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सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़कर एम्स में अटल से मिलने पहुंचे मोदी, हर ट्रैफिक सिग्नल पर रुका काफिला / सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़कर एम्स में अटल से मिलने पहुंचे मोदी, हर ट्रैफिक सिग्नल पर रुका काफिला

अटल बिहारी वाजपेयी को यूरिनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन के चलते एम्स में भर्ती किया गया है।

Jun 25, 2018, 12:53 PM IST

- 11 जून से एम्स में भर्ती हैं अटल बिहारी वाजपेयी
- मोदी दूसरी बार उनसे मिलने पहुंचे

नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सेहत का हाल जानने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार रात अचानक एम्स पहुंचे। एम्स प्रशासन को माेदी के आने की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ते हुए प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास सात लोक कल्याण मार्ग से लेकर एम्स तक हर ट्रैफिक सिग्नल पर मोदी का काफिला रुका।

न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मोदी रविवार रात 9 बजे के बाद एम्स पहुंचे। वे वहां करीब 20 मिनट रुके। 93 साल के अटलजी को 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था। उन्हें डायबिटीज है। उनकी सिर्फ एक किडनी काम कर रही है। इस बार यूरिनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन के चलते उन्हें भर्ती किया गया है। 30 साल से अटलजी के निजी फिजिशियन डॉ. रणदीप गुलेरिया की देखरेख में एम्स में उनका इलाज चल रहा है। उन्हें इंजेक्टेबल एंटीबायोटिक दिए जा रहे हैं।

राहुल के बाद नेताओं के एम्स पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ था: 11 जून को अटलजी को देखने सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहुंचे थे। इसके बाद नेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ था। राहुल के बाद नरेंद्र मोदी वहां पहुंचे। 1953 से वाजपेयी के साथ रहे लालकृष्ण अाडवाणी भी मिलने गए। गृह मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री विजय गोयल, डॉ. हर्षवर्धन भी आए। अटलजी नौ साल से बीमार हैं।

3 साल पहले सामने आई थी तस्वीर: अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर पिछली बार 2015 में सामने आई थी। तब तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए वाजपेयी को घर जाकर भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। वाजपेयी सबसे पहले 1996 में 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने। बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। दूसरी बार वे 1998 में प्रधानमंत्री बने। सहयोगी पार्टियों के समर्थन वापस लेने की वजह से 13 महीने बाद 1999 में फिर आम चुनाव हुए। 13 अक्टूबर 1999 को वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। इस बार उन्होंने 2004 तक अपना कार्यकाल पूरा किया। 2005 में उन्होंने राजनीति से संन्यास लिया।

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