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आप लाशों की सड़कों पर नुमाइश कराते हैं, हुर्रियत से लाखों लोग डरते हैं

सीआरपीएफ की जीप की नीचे आने वाले पत्थरबाज के परिवार ने हुर्रियत नेता गिलानी पर मौत की राजनीति करने का आरोप लगाया।

Dainik Bhaskar

Jun 04, 2018, 03:23 PM IST
Kaisar Ahmed family exposed the Hurriyat leader Syed Ali Shah Geelani

  • 1 जून को प्रदर्शनकारियों ने सीआरपीएफ के वाहन को घेर लिया था, ड्राइवर ने गाड़ी तेज की तो कैसर उसके नीचे आ गया था
  • कैसर के परिवार का एक सदस्य हुर्रियत नेताओं की मीटिंग में पहुंचा और सैयद अली शाह गिलानी पर सवाल खड़े किए

श्रीनगर. कश्मीर में प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले एक शख्स के रिश्तेदार ने अलगाववादी संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की लीडरशिप पर सवाल खड़े किए हैं। इससे जुड़ा एक वीडियो सोमवार को वायरल हुआ। इसमें नजर आ रहा है कि हुर्रियत नेताओं के सामने इस शख्स ने रुंधे गले से संगठन के नेता सैयद अली शाह गिलानी पर सड़कों पर लाशों की नुमाइश करवाने का आरोप लगाया। गिलानी पर सवाल उठाने वाला यह शख्स 24 वर्षीय कैसर के परिवार से जुड़ा था। कैसर 1 जून को प्रदर्शन के दौरान सीआरपीएफ की जीप ने नीचे आ गया था। बाद में उसकी मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि ये वीडियो उस समय का है, जब हुर्रियत नेता कैसर को शहीद के तौर पर श्रद्धांजलि देने और परिवार को सांत्वना देने उसके घर आए थे।

1) आप हमसे कहते हैं कि अंग्रेजी स्कूलों में बच्चों को ना भेजो, गिलानी की बेटी वहीं जाती है

- हुर्रियत नेताओं की मीटिंग में पहुंचे कैसर के इस रिश्तेदार ने कहा, "समा शब्बीर शाह (सीबीएसई 12वीं में कश्मीर में टॉप करने वाली और अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की बेटी) की गिलानी साहब तारीफ करते हैं। गिलानी साहब के लिए कभी मैं भी जान देने के लिए तैयार हुआ करता था। जो बोलते थे कि क्रिश्चियन मिशनरी स्कूल में आप अपने बच्चों को मत भेजा करिए। ये गिलानी साहब का स्टेटमेंट था। यही गिलानी साहब उसे (अंग्रेजी स्कूल में पढ़ने वाली समा को) बधाई देते हैं और कहते हैं कि ये युवाओं के लिए रोल मॉडल है।’’

2) कैसर की बहनों को पता भी नहीं कि शहादत क्या होती है, उसकी लाश की नुमाइश हुई

- वायरल वीडियो में इस शख्स को कहते सुना गया- जिस कैसर की दो बहनें हैं और जिनको ये भी पता नहीं कि शहादत है क्या, उसके भाई के लाश की नुमाइश हुई। आप (गिलानी) निजाम-ए-मुस्तफा (शरीयत की सरकार) चलाएंगे? जिस बंदे को शहादत के बाद सुपुर्द-ए-खाक होना चाहिए, उसको आपने सड़क पर नुमाइश के लिए रखा। ये निजाम-ए-मुस्तफा है? ये तो निजाम-ए-मुस्तफा था ही नहीं कभी।

3) कैसर ने ऐसा क्या किया, जो वो अब कब्र में है

- कैसर के रिश्तेदार ने हुर्रियत नेताओं से कहा- बच्चे जो आपके पास आते हैं, बात करते हैं। लेकिन सिर्फ नारेबाजी होती है। अरे एक जवाब तो दीजिए कि अापकी लीडरशिप क्या कर रही है? उसने (सीआरपीएफ की गाड़ी के नीचे आकर जान गंवाने वाले ने) ऐसा क्या किया होगा कि वो अब कब्र में है? आपने देखा था? ऐसे लाखों लोग हैं.. जो डरते हैं हुर्रियत के नाम से।"

हुर्रियत ने हमेशा लोगों को गुमराह किया- सीआरपीएफ
- सीआरपीएफ डीजी आरआर भट्ट ने कहा, "हाल ही में पत्थरबाजी की घटनाएं और ग्रेनेड हमले हुए हैं। लेकिन, यह अच्छा है कि इनमें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। सुरक्षाबल अपना काम कर रहे हैं। अगर कहीं भी हमला होता है या नागरिकों की जान को खतरा होता है, तो हम जवाबी कार्रवाई करेंगे। हुर्रियत ने हमेशा लोगों को गुमराह किया है लेकिन अब उनके चेहरे से नकाब हट रहा है।"

कैसर की मौत के मामले में सीआरपीएफ के खिलाफ केस दर्ज

- फतेहकदल इलाके में सुरक्षाबलों के एक वाहन के नीचे आने से पत्थरबाजी कर रहे कैसर अहमद भट (21) की मौत हो गई थी। इस घटना का वीडियो भी सामने आया था। वीडियो के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों के वाहन को घेर लिया था। उन पर पत्थरों से हमला किया जा रहा था।

- तभी कुछ प्रदर्शनकारी गाड़ी पर चढ़ने की कोशिश करने लगे। जीप में बैठे सभी जवानों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में ड्राइवर ने वाहन तेज कर दिया। इसी दौरान एक प्रदर्शनकारी जीप के चपेट में आ गया।
- नौहट्टा इलाके में भी सुरक्षाबलों के वाहन पर चढ़ने का प्रयास कर रहे एक प्रदर्शनकारी की जीप के नीचे आ जाने से मौत हो गई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दोनों मामलों में सीआरपीएफ यूनिट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

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Kaisar Ahmed family exposed the Hurriyat leader Syed Ali Shah Geelani
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