एयरफोर्स का मिग-21 विमान हिमाचल में क्रेश, पायलट की खोज जारी

4 वर्ष पहले
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- भारतीय वायुसेना द्वारा जारी एक वीडियो में स्क्वॉर्डन लीडर मीत कुमार ने बताई थीं मिग-21 की खूबियां

- मीत कुमार ने कहा था कि मिग के साथ उनका रिश्ता बेहद खास है

 

नई दिल्ली. हिमाचल के कांगड़ा जिले के एक गांव में बुधवार दोपहर लड़ाकू विमान मिग-21 क्रैश हो गया। विमान में पंजाब के पठानकोट एयरबेस से स्क्वॉर्डन लीडर मीत कुमार ने दोपहर 12.20 पर उड़ान भरी थी। 1.07 बजे इसका संपर्क बेस से टूट गया और 1.20 बजे मिग मेहरा पल्ली गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में मीत कुमार की जान चली गई। कांगड़ा के डिप्टी कमिश्नर ने एक चश्मदीद का जिक्र करते हुए कहा- पायलट विमान को आबादी वाली जगह से दूर ले गए, वे नहीं चाहते थे कि लोगों को कोई नुकसान पहुंचे। क्रैश होने से पहले उन्होंने विमान दूसरी तरफ मोड़ दिया और इस दौरान उनकी जान चली गई। इस बीच इंडियन एयरफोर्स का एक वीडियो सामने आया। इसमें मीत कह रहे हैं- इस एयरक्राफ्ट को उड़ाते वक्त आप खुद को भगवान से कम नहीं समझते। 
वीडियो का नाम 'अ डेट विद एन एयर वॉरियर' है। इसमें मीत ने कहा- मैं इस खूबसूरत मशीन को उड़ाता हूं, जिसे मिग-21 कहते हैं। ये मशीन एक मल्टीरोल एयरक्राफ्ट है। ये एयरक्राफ्ट खासतौर पर हाईलैंडिंग स्पीड के लिए है इसलिए इसकी हर लैंडिंग अलग होती है। इस एयरक्राफ्ट पर हमारे पास 57 एमएम रॉकेट होता है, हम इस पर बम ले जा सकते हैं। एक बार में इस एयरक्राफ्ट पर 8 बम ले जा सकते हैं और जब आप इस एयरक्राफ्ट को उड़ा रहे होते हैं, तो आप खुद को भगवान से कम नहीं समझते। मेरा और इस मशीन का नाता बहुत खास है। ये मेरे लिए पत्नी से ज्यादा है। हम एक-दूसरे को बहुत अच्छे से जानते हैं। मैं इस मशीन के साथ अपनी पत्नी से ज्यादा वक्त गुजारता हूं। 

 

जून में क्रैश हुए थे सुखोई और जगुआर : वायुसेना के प्रवक्ता ने बताया कि विमान हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "बहादुर पायलट मीत कुमार के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाए हैं, जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई।' 5 जून को गुजरात के कच्छ में जगुआर क्रैश हो गया था। हादसे में पायलट की जान चली गई थी। नासिक में 27 जून को एक सुखोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें दोनों पायलटों ने खुद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।  रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने लोकसभा में बताया था कि 2015-16 में वायुसेना के विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की 25 घटनाएं हुई हैं। इन हादसों में 39 लोगों की जान गई। सभी एयरक्राफ्ट बर्बाद हो गए। इसी समयसीमा के दौरान सेना के 5 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए, इनमें 4 लोगों की जान गई।

 

मुंबई हादसे में भी पायलट ने लोगों की जान बचाई थी: मुंबई के घाटकोपर इलाके में 28 जून को चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया था। पायलट ने हेलीकॉप्टर को कंस्ट्रक्शन साइट पर गिरा दिया था। विमान को रिहायशी बिल्डिंग में टकराने से बचाने के प्रयास में दोनों पायलट समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी।

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