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पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं घटेगी, तेल पर निर्भरता कम करने के लिए ईमानदारी से टैक्स दें: जेटली

DainikBhaskar.com

Jun 18, 2018, 05:43 PM IST

जेटली ने कहा कि कई लोगों को टैक्स देने का रिकॉर्ड सुधर रहा है लेकिन भारत अभी आसानी से टैक्स भरने वाले समाज से दूर है।

7.7% की वृद्धि दर से एक बार फिर से यह स्थापित हो गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। (फाइल) 7.7% की वृद्धि दर से एक बार फिर से यह स्थापित हो गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। (फाइल)
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  • जेटली के मुताबिक, नोटबंदी के बाद आयकर भरने में 25% का इजाफा हुआ
  • नोटबंदी, जीएसटी, डिजिटाइजेशन, आधार और कालेधन के खिलाफ उठाए गए कदमों से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली

नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोगों से अपील की है कि तेल पर निर्भरता कम करने के लिए वे ईमानदारी से टैक्स दें। इससे राजस्व घटेगा। उन्होंने संकेत दिया कि पेट्रोल और डीजल पर से एक्साइज ड्यूटी नहीं घटेगी। जेटली ने ये भी कहा कि कई लोगों को टैक्स देने का रिकॉर्ड सुधर रहा है लेकिन भारत अभी आसानी से टैक्स भरने वाले समाज से काफी दूर है। उन्होंने कहा कि मैं राजनेताओं और धारणा बनाने वालों से गुजारिश करता हूं कि नॉन ऑयल टैक्स कैटेगरी से बचकर निकलना बंद होना चाहिए।


जिम्मेदारी समझती है सरकार: द इकोनॉमी एंड द मार्केट रिवॉर्ड स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स एंड फिस्कल प्रुडेंस नाम से फेसबुक पर लिखे आर्टिकल में जेटली ने कहा कि बीते 4 साल में केंद्र सरकार की टैक्स जीडीपी दर 10% से 11.5% हो गई है। जीडीपी में नॉन ऑयल टैक्स का स्तर 2017-18 में 9.8% पर पहुंच गया। 2007-08 के बाद से ये उच्चतम स्तर है। हमारी सरकार ने आर्थिक मामलों में जिम्मेदारी दिखाई है। हम जानते हैं कि 2013 में आवेश में आकर फैसले लेने से क्या हुआ। वित्तीय अनुशासनहीनता से कर्ज बढ़ता है। कंज्यूमर को तभी राहत मिलती है जब केंद्र में वित्तीय मामलों की समझ रखने वाली मजबूत सरकार हो।

नोटबंदी-जीएसटी से फायदा हुआ: जेटली ने कहा कि बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में हासिल हुई 7.7% की वृद्धि दर से एक बार फिर से यह स्थापित हो गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। अभी यह रुख कई और साल तक रहेगा। नोटबंदी और जीएसटी के बाद न तो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में 2% गिरावट आई है और न ही एक पूर्व वित्त मंत्री का ये कहना सही है कि इससे भारत गरीब होगा।

नौकरियां बढ़ेंगी: जेटली के मुताबिक, एक विश्लेषण बताता है कि निर्माण क्षेत्र दो अंकों में बढ़ रहा है। ये नौकरियां लाने वाला सेक्टर है। निवेश का क्षेत्र भी बढ़ रहा है। घरेलू निवेश भी बढ़ रहा है। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश में भी आश्चर्यजनक रूप से वृद्धि हुई है। मैन्यूफैक्चरिंग और ग्रामीण परियोजनाओं में पैसा लगाया जा रहा है। सामाजिक क्षेत्र की योजनाएं ने स्वरोजगार के क्षेत्र में काम कर रही हैं। चिदंबरम कहते हैं कि पकौड़े तलकर नौकरियां नहीं आ सकतीं। राहुल गांधी का मानना है कि ढाबा, स्टार्ट अप के लिए लॉन्च पैड का काम कर सकता है। वंशवादी पार्टियों में राजनीतिक पद विरासत में मिलते हैं, बुद्धि नहीं।

जेटली कहते हैं कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद न तो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में 2% गिरावट आई है और न ही एक पूर्व वित्त मंत्री का ये कहना सही है कि इससे भारत गरीब होगा। (फाइल) जेटली कहते हैं कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद न तो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में 2% गिरावट आई है और न ही एक पूर्व वित्त मंत्री का ये कहना सही है कि इससे भारत गरीब होगा। (फाइल)
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7.7% की वृद्धि दर से एक बार फिर से यह स्थापित हो गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। (फाइल)7.7% की वृद्धि दर से एक बार फिर से यह स्थापित हो गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। (फाइल)
जेटली कहते हैं कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद न तो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में 2% गिरावट आई है और न ही एक पूर्व वित्त मंत्री का ये कहना सही है कि इससे भारत गरीब होगा। (फाइल)जेटली कहते हैं कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद न तो भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में 2% गिरावट आई है और न ही एक पूर्व वित्त मंत्री का ये कहना सही है कि इससे भारत गरीब होगा। (फाइल)
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