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स्विस बैंकों में भारतीयों की रकम में 50% इजाफा, 2017 के आखिर तक 7000 करोड़ रुपए जमा

पाकिस्तानी खाताधारकों की जमा राशि 2017 में 21% घटी।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 29, 2018, 03:26 PM IST

स्विस बैंकों में भारतीयों की रकम में 50% इजाफा, 2017 के आखिर तक 7000 करोड़ रुपए जमा

नई दिल्ली. स्विस बैंकों में भारतीयों की रकम में 50.2% इजाफा हुआ है। साल 2017 के आखिर तक भारतीयों के करीब सात हजार करोड़ रुपए वहां जमा थे। मोदी सरकार के शुरुआती तीन साल में स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा लगातार घट रहा था। लेकिन चौथे साल में पहली बार यह रकम 50 फीसदी तक बढ़ गई। यह 13 साल की सबसे तेज बढ़ोतरी है। इससे पहले 2004 में स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा 56 फीसदी बढ़ा था। ये आंकड़े स्विट्जरलैंड की सेंट्रल बैंकिंग अथॉरिटी स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) ने गुरुवार को जारी किए। काले धन के खिलाफ नोटबंदी और बेनामी संपत्ति कानून जैसे सख्त कदमों के बावजूद तीन साल का ट्रेंड पलटना चौंकाने वाला है। स्विस बैंकों में भारतीयों के जमा 7,000 करोड़ में से कस्टमर डिपॉजिट 3,200 करोड़ है। 1,050 करोड़ रुपए दूसरे बैंकों के जरिए जमा हुए। 2,640 करोड़ रुपए प्रतिभूतियों जैसी अन्य देनदारियों के जरिए जमा हुए। तीनों ही मदों के तहत रकम में भारी इजाफा हुआ। स्विस बैंकों में विदेशी ग्राहकों की कुल रकम तीन फीसदी बढ़ी है। यह करीब 100 लाख करोड़ रुपए हो चुकी है। स्विस बैंकों में पिछले साल पाकिस्तानी नागरिकों का पैसा 21% घटकर करीब 7,700 करोड़ रुपए रह गया। पाकिस्तानियों के लिहाज से यह अब तक की सबसे कम रकम है। भारतीयों की रकम में 50% इजाफे के बावजूद पाकिस्तानियों के डिपॉजिट से कम ही है।

ऑटोमैटिक डेटा शेयरिंग सिस्टम तैयार कर रहे भारत-स्विट्जरलैंड:स्विट्जरलैंड के बैंक गोपनीयता के लिए मशहूर हैं। हालांकि, भारत और अन्य देशों की ओर से गोरखधंधों के सबूत मुहैया करवाने पर स्विट्जरलैंड ने विदेशी ग्राहकों की जानकारियां देना शुरू कर दिया है। काले धन के खिलाफ लड़ाई में भारत की मदद के लिए वह इस सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमत हो चुका है। इसके लिए जानकारियां साझा करने का समझौता हो चुका है। दोनों देश इस व्यवस्था पर काम कर रहे हैं। इसके लिए कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।

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