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मोदी ने कहा- नेपाल के बिना हमारे राम अधूरे; तीन पूर्व राष्ट्रपतियों के जैसे सीता मंदिर में की पूजा

पिछले महीने ही नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपने पहले विदेशी दौरे पर भारत आए थे।

Dainik Bhaskar

May 11, 2018, 07:57 PM IST
मोदी ने शुक्रवार को ऐतिहासिक जनकपुर मंदिर में दर्शन किए। मोदी ने शुक्रवार को ऐतिहासिक जनकपुर मंदिर में दर्शन किए।

  • पूर्व राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी, ज्ञानी जैल सिंह और प्रणब मुखर्जी जनकपुर मंदिर में कर चुके हैं पूजा
  • नरेंद्र मोदी ने अयोध्या-जनकपुर बस सेवा की भी शुरुआत की

काठमांडू. नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दो दिन की यात्रा पर नेपाल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले ऐतिहासिक जनकपुर मंदिर में पूजा की। इसके बाद अयोध्या-जनकपुर के बीच बस सेवा को हरी झंडी दिखाई। जनकपुर में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नेपाल के बिना राम अधूरे हैं। उन्होंने नेपाल-भारत के संबंधों में 5 टी ट्रेड, ट्रेडिशन, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी का फॉर्मूला दिया। इसके बाद मोदी शाम को काठमांडू में राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी और प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली समेत कई नेताओं से मिले। बता दें कि 4 साल में मोदी का यह तीसरा नेपाल दौरा है। दोनों देशों के बीच कमजोर होते भरोसे और नेपाल में चीन की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए यह दौरा कूटनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। पिछले महीने ही नेपाल के प्रधानमंत्री अपने पहले विदेशी दौरे पर भारत आए थे।

आने के लिए देर हुई, क्षमा चाहता हूं

- मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "पहली बार नेपाल आया था तो संविधान सभा में ही कहा था कि जल्द ही मैं जनकपुर आऊंगा। सबसे पहले आप सबसे क्षमा चाहता हूं क्योंकि मुझे आने में विलंब हो गया। लेकिन मन कहता है कि संभवतः सीता मैया ने आज भद्रकाली एकादशी के दिन ही मुझे दर्शन देने का प्रण किया।"
- "भारत और नेपाल दो देश लेकिन हमारी मित्रता आज की नहीं त्रेता युग की है। राजा जनक और राजा दशरथ ने सिर्फ जनकपुर और अयोध्या को नहीं बल्कि भारत और नेपाल को भी मित्रता के बंधन में बांध दिया।"
- "यही बंधन लुंबिनी में रहने वालों को बोधगया ले जाता है। यही स्नेह, यही आस्था आज मुझे जनकपुर खींच के ले आया है। ये सम्मान युगों-युगों से चलता आ रहा है।"
- "नेपाल के बिना भारत की आस्था भी अधूरी है। नेपाल के बिना भारत का विश्वास अधूरा है इतिहास अधूरा है। नेपाल के बिना हमारे धाम अधूरे, नेपाल के बिना हमारे राम भी अधूरे।"

पूरी दुनिया में मिथिला संस्कृति का स्थान काफी ऊपर
- मोदी ने कहा, "मिथिला की तुलसी भारत के आंगन में शुचिता और मर्यादा की सुगंध फैलाती है। वैसे ही भारत और नेपाल की मित्रता इसे सींचती है।"
- "पूरी दुनिया में मिथिला संस्कृति का स्थान बहुत ऊपर है। कवि विद्यापति की रचनाएं आज भी भारत और नेपाल दोनों के साहित्य में घुली हुई है। जनकपुर धाम आकर आप लोगों का अपनापन देखकर ऐसा नहीं लगा कि मैं किसी दूसरी जगह पर पहुंचा गया। सब अपने जैसा है सबकुछ अपनापन। ये सब अपने ही तो हैं। "
- "नेपाल अध्यात्म और दर्शन का केंद्र है। लुंबिनी जहां भगवान का जन्म हुआ। जनक की नगरी सीता माता के कारण स्त्री चेतनाी की गंगोत्री बनी है। सीता माता का त्याग, समर्पण और संघर्ष की भूमि है। ये वो धरती है जिसने दिखाया कि बेटी को किस तरह सम्मान दिया जाता है।"

भारत-नेपाल के संबंध देवनीति से बंधे
- मोदी ने कहा, "आपके नेपाल और भारत के संबंध राजनीति, कूटनीति, समर नीति से परे देवनीति से बंधे हैं। ये समय हमें मिलकर संस्कार, शिक्षा, शांति, सुरक्षा और समृद्धि की पंचवटी की रक्षा करने का है।"
- "भारत और नेपाल ने हर संकट की घड़ी मे एक दूसरे का साथ दिया है। नेपाल हमारी नेबरहुड फर्स्ट पालिसी में सबसे आगे आता है। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है तो नेपाल भी तेजी से विकास कर रहा है।"
- "विकास की पहली शर्त होती है लोकतंत्र। मुझे खुशी है कि लोकतांत्रिक प्रणाली को आप महत्व दे रहे हैं। आज से दस साल पहले नेपाल के जवानों ने बुलेट छोड़ बैलट का रास्ता चुना। बुद्ध के रास्ते को चुनने के लिए भी मैं नेपाल को बधाई देता हूं।"

भारत चाहता है नेपाल की खुशहाली
- मोदी ने कहा, "नेपाल को लेकर ओलीजी का विजन क्या है ये जानने का मुझे अवसर मिला। नेपाल की समृद्धि और खुशहाली भारत भी चाहता है। भारत में हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास का मूल मंत्र लेकर आगे बढ़ रही है।"
- "2022 में भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। सवा सौ करोड़ देशवासियों ने न्यू इंडिया बनने का लक्ष्य रखा है। हमने भारत में प्रक्रियाओं को बहुत सरल बनाया है। आज दुनिया में हमने जो कदम उठाए हैं उनकी तारीफ हो रही है।"
- "जैसे मैं यहां बार- बार आता हूं वैसे ही दोनों देशों के लोग भी बेरोकटोक आते जाते रहने चाहिए। हम तराई के खेत-खलिहानों से जुड़े हैं। सैकड़ों कच्चे पक्के रास्तों से जुड़े हैं और खुली सीमाओं से भी जुड़े हैं। हमें हाईवे से जुड़ना है। हमें इन्फार्मेशन वे, हमें ट्रांस वे से भी जुड़ना है। हमें रेलवे से भी जुड़ना है। हमें जलमार्गों से भी जुड़ना है। हमें हवाई रास्तों से भी जुड़ना है।"

3 पूर्व राष्ट्रपति भी कर चुके हैं जनकपुर मंदिर में पूजा

- भारत और नेपाल के प्रधानमंत्री रामायण सर्किट के रूट पर प्रस्तावित बस सेवा की शुरुआत की। यह सेवा जनकपुर को अयोध्या से जोड़ेगी। मोदी सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के 13 सर्किट में इसे शामिल किया गया है।
- नरेंद्र मोदी जनकपुर जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री है। जानकी मंदिर के पुजारी राम तपेश्वर दास वैष्णव ने बताया कि मोदी से पहले भारत के राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्‌डी, ज्ञानी जैल सिंह और प्रणब मुखर्जी मां सीता के मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।
- इसके बाद शनिवार को मोदी उत्तर-पश्चिम नेपाल के मस्तंग जिले में स्थित मुक्तिनाथ मंदिर के भी दर्शन करेंगे।

हाइड्रो प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे मोदी

- विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरे में दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते होने की उम्मीद है। इनमें हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट सबसे अहम है। मोदी इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करेंगे। इससे 900 मेगावॉट बिजली पैदा होगी और यह 5 साल में पूरा हो सकता है।

- बता दें कि इस प्रोजेक्ट से विश्व बैंक के हाथ खींचने के बाद भारतीय कंपनी को इसके निर्माण की जिम्मेदारी मिली। नेपाल सरकार ने हाल ही में भारतीय कंपनी को बिजली उत्पादन का लाइसेंस भी दिया है। इसी प्रोजेक्ट में पिछले दिनों विस्फोट भी हो गया था।

ओली की चीन यात्रा से पहले मोदी का दौरा फाइनल

- 2018 के मार्च और अप्रैल महीने में नेपाल पड़ोसी देशों (चीन, भारत और पाकिस्तान) के बीच केन्द्र बिंदु बनकर उभरा। ओली के प्रधानमंत्री बनने के बाद पाकिस्तान के पीएम शाहिद खाकान अब्बासी मार्च में दो दिवसीय दौरे पर नेपाल पहुंचे थे, तब ओली ने उनका जोरदार स्वागत किया था। इसके बाद कूटनीतिक तौर पर भारत की चिंता बढ़ गई कि कहीं नेपाल पाकिस्तान की चाल का हिस्सा न बन जाए।
- लेकिन 6 अप्रैल को नेपाल के प्रधानमंत्री ओली अपने पहले विदेशी दौरे पर तीन दिन के भारत आए थे। इस दौरान भारत के साथ कई बड़े समझौतों पर मुहर लगी, तो रिश्तों में मिठास घुलनी शुरू हो गई। इस दौरान रक्सौल से काठमांडू तक पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन और रेल लाइन बिछाने पर सहमति बनी थी।
- वहीं, चीन नेपाल को रिझाने की पूरी कोशिश कर रहा है। पिछले दिनों चीन ने ओली को यात्रा का न्योता दिया था, जिसे नेपाल के प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया। लेकिन ओली के चीन जाने से पहले ही भारत ने मोदी का दौरा फाइनल कर दिया।

आगे की स्लाइड में पढ़ें: रक्सौल और काठमांडू की कनेक्टिविटी बढ़ेगी...

मोदी ने शुक्रवार शाम को नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मुलाकात की। मोदी ने शुक्रवार शाम को नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मुलाकात की।
मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल दो देश लेकिन हमारी मित्रता आज की नहीं त्रेता युग की है। मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल दो देश लेकिन हमारी मित्रता आज की नहीं त्रेता युग की है।
जनकपुर मंदिर जाने वाले मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। जनकपुर मंदिर जाने वाले मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं।

रक्सौल और काठमांडू की कनेक्टिविटी बढ़ेगी 

- बिहार के रक्सौल से काठमांडू के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने समेत और कई अन्य कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पर भी दस्तखत हो सकते हैं। नेपाल में चीन के बढ़ते दखल के लिहाज से भारत नेपाल के साथ सड़क, रेलमार्ग और जलमार्ग के कई प्रोजेक्ट पर विचार कर रहा है। भारत ने नेपाल के प्रधानमंत्री की यात्रा के वक्त इन परियोजनाओं की पेशकश की थी।

 

नेपाल के स्कूलों की छुट्‌टी, काठमांडू में लगे होर्डिंग 

- मोदी की यात्रा के चलते प्रांत के स्कूलों में छुट्‌टी घोषित की गई है। जनकपुर मंदिर में पूजा करने के बाद मोदी बरबीघा में एक स्वागत समारोह में हिस्सा लेंगे। उसके बाद दोपहर में प्रधानमंत्री काठमांडू के लिए उड़ान भरेंगे। 
- राजधानी काठमांडू में जगह-जगह मोदी के स्वागत के लिए वेलकम गेट बनाए गए हैं। होर्डिंग्स में मोदी और कोली की तस्वीरें लगाई गई हैं। रास्ते में भारत और नेपाल के झंडे भी लगाए गए। दोपहर में मोदी नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से मुलाकात करेंगे।

 

भारत-नेपाल के बीच सामने आए थे मतभेद 

- केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के बाद कई मुद्दों पर भारत-नेपाल के रिश्तों में मतभेद सामने आए। 2016 में केपी कोली ने सार्वजनिक तौर पर भारत की आलोचना की थी। ओली ने नेपाल के आतंरिक मामलों में भारत के हस्तक्षेप का आरोप लगाया था। 
- नेपाल में नए संविधान को लेकर मधेसियों के द्वारा किए गए विरोध में भी नेपाल ने भारत पर आरोप लगाए थे। नेपाल का कहना था कि भारत मधेसियों को उकसा रहा है। बता दें कि मधेसियों की एक बड़ी आबादी भारतीय मूल की है।

मोदी ने जनकपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। यहां उन्होंने नेपाल-भारत के संबंधों में 5 टी-  ट्रेड, ट्रेडिशन, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी का फॉर्मूला दिया। मोदी ने जनकपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। यहां उन्होंने नेपाल-भारत के संबंधों में 5 टी- ट्रेड, ट्रेडिशन, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी का फॉर्मूला दिया।
दोनों देशों के बीच कमजोर होते भरोसे और नेपाल में चीन की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए मोदी का नेपाल दौरा कूटनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच कमजोर होते भरोसे और नेपाल में चीन की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए मोदी का नेपाल दौरा कूटनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।
Titleनेपाल में नई सरकार बनने के बाद भारत की ओर से यह पहली उच्चस्तरीय यात्रा है। Titleनेपाल में नई सरकार बनने के बाद भारत की ओर से यह पहली उच्चस्तरीय यात्रा है।
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मोदी ने शुक्रवार को ऐतिहासिक जनकपुर मंदिर में दर्शन किए।मोदी ने शुक्रवार को ऐतिहासिक जनकपुर मंदिर में दर्शन किए।
मोदी ने शुक्रवार शाम को नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मुलाकात की।मोदी ने शुक्रवार शाम को नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से मुलाकात की।
मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल दो देश लेकिन हमारी मित्रता आज की नहीं त्रेता युग की है।मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल दो देश लेकिन हमारी मित्रता आज की नहीं त्रेता युग की है।
जनकपुर मंदिर जाने वाले मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं।जनकपुर मंदिर जाने वाले मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं।
मोदी ने जनकपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। यहां उन्होंने नेपाल-भारत के संबंधों में 5 टी-  ट्रेड, ट्रेडिशन, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी का फॉर्मूला दिया।मोदी ने जनकपुर में एक जनसभा को संबोधित किया। यहां उन्होंने नेपाल-भारत के संबंधों में 5 टी- ट्रेड, ट्रेडिशन, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी का फॉर्मूला दिया।
दोनों देशों के बीच कमजोर होते भरोसे और नेपाल में चीन की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए मोदी का नेपाल दौरा कूटनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।दोनों देशों के बीच कमजोर होते भरोसे और नेपाल में चीन की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए मोदी का नेपाल दौरा कूटनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।
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