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कर्नाटक चुनाव: बीजेपी की नजर से विधायकों को छिपाने के लिए कांग्रेस-जेडीएस का नया प्लान

येदियुरप्पा का कर्नाटक के सीएम पद की शपथ लेने का बाद सियासी पारा और चढ़ गया है।

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 09:50 PM IST

बेंगलुरु. कर्नाटक में अब कांग्रेस और जेडीएस को डर लग रहा है। आलम ये है कि ये दोनों पार्टियां अपने विधायकों को लेकर किसी ऐसे राज्य में जाने का प्लान बना रही हैं जहां बीजेपी की सरकार न हो। खबर है कि तेलंगाना की TRS सरकार और केरल की लेफ्ट सरकार ने दोनों पार्टियों को अपने यहां आने का न्योता दिया है और सेफ्टी की गारंटी दी है। दरअसल येदियुरप्पा के सीएम पद की शपथ लेने का बाद कर्नाटक में सियासी पारा और चढ़ गया है। कांग्रेस-जेडीएस के नेताओं ने विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा ने नीचे बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। अब सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को मामले की सुनवाई करेगा। कोर्ट ने बीजेपी से राज्यपाल के न्योते वाली चिट्ठी मांगी है। इस बीच कांग्रेस-जेडीएस ने अपने विधायकों को खरीद-फरोख्त से दूर रखने के लिए बेंगलुरु के पास रामनगरम के ईगलटन रिसॉर्ट में रखा है। लेकिन शाम होते-होते कांग्रेस के एक विधायक राज शेखर पाटिल रिसॉर्ट से बाहर आए। मीडिया ने उनसे बाहर आने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत खराब है हॉस्पिटल जा रहे हैं कुछ घंटों में वापस आ जाएंगे।

विधायकों को केरल भेज सकती है कांग्रेस-जेडीएस
कर्नाटक के राज्यपाल ने येदियुरप्पा को विधायकों का बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया है। ऐसे में कांग्रेस-जेडीएस को डर है कि बीजेपी खरीद-फरोख्त के जरिए विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश करेगी। अभी तक तो कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों को ईगलटन रिसॉर्ट में रखा गया है लेकिन हो सकता है कि अब सभी विधायकों को गैर बीजेपी शासित राज्य केरल भेजा दिया जाए। दूसरा विकल्प तेलंगाना का है।

धरने में शामिल हुए दो निर्दलीय विधायक

कांग्रेस-जेडीएस के विरोध प्रदर्शन में दोनों निर्दलीय विधायक शामिल हुए। जबकि पहले बीजेपी का दावा था कि निर्दलीय विधायक आर शंकर ने बीजेपी को समर्थन की चिट्ठी लिखी है, वहीं दूसरे निर्दलीय विधायक एच नागेश भी उनके साथ हैं। बता दें कि कर्नाटक चुनाव में सिर्फ दो निर्दलीय विधायकों की ही जीत हुई है। आर शंकर के बार में कहा जा रहा है कि पिछले चौबीस घंटे में चार बार पाला बदल चुके हैं...पहले उन्होंने कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही। फिर येदियुरप्पा के घर पहुंच गए। फिर जेडीएस-कांग्रेस के साथ राजभवन पहुंच गए। लेकिन थोड़ी ही देर में फिर बीजेपी के दफ्तर में नजर आए। और आज फिर गठबंधन के धरने में बैठे दिखे।

कांग्रेस के 4 विधायक गायब
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कांग्रेस के दो विधायक अब भी पार्टी के संपंर्क में नहीं हैं। इसमें पहला नाम विजयनगर के आनंद सिंह का है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वो बीजेपी में जा सकते हैं। वहीं दूसरे विधायक हैं मसली विधानसभा सीट से चुने गए प्रतापगौड़ा पाटिला। इनके बारे में तो कहा जा रहा है कि ये प्राइवेट जेट में बैठकर किसी अज्ञात जगह चले गए हैं। ये न तो विरोध प्रदर्शन के लिए आई बस में थे और न ही उस रिसॉर्ट में हैं जहां सभी विधायकों को ठहराया गया है।इसके अलावा दो और विधायक हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा।

विधानसभा परिसर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन विधानसभा परिसर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
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विधानसभा परिसर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शनविधानसभा परिसर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
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