टहलने जाया करते थे। वहीं पर बीच में पार्क था। जहां संघ की शाखा लगा करती थी। पार्क के बगल में ही वो टहला करते थे। तो स्वयंसेवक प्रणब मुखर्जी को देखकर उन्हें प्रणाम करते थे।' बता दें कि 1995096 में प्रणब मुखर्जी पी.वी. नरसिंह राव के मंत्रिमंडल में पहली बार विदेश मन्त्री बने थे।

    'चार बार प्रणब मुखर्जी से मिल चुके हैं भागवत '
    संघ से जुड़े प्रांत प्रचारक प्रमुख अनिल सांबरे ने कहा कि प्रणब मुखर्जी आज आरएसएस के प्रोग्राम में शामिल हो रहे हैं लेकिन इससे पहले मोहन भागवत और प्रणब मुखर्जी की चार बार मुलाकात हो चुकी है। दो बार जब वो राष्ट्रपति थे और दो बार राष्ट्रपति का पद छोड़ने के बाद। एक मुलाकात 16 जून 2017 को राष्ट्रपति भवन में हुई थी। दोनों लोगों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। इसके बाद दिसंबर 2015 में भी संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की थी। उस वक्त भागवत दिवाली की शुभकामनाएं देने के लिए प्रणब मुखर्जी से मिले थे।

    - मुलाकातों का जिक्र करते हुए अनिल सांबरे ने कहा कि एक बार तो प्रणब मुखर्जी और भागवत की मुलाकात तय थी। लेकिन प्रणब मुखर्जी की पत्नी का देहांत हो गया। जिसके बाद सभी कार्यक्रम कैंसिल कर दिए गए। लेकिन मोहन भागवत से मुलाकात का कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया। मुलाकातों के बीच आरएसएस से जुड़ी किताबें भी प्रणब मुखर्जी की दी गईं। विचारधारा के स्तर पर बातचीत भी होती रही।

    चार साल में पहली बार कोई राजनीतिक व्यक्ति बना चीफ गेस्ट
    आरएसएस के जिस प्रोग्राम में प्रणब मुखर्जी जा रहे हैं वो नागपुर में हर साल होता है। लेकिन बीजेपी की सरकार में पहली बार राजनीति से जुड़े किसी शख्स को बतौर चीफ गेस्ट बुलाया गया। इससे पहले 2017 में नेपाल आर्मी के एक्स कमांडर चीफ जनरल रुकमंग कठवाल को बुलाया गया था। इससे पहले 2016 में कोलकाता के साप्ताहिक "वर्तमान" के संपादक श्री रंतिदेव सेनगुप्त, 2015 में कर्नाटक धर्मस्थल के धर्माधिकारी डॉ. वीरेंद्र हेगड़े पद्य विभूषण, 2014 में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक रवि शंकर चीफ गेस्ट थे। इससे पहले 2012 में दैनिक पंजाब केसरी के संचालक व संपादक अश्‍विनी कुमार, 2011 में विजयवाड़ा के श्री गाना राजू और 2010 में असम के अवकाश प्राप्त मुख्य सचिव श्री जे. एस. राजखोवा चीफ गेस्ट थे।

    पीएम मोदी की तारीफ कर चुके हैं प्रणब मुखर्जी
    अक्टूबर 2017 में एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में प्रणब मुखर्जी ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, 'मोदी काफी मेहनती हैं... उनमें अपने लक्ष्य को हासिल करने की दृढ़ इच्छाशक्ति है। उनका विजन बहुत क्लियर है। वो जानते हैं कि उन्हें क्या हासिल करना है। संसद का कम अनुभव होने के बाद भी उन्होंने प्रशासन और विदेश नीति को बेहतर तरीके से समझा।'

    प्रणब मुखर्जी के बेटे-बेटी का राजनीतिक करियर
    प्रणब मुखर्जी का आरएसएस के प्रोग्राम में जाने पर कई तरह के कयास लगने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रणब मुखर्जी ने बीजेपी नेताओं के साथ बातचीत में इच्छा जाहिर की कि उनकी बेटी बीजेपी के टिकट पर मालदा लोकसभा सीट से चुनाव लड़े। बता दें कि शर्मिष्ठा मुखर्जी दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता हैं। वो 2015 में दिल्ली से विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। प्रणव मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी पश्चिम बंगाल के जंगीपुर से कांग्रेस सांसद हैं।

    किस प्रोग्राम में जा रहे हैं प्रणब मुखर्जी?
    नागपुर में आरएसएस का तृतीय शिक्षा वर्ग कार्यक्रम का समापन है। जिसमें प्रणब मुखर्जी बतौर चीफ गेस्ट जा रहे हैं। तृतीया शिक्षा वर्ग संघ के प्रचारक बनाने की प्रक्रिया का सबसे हाई क्लास की ट्रेनिंग प्रोग्राम है। पीएम मोदी भी तृतीय शिक्षा वर्ग में हिस्सा ले चुके हैं। इस बार नागरपुर में आरएसएस के देश भर से चुन कर आए हुए 914 स्वंयसेवकों को ट्रेनिंग दी गई है।

    क्या है तीसरे साल का ट्रेनिंग प्रोग्राम?
    संघ अपने स्वंयसेवकों की ट्रेनिंग के लिए शिविर लगाता है। जिसमें तीन साल की ट्रेनिंग दी जाती है। पहले साल का ट्रेनिंग स्थानीय स्तर पर होती है। जहां से कुछ स्वंयसेवक चुनकर दूसरे साल की ट्रेनिंग के लिए चुने जाते हैं। यहां इकाई स्तर पर चुना जाता है। इसके बाद दूसरे साल से चुनाकर कुछ स्वंयसेवक तीसरे साल की ट्रेनिंग के लिए नागपुर पहुंचते हैं। ये प्रोग्राम उसी ट्रेनिंग के खत्म होने पर रखा गया है।

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