कर्नाटक में स्पीकर का चुनाव लड़ेगी भाजपा, विश्वासमत से पहले भी स्वामी को दिखानी होगी गठबंधन की ताकत

4 वर्ष पहले
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बेंगलुरु.  कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को विधानसभा में बहुमत साबित किया। उनके समर्थन में 116 विधायकों ने वोट डाले। विश्वासमत से पहले ही येदियुरप्पा समेत सभी भाजपा विधायक सदन से वॉकआउट कर गए। एक हफ्ते में ऐसा दूसरी बार हुआ, जब भाजपा       ने फ्लोर टेस्ट में हिस्सा नहीं लिया। इससे पहले 19 मई को विश्वासमत साबित करने से पहले ही येदि ने इस्तीफा दे दिया था। शुक्रवार को सदन में अपने भाषण के दौरान येदियुरप्पा ने कहा कि ये गठबंधन सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी। उन्होंने कुमारस्वामी को गिरगिट तक कह दिया। कुमारस्वामी ने जवाब में कहा कि वे किसी पर निजी हमला नहीं करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि गठबंधन सरकार पूरे 5 साल चलेगी। 

 

8 दिन में कमाल के 3 नाटक

- येदि ने 17 मई को बिना बहुमत के शपथ ली, फिर फ्लोर टेस्ट से पहले ही इस्तीफा दिया
- 5 दिन बाद भाजपा ने स्पीकर पद के लिए उम्मीदवार उतारा, ऐन वक्त पर नाम वापस लिया
- आज कुमारस्वामी का फ्लोर टेस्ट होता, उससे पहले भाजपा विधायक वॉकआउट कर गए

 

 

हम पूरे पांच साल सरकार चलाएंगे

- कुमारस्वामी ने कहा- "जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन पूरे 5 साल तक चलेगा। मुझे मालूम है कि मैं पूर्ण बहुमत वाली सरकार नहीं चलाने जा रहा हूं। मुझे इस बात का दुख है कि लोगों ने मुझ पर भरोसा नहीं किया। लेकिन, हम पूरे पांच साल सरकार चलाएंगे और जनता के लिए काम करेंगे। हम यहां पर अपना निजी हित पूरा करने के लिए नहीं आए हैं।" 
- " मैं और मेरे पिता कभी भी सत्ता के लिए लालायित नहीं रहे। हमने अपना ज्यादातर राजनीतिक जीवन विपक्ष में बिताया है। मेरे पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा पर एक धब्बा लगा था, जब उन्होंने 2006 में सरकार बनाने के लिए भाजपा के साथ हाथ मिलाया था। लेकिन, अब वो दाग धुल गया है।"  

 

स्पीकर के लिए भाजपा ने अपने कैंडिडेट का नाम वापस लिया

- फ्लोर टेस्ट के ठीक पहले भाजपा के सुरेश कुमार ने अपना नाम वापस ले लिया। भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा- स्पीकर पद की गरिमा बनाए रखने के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवार का नाम वापस लिया। 

- विधानसभा शुरू होने से पहले कांग्रेस नेता और उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने जेडीएस के साथ गठबंधन के मुख्यमंत्री को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पूरे पांच साल तक के कार्यकाल के लिए बतौर सीएम एचडी कुमारस्वामी का समर्थन करने पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया है।

 

9 दिन से रिजॉर्ट में थे कांग्रेस-जेडीएस विधायक

- विश्वासमत से पहले कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को होटल में ही रखा गया था। कांग्रेस के विधायक हिल्टन एम्बेसी गोल्फलिंक में थे, जबकि जेडीएस के विधायक प्रेस्टीज गोल्फशायर रिसॉर्ट में थे।

- रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि विधायकों को टेलीफोन का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी गई थी। विधायकों ने केवल एक दिन के लिए अपने घर जाने की इजाजत मांगी, लेकिन इसे भी नामंजूर कर दिया गया। विधायकों को मीडिया से भी दूर रखा गया। हालांकि, कांग्रेस और जेडीएस नेताओं ने इन खबरों को खारिज कर दिया। 

- एक नेता ने कहा कि विधायकों को कैद करके रखने की खबरें गलत हैं। अगर आप इसे कैद कहते हैं तो हर कोई उनकी (विधायकों) तरह रहना चाहेगा। ये लोग भूल रहे हैं कि वे बेहद सुख-सुविधा वाले होटलों में हैं, जहां का खर्च आम आदमी नहीं उठा सकता।

 

कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण में 13 दलों के प्रमुख पहुंचे थे
- एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उनके साथ कांग्रेस के जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह के बाद नरेंद्र मोदी ने कुमारस्वामी को फोन पर बधाई दी। इस शपथ ग्रहण में 2019 के लोकसभा चुनाव के संभावित मोदी विरोधी मोर्चे की तस्वीर नजर आई। एक मंच पर कांग्रेस-जेडीएस समेत 13 दलों के प्रमुख मौजूद थे। कांग्रेस समेत इन दलों के पास अभी लाेकसभा में 133 सीटें हैं। यह आंकड़ा भाजपा की मौजूदा 272 लोकसभा सीटों का 48% है। 

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