--Advertisement--

कर्नाटक चुनाव के बाद 19 पैसे तक महंगा हुआ पेट्रोल, बेंगलुरु समेत चारों मेट्रो में बढ़े दाम

पेट्रोल 56 महीने के हाई पर और डीजल का भाव अब तक के उच्च स्तर पर है।

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 01:37 PM IST
पेट्रोल 56 महीने के हाई पर पहुंच गया है।- फाइल पेट्रोल 56 महीने के हाई पर पहुंच गया है।- फाइल

  • 24 अप्रैल से 13 मई तक पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ था
  • 19 दिन से स्थिर थे भाव, 24 अप्रैल के बाद पहली बार कीमतें बढ़ाई गई हैं

नई दिल्ली. पेट्रोल-डीजल के दामों में 19 दिन बाद बदलाव किया गया है। दिल्ली में पेट्रोल 17 पैसे वहीं डीजल 21 पैसे महंगा हुआ है। कोलकाता और मुंबई समेत बाकी शहरों में भी पेट्रोल के दाम बढ़े हैं। 24 अप्रैल के बाद तेल कंपनियों ने पहली बार रेट में बदलाव किया है। पहले से ही आशंका बनी हुई थी कि कर्नाटक चुनाव होते ही ऐसा होगा। 12 मई को चुनाव हो चुके हैं और इसके एक दिन बाद ही तेल के दाम बढ़ गए हैं।

किस शहर में कितनी बढ़ोतरी ?

शहर पेट्रोल (रु./लीटर) बढ़ोतरी डीजल (रु./लीटर) बढ़ोतरी
दिल्ली

74.80 (14मई)

74.63 (24अप्रैल-13मई)

17 पैसे

66.14 (14मई)

65.93 (24अप्रैल-13मई)

21 पैसे

कोलकाता

77.50 (14मई)

77.32 (24अप्रैल-13मई)

18 पैसे

68.68 (14मई)

68.63 (24अप्रैल-13मई)

5 पैसे

मुंबई

82.65 (14मई)

82.48 (24अप्रैल-13मई)

17 पैसे

70.43 (14 मई)

70.20 (24अप्रैल-13मई)

23 पैसे

चेन्नई

77.61 (14मई)

77.43 (24अप्रैल-13मई)

18 पैसे

69.79 (14 मई)

69.56 (24अप्रैल-13मई)

21 पैसे

बेंगलुरु

76.01 (14मई)

75.82 (24अप्रैल-13मई)

19 पैसे

67.27 (14 मई)

67.05 (24अप्रैल-13मई)

22 पैसे

24 अप्रैल से 13 मई के बीच 3 बड़े डवलपमेंट
1) पेट्रोल और डीजल के दाम 24 अप्रैल को 13 पैसे बढ़ाए गए थे। सूत्रों के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 78.84 डॉलर प्रति बैरल के आधार पर ये दरें निर्धारित की गई थीं, जो बढ़कर 82.98 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची गईं।
2) इस दौरान इंटरनेशनल मार्केट में डीजल भी 84.68 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 88.63 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
3) डॉलर के मुकाबले रुपया 66.62 के स्तर फिसलकर 67 पर आ गया जिससे इंपोर्ट महंगा हुआ।

- बावजूद इसके भारत में तेल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

तेल कंपनियों को 500 करोड़ का नुकसान
- अनुमान है कि तेल मार्केटिंग कंपनियों को इस दौरान 500 करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ा है।

आगे क्या होगा ?

- क्रूड महंगा होने और रुपए में गिरावट के बावजूद कंपनियों ने 19 दिन तक दाम स्थिर रखे। ऐसे में अब आशंका है कि नुकसान की भरपाई करने के लिए लगातार बढ़ोतरी की जाएगी।

गुजरात चुनाव के बाद भी ऐसा हुआ था

- पिछले साल गुजरात चुनाव से पहले इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन जैसी सरकारी कंपनियों ने वहां करीब 15 दिन तक लगातार 1-3 पैसे की कटौती की थी। गुजरात में 14 दिसंबर 2017 को विधानसभा चुनाव हुए थे। वहां भी वोटिंग के बाद तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाने शुरू कर दिए।

अधिकारियों ने चुनाव से दो दिन पहले चुप्पी तोड़ी

- लंबे समय तक कीमतों में बदलाव नहीं करने की वजह को लेकर अधिकारियों ने पहले तो कई दिन तक चुप्पी साधे रखी। फिर कर्नाटक चुनाव से ठीक पहले 10 मई को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि ये सिर्फ संयोग है। दाम नहीं बढ़ाने के पीछे मकसद ये था कि कीमतों में स्थिरता लाई जाए। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ने पर उन्होंने कहा कि ये फंडामेंटली सपोर्टिव नहीं हैं।

पेट्रोल 56 महीने के हाई पर, डीजल सबसे उच्च स्तर पर
- 16 अप्रैल को दिल्ली में पेट्रोल 55 महीने के हाई पर वहीं डीजल अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। ये दोनों रिकॉर्ड अभी तक बरकरार हैं। यानि 16 अप्रैल को जो भाव थे, पेट्रोल-डीजल उनसे ऊपर ही जा रहे हैं कम नहीं हुए हैं।

शहर पेट्रोल (16 अप्रैल 2018) पेट्रोल (1 सितंबर 2013)
दिल्ली

74.08

74.10
कोलकाता 76.78 81.57
मुंबई 81.93 81.57
चेन्नई 76.85 77.48
(रु./लीटर) (रु./लीटर)

-16 से 19 अप्रैल 2018 के दौरान भी दाम स्थिर रखे गए थे।

रिकॉर्ड कीमतों पर किसने क्या बयान दिया था ?

हसमुख अढिया, वित्त सचिव पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का कोई प्रस्ताव नहीं है।
सुभाष चंद्र गर्ग, इकोनॉमिक अफेयर्स सेकेट्री पेट्रोल और डीजल पर ड्यूटी 1-1 रुपए भी घटाई जाती है तो सरकार को 13,000 करोड़ का घाटा होगा, जबकि कीमतें 1-2 रुपए बढ़ने से महंगाई प्रभावित नहीं होगी।
धर्मेंद्र प्रधान, पेट्रोलियम मंत्री कीमतों पर नजर रखी जा रही है। एक्साइज ड्यूटी नहीं घटाई जाएगी। राज्यों को टैक्स में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत देनी चाहिए।


4 साल में पेट्रोल पर 105%, डीजल पर 330% ड्यूटी बढ़ी

पेट्रोल पर ड्यूटी (1 अप्रैल 2014) 9.48 रु./लीटर
पेट्रोल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी 19.48 रु./लीटर
डीजल पर ड्यूटी (1 अप्रैल 2014) 3.56 रु./लीटर
डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी 15.33 रु./लीटर

74.80 रु./लीटर पेट्रोल में 47.29% टैक्स शामिल

डीलर प्राइस 35.81 रु./लीटर
एक्साइज ड्यूटी 19.48 रु./लीटर
डीलर कमीशन 3.61 रु./लीटर
वैट 15.90 रु./लीटर
कुल 74.80 रु./लीटर

- इस तरह जिस भाव पर आपको पेट्रोल मिल रहा है उसमें 35.38 रुपए यानी 47.29% हिस्सा तो एक्साइज ड्यूटी और वैट का शामिल है।

कीमतें तय करने का फॉर्मूला

- कीमतों की हर रोज समीक्षा शुरू होने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि लगातार 19 दिन तक कोई बदलाव नहीं किए गए।

- 17 जून 2017 से रोजाना समीक्षा का फॉर्मूला अपनाया जा रहा है। इससे पहले हर महीने की पहली और 16 तारीख को रेट तय होते थे।

- पेट्रोल-डीजल के दाम अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के आधार पर तय होते हैं।

- हर रोज सुबह 6 बजे से नई दरें लागू होती हैं।

- जिस रेट पर उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल मिलता है उसमें एक्साइज ड्यूटी, राज्यों के टैक्स और डीलर कमीशन शामिल होता है।

सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती से इनकार कर चुकी है।- फाइल सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती से इनकार कर चुकी है।- फाइल