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5 बार तमिलनाडु के सीएम रहे करुणानिधि का 94 साल की उम्र में निधन, मोदी ने कहा- जननेता खो दिया

करुणानिधि ने मंगलवार शाम 6:10 बजे अंतिम सांस ली

Danik Bhaskar | Aug 08, 2018, 09:57 AM IST

- यूरिन इंफेक्शन, लो ब्लड प्रेशर की शिकायत के चलते करुणानिधि 27 जुलाई से अस्पताल में भर्ती थे

चेन्नई. द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि (94) का मंगलवार शाम निधन हो गया। वे 11 दिन से कावेरी अस्पताल में भर्ती थे। कावेरी अस्पताल ने कहा- तमाम कोशिशों के बावजूद हम उन्हें बचा नहीं पाए। करुणानिधि ने शाम 6:10 बजे अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करुणानिधि के निधन पर दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा- वे देश के वरिष्ठतम नेता थे। हमने एक जननेता को खो दिया। द्रमुक ने बुधवार को मरीना बीच पर अन्ना मेमोरियल के पास करुणानिधि का अंतिम संस्कार किए जाने की इजाजत मांगी थी, जिससे तमिलनाडु सरकार ने इनकार कर दिया।

इससे पहले दोपहर को जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन में डॉक्टरों ने कहा था- करुणानिधि का स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है। इसके बाद अस्पताल के बाहर समर्थकों की संख्या बढ़ गई थी। करुणानिधि को यूरिन इंफेक्शन और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद 27 जुलाई को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती किया गया था।

अस्पताल के बाहर समर्थकों का हंगामा : भारत सरकार ने बुधवार को राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया। इससे पहले मरीना बीच पर करुणानिधि के अंतिम संस्कार के लिए तमिलनाडु सरकार ने मना कर दिया। जिसके बाद अस्पताल के बाहर करुणानिधि समर्थकों का हंगामा किया, पुलिस ने तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा- मरीना बीच पर करुणानिधि का अंतिम संस्कार किए जाने के मुद्दे पर तमिलनाडु सरकार राजनीति न करे। ऐसे मौके पर राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। करुणानिधि के निधन के मौके पर राजनीति से ऊपर उठना चाहिए। उन्हें उनका हक मिलना चाहिए।

मोदी-राहुल बुधवार को चेन्नई जाएंगे : मोदी ने कहा, "वे सकारात्मक चिंतक, पूर्ण लेखक और ऐसे वीर थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों और हाशिये पर मौजूद लोगों के लिए समर्पित कर दिया।" बुधवार को नरेंद्र मोदी चेन्नई जाएंगे। उनके अलावा राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद और मुकुल वासनिक अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

राजनेताओं ने दी श्रद्धांजलि : लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा, "वह महान नेता थे, जिन्होंने दबे-कुचले लोगों के लिए काम किया। यह देश के लिए बड़ा नुकसान है।" पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कहा, "उन्होंने क्षेत्रीय दलों को रास्ता दिखाया। डीएमके समर्थकों और करुणानिधि को चाहने वालों के लिए यह दुखद क्षण है। वह काफी सुलझे हुए नेता थे। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।" डीएमके के वरिष्ठ नेता दुरई मुरुगन ने कहा, "हमने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और अन्ना मेमोरियल के पास 'समाधि' बनाने का अनुरोध किया था। उन्होंने हमारी बात मान ली, लेकिन इस संबंध में अब तक कोई आदेश नहीं दिया।" तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने कहा, "करुणानिधि के निधन से काफी दुखी हूं। डीएमके प्रमुख ऐसे व्यक्ति थे, जिन्होंने राजनीति, सिनेमा और साहित्य सभी क्षेत्रों में योगदान दिया।" तेलंगाना के सीएम केसी राव ने कहा- देश ने राजनीतिक अगुआ खो दिया। उनकी जगह भरना काफी मुश्किल होगा। राहुल गांधी ने कहा, "6 दशक से भी ज्यादा वह तमिल लोगों के प्रिय नेता रहे। उनके निधन से देश ने महान बेटा खो दिया। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।" पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "आज भारत ने अपने महान बेटों में से एक को खो दिया। तमिलनाडु से पिता समान व्यक्ति छिन गया।" आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने डीएमके प्रमुख के निधन पर शोक जताया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, "करुणानिधि के निधन पर काफी दुख हुआ। मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।" रजनीकांत ने कहा- यह मेरे जीवन का काला दिन है, एक ऐसा दिन जिसे मैं भूल नहीं सकता। मैंने आज अपना कलाकार खो दिया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।

नाटककार और पटकथाकार भी थे करुणानिधि : मुथुवेल करुणानिधि का जन्म 3 जून, 1924 को तिरुवरूर जिले के तिरुकुवालाई गांव में हुआ था। उन्होंने तीन शादियां कीं। पहली पत्नी का नाम पद्मावती, दूसरी का दयालु और तीसरी का रजति है। पद्मावती का देहांत हो चुका है। उनके 4 बेटे एमके मुथु, एमके अलागिरी, एमके स्टालिन, एमके तमिलारासु और दो बेटियां एमके सेल्वी और कनिमोझी हैं। वे तमिल फिल्मों में नाटककार और पटकथा लेखक भी थे।

5 बार मुख्यमंत्री रहे करुणानिधि: करुणानिधि 5 बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे। वे पहली बार 10 फरवरी 1969 से 4 जनवरी 1971 दूसरी बार 15 मार्च, 1971 से 31 जनवरी, 1976 तक मुख्यमंत्री रहे। वे तीसरी बार 27 जनवरी, 1989 से 30 जनवरी, 1991 तक, चौथी बार 13 मई 1996 से 13 मई 2001 तक और पांचवीं बार 13 मई 2006 से 15 मई 2011 तक मुख्यमंत्री रहे। वे अक्टूबर 2017 में आखिरी बार सार्वजनिक तौर पर नजर आए थे।

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