वॉट्सऐप को सरकार की चेतावनी- हिंसा की वजह बनने वाले संदेशों को फैलने से रोकें, आप जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

- गृह सचिव की अध्यक्षता में 16 जून को भी सोशल मीडिया कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई

- सरकार ने फेक न्यूज, अश्लील सामग्री और आतंकियों के वॉट्सऐप, फेसबुक इस्तेमाल करने पर चिंता जताई

  

नई दिल्ली. अफवाहों की वजह से देशभर में सामने आ रही हिंसक घटनाओं के बाद सरकार ने वॉट्सऐप को चेतावनी दी है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि हिंसा की वजह बनने वाले 'गैरजिम्मेदाराना और भड़काऊ संदेशों' को वॉटसऐप पर फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम तुरंत उठाए जाएं। एक अफसर के मुताबिक, मंत्रालय ने कहा कि वॉट्सऐप अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से भाग नहीं सकती है।

देश के कई राज्यों में बच्चा चोरी और गोकशी की अफवाहों के चलते कई लोगों की पीटकर हत्या करने की घटनाएं सामने आई हैं। इन्हें लेकर केंद्र और राज्य सरकारें चिंतित हैं। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि इस तरह की हिंसा अपराध है। कानून हाथ में लेने का हक किसी को नहीं है। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है और वे सतर्कता बरतें।

 

गृह मंत्रालय फेसबुक-ट्विटर के साथ करेगा बैठक: केंद्र सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों और इनके चलते होने वाली हिंसा रोकने के लिए फेसबुक और ट्विटर की मदद भी लेगी। गृह मंत्रालय के एक अफसर ने बताया कि फेक न्यूज और वीडियो पर चर्चा के लिए कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है, हालांकि अभी इसकी तारीख तय नहीं है।

 

लगातार सामने आ रहे हिंसा के मामले: पिछले दिनों कई राज्यों में फेक न्यूज और अफवाहों की वजह से पीटकर हत्या करने के मामले सामने आ चुके हैं। महाराष्ट्र के धुले में रविवार को गांववालों ने बच्चा चोर समझकर पांच लोगों को मार डाला था। ऐसे ही शक में 28 जून को त्रिपुरा में भी दो लोगों की हत्या की गई और 6 अन्य को बुरी तरह से पीटा गया। इसके अलावा असम में भी बच्चा चोरी के शक में दो लोगों को मारा गया। पिछले हफ्ते चेन्नई में भी एक शख्स की पिटाई की गई।  

 

खबरें और भी हैं...