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कर्नाटक चुनाव: SC ने सुनाया फैसला, कल शाम 4 बजे BJP को बहुमत साबित करना होगा

सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और बीजेपी की ओर से मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में अपना-अपना पक्ष रखा।

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 01:17 PM IST

नेशनल डेस्क. सुप्रीम कोर्ट में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। कर्नाटक के राज्यपाल ने बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बीजेपी को शनिवार शाम 4 बजे ही बहुमत साबित करना होगा। यानी बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए सिर्फ 28 घंटे मिले हैं। कांग्रेस और जेडीएस की याचिका पर सुनवाई के दौरान बीजेपी ने बहुमत साबित करने के लिए और वक्त मांगा लेकिन कोर्ट ने मना कर दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने सीक्रेट बैलेट से वोटिंग के लिए भी मना कर दिया है। कोर्ट ने ये भी कहा है कि जब तक बहुमत साबित नहीं हो जाता तब तक बीजेपी की येदियुरप्पा सरकार कोई नीतिगत फैसला नहीं ले। कोर्ट में कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि फ्लोर टेस्ट की वीडियोग्राफी कराई जाए, लेकिन कोर्ट ने इसे मानने से मना कर दिया। बीजेपी ने कहा - बहुमत साबित करेगी...

कोर्ट में क्या हुआ?
कोर्ट में सबसे पहले बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने अपना पक्ष रखा और राज्यपाल के फैसले को सही बताया। तब कोर्ट ने पूछा कि क्यों न कल ही फ्लोर टेस्ट हो जाए। इस पर कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने तुरंत कहा कि कांग्रेस इसके लिए तैयार है। लेकिन बीजेपी के वकील ने अदालत से कहा कि उन्हें सोमवार तक का वक्त दिया जाए। लेकिन कोर्ट ने इसके लिए नहीं माना। साथ ही कोर्ट ने कर्नाटक के डीजीपी को विपक्ष के विधायकों को पूरी सुरक्षा देने के आदेश दिए हैं।

कोर्ट में जेठमलानी ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद वरिष्ठ वकील रामजेठमलानी भी खड़े हुए। उन्होंने कर्नाटक में राज्यपाल के फैसले को संविधान की अवहेलना करार दिया। कोर्ट में इस बात पर भी बहस हुई कि राज्यपाल का बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देना सही था या नहीं। सवाल ये था कि जब दोनों तरफ से सरकार बनाने का दावा किया गया तो राज्यपाल ने किस आधार पर बीजेपी को न्योता दिया। कोर्ट इस पर 10 हफ्ते के अंदर सुनवाई करेगा।

एंग्लो इंडियन सदस्य की नियुक्ति नहीं होगी
कर्नाटक विधानसभा में एंग्लो इंडियन सदस्य को मनोनीत किए जाने को भी कांग्रेस-जेडीएस ने कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल फ्लोर टेस्ट होने तक एंग्लो इंडियन सदस्य को मनोनीत ना करें।

- बता दें कि सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी और बीजेपी की ओर से मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में अपना-अपना पक्ष रखा। बीजेपी नेता येदियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने सरकार बनाने का न्योता दिया था। येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ भी ली। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट चली गई। आज उसी याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट के फैसला सुनाने पर बीजेपी ने कहा - 'इतना कम समय देना सही नहीं है। हमनें अपने विधायकों को कोच्ची में रखा है। उन्हें वहां से बुलाने में टाइम लगेगा।' हालांकि बीजेपी ने ये भी कहा है कि वो दिए गए समय में ही बहुमत साबित कर देगी।

कैसे बहुमत साबित करेगी बीजेपी?

आपको बता दें कि कर्नाटक चुनाव में बहुमत के लिए 112 सीटें चाहिए। लेकिन सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को महज 104 सीटें मिली हैं। कांग्रेस के पास 78 सीटें और जेडीएस के पास 38 सीटें हैं। इन दोनों ने मिलकर सरकार बनाने का दावा किया लेकिन राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया। कांग्रेस और जेडीएस को मिला दें तो इनके पास बहुमत के लिए जरूरी सीटों से ज्यादा 116 सीटें हैं। बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस के कम से कम 7 विधायक उसके संपर्क में हैं।

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