--Advertisement--

मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक में आज मिल सकती है गन्ना किसानों को राहत, 8000 करोड़ पैकेज की हो सकती है घोषणा

चीनी मिलों पर अकेले उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का 13,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है।

Dainik Bhaskar

Jun 06, 2018, 10:17 AM IST
8,000 करोड़ के पैकेज का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा गया है। -फाइल 8,000 करोड़ के पैकेज का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा गया है। -फाइल

नई दिल्ली. मोदी कैबिनेट ने गन्ना किसानों को राहत देने के लिए 8,500 करोड़ के पैकेज का ऐलान किया है। नई इथेनॉल प्रोडक्शन कैपेसिटी के निर्माण के लिए 4500 करोड़ का कर्ज दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इसके ब्याज पर 1300 करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा अतिरिक्त सप्लाई के लिए 30 लाख टन भंडारण क्षमता वाले स्टोरेज का निर्माण किया जाएगा। पैकेज में चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया भुगतान चुकाने के लिए 1540 करोड़ की राशि भी शामिल है। बता दें कि सरकार के इस फैसले का असर महाराष्ट्र-उत्तर प्रदेश की उन 50 सीटों पर भी पड़ेगा, जहां किसानों के वोट असर डालते हैं।

चीनी का बनेगा बफर स्टॉक
- पैकेज में चीनी का 30 लाख टन का बफर स्टॉक बनाने के लिए 1200 रुपए दिए जाने की घोषणा की गई। बता दें कि पिछले महीने सरकार ने गन्ना किसानों को भुगतान में मिलों की मदद के लिए 1,540 करोड़ रुपए प्रोडक्शन-लिंक्ड सब्सिडी देने की घोषणा की थी। जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

- गन्ना किसानों की मदद के लिए सरकार पहले ही गन्ने पर आयात शुक्ल को दोगुना कर चुकी है, जो कि अब 100% है। इसके अलावा निर्यात शुल्क कम किया गया है।

60% सब्सिडी पर मिलेंगे सोलर पंप

- सरकार अब किसानों को कम कीमत पर सोलर पंप देने जा रही है। जुलाई से किसानों को सोलर पंप देने का काम शुरू हो जाएगा। सिंचाई के लिए खेत में पंप लगवाने के लिए किसानों को कीमत का सिर्फ 40% हिस्सा देना होगा। बाकी 30% राशि केंद्र सरकार और 30% राशि राज्य सरकार देगी। किसान 40% रकम देने के लिए बैंक से कर्ज भी ले सकते हैं।

चीनी मिलों पर 22 हजार करोड़ का बकाया

- किसानों का चीनी मिलों पर 22,000 करोड़ रुपए का बकाया है। इस साल बंपर चीनी उत्पादन से कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। इससे मिलें किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं कर पा रही हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का 13,000 करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया हो चुका है। इसके अलावा महाराष्ट्र और कर्नाटक के किसानों का 3-3 हजार करोड़ रुपए बकाया है।

यूपी-महाराष्ट्र की किन लोकसभा सीटों पर प्रभाव

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आजमगढ़, बरेली, सीतापुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, फैजाबाद, बलिया, जौनपुर।

महाराष्ट्र: सोलापुर, सांगली, पुणे, कोल्हापुर, नासिक, सतारा, अहमदनगर, धुले, नंदूरबार, जलगांव, औरंगाबाद, बीड़, परभणी, हिंगोली, नांदेण, उस्मानाबाद, लातूर, बुलढाणा, जालना, यवतमाल, अकोला, अमरावती, वर्धा, नागपुर।

किसानों का चीनी मिलों पर 22,000 करोड़ रुपए का बकाया हो चुका है। - फाइल किसानों का चीनी मिलों पर 22,000 करोड़ रुपए का बकाया हो चुका है। - फाइल
X
8,000 करोड़ के पैकेज का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा गया है। -फाइल8,000 करोड़ के पैकेज का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा गया है। -फाइल
किसानों का चीनी मिलों पर 22,000 करोड़ रुपए का बकाया हो चुका है। - फाइलकिसानों का चीनी मिलों पर 22,000 करोड़ रुपए का बकाया हो चुका है। - फाइल
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..