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पॉक्सो एक्ट में बदलाव पर निर्भया की मां बोलीं- हर बलात्कारी को मिले फांसी

12 साल तक बच्चियों से रेप पर फांसी की होगी सजा

Danik Bhaskar | Apr 21, 2018, 09:03 PM IST

दिल्ली: कठुआ, उन्नाव, सूरत और इंदौर में बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाओं के बाद सरकार ने ऐसे मामलों में सख्त सजा के प्रावधान लाने का फैसला किया है। अब 12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को अधिकतम मौत की सजा दी जाएगी। इसके लिए शनिवार को प्रधानमंत्री आवास पर ढाई घंटे चली बैठक के बाद एक अध्यादेश को लाने की मंजूरी दी गई। कानून में इस बदलाव पर निर्भया की मां से EXCLUSIVE बातचीत, सुनिए निर्भया की मां ने क्या कहा...

दो कानून और दो संहिताओं में होगा बदलाव
- इस नए अध्यादेश के जरिए 2012 में बने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेस एक्ट (पॉक्सो) और साक्ष्य कानून में संशोधन किया जाएगा। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) में भी बदलाव किए जाएंगे।
- केंद्र सरकार इस नए अध्यादेश को लाने के साथ ही ऐसे कदम भी उठाएगी जिससे दुष्कर्म के मामलों की जांच तेजी से हो और पीड़ित को जल्द से जल्द इंसाफ मिल सके।
- अभी चार राज्यों मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में 12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी देने का बिल पास हो चुका है। मध्यप्रदेश ऐसा बिल लाने वाला पहला राज्य था।

अध्यादेश के जरिए सजा में इस तरह होगा बदलाव

पीड़ित दुष्कर्मी काे पहले सजा अध्यादेश के बाद सजा
12 साल तक की बच्ची कम से कम सात साल और अधिकतम उम्र कैद कम से कम 20 साल या उम्र कैद और अधिकतम फांसी
13 से 16 साल तक की बच्ची कम से कम 10 साल और अधिकतम उम्र कैद कम से कम 20 साल की और अधिकतम उम्र कैद
महिला

कम से कम 7 साल और अधिकतम उम्र कैद

कम से कम 10 साल और अधिकतम उम्र कैद