लोकसभा में सांसदों की शायरी पर जावेद अख्तर ने जताया अविश्वास, कहा- मीटर नहीं मिला, कुछ तो रहम करें

4 वर्ष पहले
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- मोदी, रामदास अठावले और भगवंत मान ने शायरी की थी

- जावेद अख्तर ने कहा, कविता में गलत शब्दों का इस्तेमाल हुआ
 

मुंबई. अविश्वास प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री और सांसदों द्वारा की गईं शायरियों पर संगीतकार जावेद अख्तर ने ऐतराज जताया। उन्होंने मंगलवार को ट्वीट किया- मैं हाथ जोड़कर सांसदों से निवेदन करना चाहता हूं कि वे शायरियों पर थोड़ा रहम करें। 12 घंटे तक चली चर्चा के दौरान कही गई हर शायरी और कविता में या तो गलत शब्द जोड़े गए या उनका गलत उच्चरण किया गया। ये मीटर से बाहर थे। 

लोकसभा में 20 जुलाई को तेदेपा मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई थी। इस पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और भगवंत मान ने अपने भाषणों में कविताओं और शायरी का इस्तेमाल किया था।

अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी ने ली थी चुटकी : चर्चा के दौरान भगवंत मान ने कहा था, ''मोदी जी आप 6-7 महीने में जाने वाले हैं, कृपया जाते-जाते ही बता दें कि अच्छे दिन कब आने वाले हैं।''

रामदास अठावले ने कहा था, ''राहुल गांधी जी ने प्रधानमंत्री जी के गले से मिलाया गला, लेकिन प्रधानमंत्री के पास है, कांग्रेस को हराने की कला। कांग्रेस ने पूरे किए थे सत्ता में 55 साल, तब उन्होंने कमाया है खूब माल, मोदी ने 2014 में किया था कमाल, तभी हो रहा है देश में विकास का धमाल। देश में कांग्रेस का सही नहीं है हाल, इसी लिए मोदी जी जीतेंगे 2019 का साल।'' मोदी ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर चुटकी लेता हुए कहा था, ''न माझी, न रहबर, न हक में हवाएं, है कश्ती भी जर्जर, ये कैसा सफर है?''

 

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