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मुस्लिम युवक ने अदा किया दोस्ती का फर्ज, अनाथ हिन्दू दोस्त का किया अंतिम संस्कार

उसके परिवार में कोई नहीं था, इसलिए पड़ोसी इस चिंता में थे कि आखिर उसका अंतिम संस्कार कौन करेगा।

dainikbaskar.com | Last Modified - Jun 07, 2018, 10:55 AM IST

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  • मुस्लिम लड़के की दोस्ती की दी जा रही मिसाल।
  • अनाथ हिन्दू दोस्त का किया अंतिम संस्कार।
  • मुस्लिम होते हुए भी हिन्दू रीति से किए सारे क्रियाकर्म।

बर्दमान.पश्चिम बंगाल में रबी शेख नाम के एक मुस्लिम लड़के की दोस्ती की मिसाल दी जा रही हैं। रबी के जिगरी दोस्त मिलन दास की इसी साल मई में मौत हो गई। उसके परिवार में कोई नहीं था, इसलिए पड़ोसी इस चिंता में थे कि आखिर उसका अंतिम संस्कार कौन करेगा। ऐसे में मिलन के दोस्त रबी ने उसके अंतिम संस्कार का फैसला किया। इतना ही नहीं, मुस्लिम होते हुए भी उसने सभी क्रियाकर्म हिन्दू रीति-रिवाज से किए।

- मामला बर्दमान का है, जहां रहने वाले मिलन की 29 मई 2018 को मौत हो गई थी। उसकी फैमिली के बारे में पता न लगा पाने के कारण पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार बतौर लावारिस करने का फैसला किया।
- मिलन के दोस्त रबी को पुलिस का ये फैसला मंजूर नहीं हुआ। इसीलिए उसने अपने हिंदू दोस्त के लिए सारी जिम्मेदारी निभाने का फैसला किया।

- इलाके के लोगों को जब इस बारे में पता चला कि अंतिम संस्कार का जिम्मा रबी ने लिया है, तो वो चौंक गए। उन्हें लगा कि मुस्लिम होते हुए आखिर वो सारे क्रियाकर्म कैसे करेगा।
- हालांकि, रबि ने अपने दोस्त के अंतिम संस्कार के लिए सभी सामाजिक और धार्मिक बंधन तोड़ दिए। उसने पूरे हिन्दू रीति-रिवाज से मिलन का अंतिम संस्कार किया।

लोगों से मिली तारीफ
- ये खबर जब से मीडिया में आई है, तो लोग उनकी दोस्ती की मिसाल दे रहे हैं। मिलन का अंतिम संस्कार कराने वाले पंडित ने भी रबि की तारीफ की। उन्होंने कहा वो खुशनसीब हैं कि इस ईमानदार दोस्ती का हिस्सा बने।

क्या कहा रबी ने?
- रबी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे। पिछले दस साल में बमुश्किल ही कोई ऐसा दिन रहा होगा कि जब हम एक-दूसरे से न मिले हों। हमारी दोस्ती ने धार्मिक पाबंदियों को भी जीत लिया।

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