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2 दिन में साबित करेंगे विश्वासमत: येदि; कांग्रेस का आरोप- विधायकों को घूस देने के लिए रिसॉर्ट में घुसे भाजपाई

कोर्ट ने कहा कि कांग्रेस-जेडीएस की अर्जी पर शुक्रवार सुबह 10:30 बजे सुनवाई की जा सकती है।

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 10:20 PM IST
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- सिद्धारमैया ने विधानसभा के सामने प्रदर्शन के दौरान कहा कि हमारे साथ कांग्रेस-जेडीएस के 118 विधायक हैं
- पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या का शोक मनाएगा

नई दिल्ली. कर्नाटक में तीन दिन की सियासी उठा-पटक के बाद बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने दो दिन में बहुमत साबित करने का दावा किया। लेकिन, कांग्रेस ने येदियुरप्पा को महज एक दिन के मुख्यमंत्री बताया। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूरे घटनाक्रम पर कहा कि देश कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या का शोक मनाएगा। इस बीच, इसे लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है कि किस खेमे के पास कितनी संख्या है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस-जेडीएस के पास 118 विधायक होने का दावा किया, लेकिन ये खबरें भी आईं कि कांग्रेस के दो विधायक लापता हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपाई उसके विधायकों को घूस देने के लिए रिसॉर्ट में घुस आए। उधर, येदियुरप्पा को शुक्रवार सुबह सुप्रीम कोर्ट में राज्यपाल से मिलीं चिट्ठियां पेश करनी हैं। नजरें अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।


कर्नाटक का नाटक: आधी रात को सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी कांग्रेस
- कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने बुधवार रात 11 बजे भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया था। वजूभाई गुजरात में वित्त मंत्री रह चुके हैं और 1996 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने गुजरात की भाजपा सरकार को भंग करने की सिफारिश राष्ट्रपति से की थी, तब वजूभाई भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष थे।
- राज्यपाल के फैसले के खिलाफ कांग्रेस बुधवार रात को ही सुप्रीम कोर्ट पहुंची। अदालत ने देर रात 2:10 बजे सुनवाई शुरू की और सुबह 4:20 पर राज्यपाल के फैसले पर रोक से इनकार कर दिया।
- बता दें कि भाजपा विधानसभा चुनाव में 104 सीटें हासिल करके सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि कांग्रेस (78 सीटें) ने जेडीएस (38 सीटें) को समर्थन दे दिया है।

अागे क्या?
- सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को 48 घंटों का वक्त दिया है। शुक्रवार सुबह 10.30 बजे तक उन्हें राज्यपाल द्वारा भेजे गए दो खत पेश करने हैं, जो येदियुरप्पा को भेजे गए।
- बेंच इन दो खतों के जरिये से जानना चाहती है कि क्या येदियुरप्पा की ओर से पर्याप्त जानकारी राज्यपाल को दी गई, जिसके आधार पर उन्होंने सरकार बनाने के लिए येदि को ही सबसे अच्छा विकल्प समझा और कांग्रेस-जेडीएस को नहीं।

कर्नाटक के फैसले का असर: 4 राज्यों में विपक्ष ने राज्यपाल से मांगा मौका
- कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी भाजपा (104 सीटें) को सरकार बनाने का न्योता दिए जाने का हवाला देते हुए बिहार, गोवा, मणिपुर और मेघालय में विपक्ष ने राज्यपाल से सरकार बनाने का मौका दिए जाने की मांग की है। (पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...)

कांग्रेस ने कहा- राज्यपाल ने दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या कर डाली
- येदियुरप्पा के शपथ लेने के करीब 15 मिनट पहले राहुल गांधी ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, "कर्नाटक में बहुमत बगैर भाजपा की सरकार बनाने की मांग बेतुकी है। यह संविधान का मखौल है।"
- शाम को कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "एक दिन के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने केवल 104 विधायकों के आधार पर सरकार बनाने का दावा पेश किया है। मौजूदा समय में 222 विधायक चुनकर आए हैं। 212 का आंकड़ा बहुमत का है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल की चिट्ठी दिखाने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट इस पर विचार करेगा। वजूभाई ने दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या कर डाली। पहले मोदीजी के लिए विधानसभा की सीट का त्याग किया था, अब प्रजातंत्र का त्याग कर डाला। हम मोदी और अमित शाह को बहुमत साबित करने की चुनौती देते हैं।"

एंग्लो-इंडियन सदस्य नामित करने पर सुप्रीम कोर्ट गईं जेडीएस-भाजपा
- कर्नाटक विधानसभा में एंग्लो-इंडियन विधायक नामित किए जाने के खिलाफ गुरुवार को कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
- याचिका में कहा गया है कि जब तक येदियुरप्पा सदन में बहुमत साबित नहीं कर देते, तब तक ऐसे राज्यपाल की इस नियुक्ति को दरकिनार कर दिया जाए। ये नियुक्ति सदन में भाजपा की ताकत बढ़ाने के लिए की गई है।

रिसॉर्ट पॉलिटिक्स तेज हुई

- कांग्रेस नेता रामलिंग रेड्डी से मीडिया ने उनके दो विधायकों प्रताप गौड़ा पाटिल और आनंद सिंह के लापता होने पर सवाल किया।
- रेड्डी ने कहा, "हमारे पास 117 विधायक हैं। इनके अलावा 1-2 हमारे नेताओं के संपर्क में भी हैं। वे लोग लौट आएंगे (लापता विधायकों पर)। परेशान होने की जरूरत नहीं है।"

- कांग्रेस के विधायकों को ईगलटन रिसॉर्ट ले जाया गया, यहां से देर शाम सुरक्षा हटा ली गई। इसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग अंदर आकर हमारे विधायकों को घूस देने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें लगातार कॉल किया जा रहा है।

- एचडी कुमारस्वामी भी अपने सभी विधायकों को किसी जगह इकट्ठा रखना चाहते हैं। लेकिन, उन्होंने कहा कि अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। हम राजभवन के सामने धरना देने पर विचार कर सकते हैं।

कर्नाटक में वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस के तबादले

- मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही बीएस येदियुरप्पा ने वरिष्ठ आईपीएस-आईएएस अफसरों के तबादले किए। इनमें एम लक्ष्मीनारायणा को सीएम का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। आईपीएस अमर कुमार पांडे को एडीजीपी, इंटेलीजेंस बनाया गया है। इसके अलावा तीन और आईपीएस अफसरों को नई जगह नियुक्त किया गया।

- एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि हम येदियुरप्पा के व्यवहार को लेकर आश्चर्यचकित हैं। 4 आईपीएस के तबादले कर दिए गए हैं, ये हास्यास्पद है।

कांग्रेस-जेडीएस के 14 विधायक सदन से गैरहाजिर हो जाएं तो भाजपा के पास मौका
कुल सीटें: 224
2 सीटों पर मतदान नहीं हुआ इसलिए कुल सीटें हुईं: 222
एचडी कुमारस्वामी 2 सीटों से जीते इसलिए सदन में कुल विधायकों की संख्या हुई: 221
अगर 13 विधायक फ्लोर टेस्ट के दौरान सदन से गैरहाजिर हों, 1 प्रोटेम स्पीकर बने तो संख्या हुई: 207

सदन में विधायकों की संख्या 207 होने पर बहुमत का आंकड़ा: 104
बहुमत का आंकड़ा भाजपा के पास: 104

मौजूदा स्थिति : भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से 8 सीटें दूर
- राज्य में कुल सीटें 224 हैं। बहुमत के लिए 113 जरूरी।
- 2 सीटों पर मतदान बाकी है। इसलिए बहुमत का आंकड़ा 112 है।

पार्टी 2018 2013 अंतर
कांग्रेस 78 122 - 44
भाजपा 104 40 +64
जेडीएस+ 38 40 -2
अन्य 02 22 -18

शक्ति परीक्षण के वक्त गैरहाजिर रहने वाले विधायकों पर हो सकती है कार्रवाई: सुभाष कश्यप, संविधान विशेषज्ञ

- "सदन में उपस्थित सदस्यों की संख्या के आधार पर ही बहुमत तय होगा। किसी भी पार्टी का चुना हुआ सदस्य अगर बहुमत के समय सदन में गैरहाजिर रहता है या हाजिर होकर भी वोट नहीं देता या किसी दूसरे दल को वोट देता है तो इसे पार्टी के डायरेक्टिव या व्हिप का उल्लंघन माना जा सकता है। अगर उनकी पार्टी संबंधित सदस्य के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत करती है तो इस पर सुनवाई होती है। संबंधित पक्षों को अपना-अपना पक्ष रखना होता है। वकीलों की मदद भी ली जा सकती है। विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील भी की जा सकती है। हालांकि, जब तक यह मामला विचाराधीन रहता है सरकार को मिले मत को वैध माना जाता है।"

आगे की स्लाइड पर पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट में देर रात 2:10 बजे सुनवाई, 4.20 बजे फैसले पर रोक से इनकार...

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सुप्रीम कोर्ट में देर रात 2:10 बजे सुनवाई, 4.20 बजे फैसले पर रोक से इनकार

कांग्रेस-जेडीएस की दलील- 15 दिन का वक्त क्यों

- वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "भाजपा को राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्योता दिया। ये पूरी तरह असंवैधानिक है। यह कभी नहीं सुना गया कि 104 सीटें हासिल करने वाली पार्टी को 112 सीटों का बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन दिए जाएं। पहले ऐसे मामले में सुप्रीम कोर्ट 48 घंटे ही देता था। फैसला रद्द करें और कांग्रेस-जेडीएस को न्योता देने का आदेश दें। गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी, फिर भी हमें सरकार बनाने से रोक दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी भाजपा के सरकार बनाने को सही ठहराया था।"

 

सुप्रीम कोर्ट के सवाल

Q. कोर्ट ने सिंघवी से पूछा कि क्या सुप्रीम कोर्ट गवर्नर को किसी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देने से रोक सकता है? 

- इस पर सिंघवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ये पहले भी किया है।

Q. कोर्ट ने पूछा कि कर्नाटक में अभी किसका प्रभार है? 

- सिंघवी ने जवाब में कहा कि केयरटेकर सरकार का। 

- सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "हम इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल को रोक सकती है, जो राज्य में संवैधानिक निर्वात (वैक्यूम) का कारण होगा।"

 

भाजापा ने कहा- शपथ से आसमान नहीं टूट पड़ेगा
- भाजपा के वकील रोहतगी ने कहा, "इस मामले में देर रात सुनवाई जरूरी नहीं है। यदि कोई शपथ ले लेता है तो आसमान नहीं टूट पड़ेगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केवल याकूब मेनन के मामले में देर रात सुनवाई की थी, क्योंकि वह फांसी दिए जाने का मामला था।"

 

तीसरी बार मुख्यमंत्री बने येदियुरप्पा

पहली बार: 12 नवंबर 2007 से 19 नवंबर 2007 (7 दिन)। 

दूसरी बार: 30 मई 2008 से 31 जुलाई 2011 (3 साल 62 दिन)

तीसरी बार: 17 मई 2018 

आगे की स्लाइड में पढ़ें, बुधवार को दिनभर कैसे चली कशमकश...

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दिनभर चली सियासी कश्मकश

 

मीटिंग में नहीं पहुंचे जेडीएस के विधायक: बुधवार को जेडीएस की विधायक दल की बैठक में जेडीएस के 2 विधायक राजा वेंकटप्पा और वेंकट राव नहीं पहुंचे।

राज्यपाल से मिले येदियुरप्पा: भाजपा विधायक दल की बैठक में येदियुरप्पा को दल का मुखिया चुना गया। उन्होंने मीटिंग के बाद राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके प्रतिनिधिमंडल में प्रजनवंता पक्ष के विधायक आर शंकर भी दिखाई दिए।

कांग्रेस ने भाजपा विधायकों के समर्थन का दावा किया: कांग्रेस के एमबी पाटिल ने कहा कि भाजपा के 6 विधायक उनके संपर्क में हैं। 

भाजपा पर खरीद-फरोख्त के आरोप लगे: जेडीएस चीफ एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि वे लोग (भाजपा नेता) पार्टी के विधायकों को 100-100 करोड़ रुपए  का ऑफर दे रहे हैं। अगर वे हमारे 10 विधायक तोड़ेंगे, तो हम 20 छीन लेंगे। इससे पहले कांग्रेस के एक विधायक अमरेगौड़ा लिंगानागौड़ा पाटिल बाय्यापुर ने कहा कि भाजपा नेताओं ने उन्हें मंत्री पद का ऑफर दिया था। 

 

शाम को राज्यपाल से मिलीं कांग्रेस-जेडीएस

- जेडीएस और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने शाम को राज्यपाल से मुलाकात की। इसके बाद कुमारस्वामी ने कहा कि हमने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। हमने राज्यपाल से कहा कि हमारे पास सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत है। 

कुमारस्वामी ने कहा- ‘‘कर्नाटक में कोई मोदी लहर नहीं है। भाजपा की अश्वमेध यात्रा उत्तर से शुरू हुई, लेकिन कर्नाटक में हमने उसके घोड़े रोक दिए। ये जनादेश भाजपा की अश्वमेध यात्रा रोकने के लिए है। भूल जाइए कि ऑपरेशन कमल कामयाब होगा।’’

 

भाजपा-कांग्रेस ने लगाए आरोप

 

हमें नसीहत ना दें राहुल-सोनिया- रविशंकर प्रसाद

- रविशंकर प्रसाद ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "जब किसी सरकार को बहुमत नहीं है तो किस को सरकार बनाने का मौका मिलेगा? ऐसे में राज्यपाल और राष्ट्रपति दोनों के पास विवेकाधिकार है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने बंधन नहीं लगाया, बस इतना कहा है कि ये निर्बाधित नहीं होना चाहिए और उसकी एक मर्यादा होनी चाहिए। दरअसल, कांग्रेस कर्नाटक में सत्ता सुख का लोभ छोड़ नहीं पा रही है, ऐसा क्यों है आप भी समझ रहे हैं। जिस पार्टी ने खुद संविधान तोड़ा, देश में सबसे ज्यादा बार राष्ट्रपति शासन लगाया, वो हमें पाठ पढ़ा रही है। राहुल गांधी तो दो दिन से गायब हैं। राहुल अपनी विरासत की बात बहुत करते हैं। 1989 में जब लोकसभा का चुनाव हुआ था, तब वीपी सिंह पीएम बने थे। तब राजीव गांधीजी की सीटें वीपी सिंह से ज्यादा थीं। अगर राजीव चाहते तो सरकार का दावा कर सकते थे, लेकिन उन्होंने कहा कि मैंडेट हमारा नहीं है। क्या राहुल अपने पिता की परंपरा भूल गए? राहुल और सोनिया जब आप हमें देश की परंपरा सिखाती हैं, तब हम आपको परिवार की परंपरा सिखाते हैं। हमें शिक्षा देना बंद करें।”

 

मोदीजी और शाहजी ने प्रजातंत्र की हत्या कर डाली- रणदीप सुरजेवाला

- इन सबसे पहले भाजपा को राज्यपाल के बुलावे के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "जेडीएस-कांग्रेस के पास 117 विधायकों का स्पष्ट बहुमत है। लेकिन, वजूभाई भाजपा के मुखौटे और उनका हुक्म बजाने वाले एक कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं ना कि संविधान की सुरक्षा करने वाले के तौर पर। आज फिर श्री मोदीजी और शाह जी ने ना सिर्फ प्रजातंत्र की हत्या कर डाली। संविधान और कानून को अपने व्यक्तिगत और पार्टी के स्वार्थ के लिए पांव तले रौंद डाला। कर्नाटक की जनता और देश के लोग संविधान और कानून को रौंदने की इस प्रथा को स्वीकार नहीं करेंगे। इसकी सजा भाजपा को, गवर्नर वाला जी को, और भाजपा के बीएस येदियुरप्पा को जनता के जरिए जरूर मिलेगी।"

 

क्या है ऑपरेशन कमल?

- 2008 में भाजपा के पास बहुमत के लिए जरूरी 113 से 3 सीटें कम थीं। तब उसने ‘ऑपरेशन कमल’ चलाकर सरकार बना ली थी।
- कहा जाता है कि तब भाजपा ने दल-बदल कानून से बचने के लिए कांग्रेस के 3 और जेडीएस के 4 विधायकों को इस्तीफा देने के लिए राजी कर लिया था। उन्हें भाजपा के टिकट से दोबारा चुनाव लड़ाया गया। इनमें से 5 विधायक जीत गए। इस तरह भाजपा 110 से बढ़कर 115 सीटों पर पहुंच गई।

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येदियुरप्पा सुबह घर से निकलकर मंदिर पहुंचे और फिर राजभवन। येदियुरप्पा सुबह घर से निकलकर मंदिर पहुंचे और फिर राजभवन।
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येदियुरप्पा सुबह घर से निकलकर मंदिर पहुंचे और फिर राजभवन।येदियुरप्पा सुबह घर से निकलकर मंदिर पहुंचे और फिर राजभवन।
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