एंटीगुआ ने कहा- भारतीय पुलिस और विदेश मंत्रालय से क्लीयरेंस मिलने के बाद ही चौकसी को नागरिकता दी गई / एंटीगुआ ने कहा- भारतीय पुलिस और विदेश मंत्रालय से क्लीयरेंस मिलने के बाद ही चौकसी को नागरिकता दी गई

DainikBhaskar.com

Aug 03, 2018, 11:50 AM IST

मेहुल चौकसी को पिछले साल नवंबर में एंटीगुआ की नागरिकता मिली थी

Mehul Choksi got the citizenship after police clearance: Antigua

- मेहुल चौकसी पीएनबी घोटाले का मास्टरमाइंड था, जनवरी में वह देश छोड़कर चला गया

- चौकसी के खिलाफ दो मामलों में चार्जशीट दायर कर चुकी है सीबीआई

नई दिल्ली. एंटीगुआ सरकार ने कहा है कि हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी को नागरिकता देने के लिए भारत की पुलिस ने क्लीयरेंस सर्टिफिकेट दिया था। विदेश मंत्रालय के मुंबई स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस ने भी मंजूरी दी थी। हमें चौकसी के खिलाफ ऐसी कोई भी सूचना नहीं दी गई थी जो उसे वीजा या नागरिकता देने के खिलाफ हो। भारत के किसी व्यक्ति या संस्थान ने उसके खिलाफ कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। चौकसी ने मई 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता हासिल करने के लिए अर्जी दी थी।

हाल ही में एंटीगुआ सरकार के विदेश मंत्री ईपी चेत ग्रीन ने कहा था कि भगोड़े व्यवसायी मेहुल चौकसी के प्रत्यर्पण के लिए किसी भी वैध अनुरोध का सम्मान किया जाएगा। एंटीगुआ सरकार ने ये भी साफ कर दिया कि किसी संधि के बाद ही चौकसी का प्रत्यर्पण हो पाएगा।

नीरव के साथ चौकसी भी आरोपी : 13 हजार करोड़ से ज्यादा के पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी के साथ मेहुल चौकसी भी आरोपी है। उसी ने फर्जीवाड़े की पूरी प्लानिंग की और आयात-निर्यात की आड़ में रकम का हेर-फेर किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई की विशेष अदालत में दाखिल अपनी चार्जशीट में इन आरोपों का जिक्र किया है। चार्जशीट के मुताबिक, रकम के हेर-फेर में जिन कंपनियों का इस्तेमाल किया गया, उनके डायरेक्टर और पार्टनर डमी की तरह थे। सारे फैसले चौकसी लेता था।

भारत ने हमसे कोई बात नहीं की : चौकसी को पिछले साल नवंबर में एंटीगुआ की नागरिकता मिली थी। वह इसी साल जनवरी में भारत छोड़कर चला गया था। अपने वकील के जरिए दिए गए बयान में चौकसी ने कहा था- "मैंने कानूनी तौर पर एंटीगुआ और बरबूडा की नागरिकता के लिए आवेदन किया था।'' कारोबार के विस्तार और 130 देशों में वीजा मुक्त आवाजाही के लिए उसने सिटीजनशिप बाय इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत आवेदन किया था। चौकसी ने कहा था कि जनवरी 2018 में इलाज के लिए अमेरिका जाने की जरूरत पड़ी थी। स्वास्थ्य लाभ की जरूरत को देखते हुए मैंने एंटीगुआ में बसने का फैसला किया।

मेहुल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की अपील पेंडिंग : बैंकिंग इंडस्ट्री के सबसे बड़े फ्रॉड का खुलासा होने पर सीबीआई और ईडी ने चौकसी और उसके भांजे नीरव मोदी के खिलाफ जांच शुरू की थी। इंटरपोल ने जून में नीरव के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था, जबकि मेहुल के लिए अपील पेंडिंग है। सीबीआई चौकसी के खिलाफ दो मामलों में चार्जशीट दायर कर चुकी है। इसके अलावा मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

भारत ने ब्रिटेन से की अपील : भारत सरकार ने भगोड़े व्यवसायी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन सरकार से अपील की है। ये जानकारी विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने राज्यसभा में गुरुवार को दी। 2002 से अब तक नीरव ऐसा 29वां भगोड़ा होगा, जिसे लाने के लिए भारत सरकार ने निवेदन किया है। ब्रिटेन सरकार भारत का आवेदन 9 बार खारिज कर चुकी है। विजय माल्या का मामला अब तक पेंडिंग है।

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