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केजरी बोले- दिल्ली पूर्ण राज्य बना तो हर वोट भाजपा को; राहुल-अखिलेश ने दिए मोदी विरोधी मोर्चे के संकेत

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया है कि 6 से 12 महीने में पूरा विपक्ष एकजुट हो जाएगा।

Danik Bhaskar | Jun 11, 2018, 06:36 PM IST
दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव विधानसभा में पास हुआ। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव विधानसभा में पास हुआ।

- पिछले महीने कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस, सपा और आप समेत 13 दलों के नेता मंच पर जुटे

- इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा-एनडीए को रोकने के लिए एकजुट विपक्ष को लेकर चर्चा जोरों पर है

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि अगर मोदी सरकार 2019 के चुनावों से पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देती है, हर वोट भाजपा को मिलेगा। यहां तक कि आम आदमी पार्टी भी उनके लिए लोकसभा चुनाव में प्रचार करेगी। उधर, राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने मोदी विरोधी मोर्चे के संकेत दिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि 6 से 12 महीने में पूरा विपक्ष एकजुट हो जाएगा। तब भाजपा-आरएसएस को पता चलेगा कि देश सिर्फ उनके दो-तीन लोगों से नहीं चलता है। इससे पहले अखिलेश यादव कह चुके हैं कि भाजपा को हराने के लिए वे कोई भी समझौता कर सकते हैं।

विधानसभा में आप का प्रस्ताव पास हुआ

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आप सरकार ने दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने का प्रस्ताव विधानसभा में रखा। इसके पास होने के बाद केजरीवाल ने कहा, ''अगर केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दे देती है, तो पूरी दिल्ली भाजपा को वोट करेगी। यहां तक कि हम भी उनके लिए प्रचार करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो दिल्ली की जनता हाथों में "भाजपा दिल्ली छोड़ो" के बोर्ड होंगे।''

- "दिल्ली ऐतिहासिक शहर है, लेकिन इसका दुर्भाग्य रहा कि यहां सिर्फ राजाओं का शासन रहा, जनता का नहीं हो पाया। दिल्ली के लोग 1 लाख 30 हजार करोड़ टैक्स भरते हैं, पर बदले में उन्हें कुछ नहीं मिलता। उम्मीद है कि भाजपा दिल्ली को सैकड़ों साल पुरानी राजशाही से मुक्ति दिलाएगी।''

छह महीने में एकजुट हो जाएगा विपक्ष: राहुल

- कांग्रेस की ओबीसी सेल को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में भाजपा-आरएसएस के कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा है। पर सालभर के अंदर पूरा विपक्ष एकजुट हो जाएगा। तब नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मोहन भागवत को पता चलेगा कि देश सिर्फ दो-तीन लोगों के भरोसे नहीं चलता है।
- राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा में सांसदों के साथ-साथ हर कोई बोलने से डरता है। उन्हें इसकी इजाजत नहीं है। सिर्फ आरएसएस की बात सुनी जाती है।

भाजपा को हराने के लिए बलिदान दे सकता हूं: अखिलेश

- सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को मैनपुरी में रैली में बसपा से गठबंधन के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ भाजपा को हराना है। इसके लिए वे कोई भी समझौता कर सकते हैं। जरूरत पड़ी तो कम सीटों के लिए भी तैयार हैं। गठबंधन में सीटों की समस्या आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि बलिदान करने वाले वीर होते हैं।
- बता दें कि कैराना लोकसभा सीट पर उपचुनाव में गठबंधन की उम्मीदवार तबस्सुम हसन (रालोद) की जीत मिली थी। इसके बाद खबर आई थी कि मायावती गठबंधन में लोकसभा की 40 सीटें मांग रही हैं।

कुमारस्वामी की शपथ में मंच पर पहुंचे थे 13 दल

- बता दें कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस, तृणमूल, सपा, बसपा, राजद और आप समेत 13 दलों के नेता एक मंच पर जुटे थे। इन दलों के पास फिलहाल 134 लोकसभा सीट हैं।

- जबकि, 11 लोकसभा सीटों वाले तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) के प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी राव ने शपथ ग्रहण से पहले बेंगलुरु में कुमारस्वामी से मुलाकात की थी। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा-एनडीए को रोकने के लिए विपक्ष एकजुट हो सकता है।