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​स्वच्छता का माननीय अभियान

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, माने सीबीडीटी ने कुछ राजनेताओं की आमदनी में कुछ दोष पाया है।

Dainik Bhaskar

Jul 03, 2018, 10:42 PM IST
Power Gallery By Dr. Bharat Agrawal

सबसे पहले बात स्वच्छता अभियान की। बात यह है कि केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, माने सीबीडीटी ने कुछ राजनेताओं की आमदनी में कुछ दोष पाया है। इनमें से 26 को संसद के निचले सदन में माननीय कहा जाता है, 11 को संसद के उच्च सदन में माननीय कहा जाता है और 257 को उनकी संबंधित विधानसभाओं और विधानसौदा में माननीय कहा जाता है।

कठघरे वाले साहब लोग
इसी तरह भारतीय पुलिस सेवा के कुल जमा 66 साहेबान पर आपराधिक मामले चल रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा 13 राजस्थान में हैं। 8 साहेबान के साथ दूसरे स्थान पर तमिलनाडु है। 7 साहेबान के साथ तीसरा स्थान मिला है गुजरात को। मणिपुर, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, सिक्किम, उत्तरप्रदेश और संघ प्रशासित क्षेत्र इन सबको सिर्फ सांत्वना पुरस्कार ही मिल सकता है।

दिल्ली पुलिस की फुलफोर्स
उधर दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक अपने महकमे में 12,000 से ज्यादा नए सिपाहियों के पदों के लिए स्वीकृति लेने में सफल रहे हैं। इसके अलावा इस वर्ष के अंत तक के लिए 750 उपनिरीक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बहुत समय बाद ऐसा होने जा रहा है जब दिल्ली पुलिस में कोई पद खाली नहीं रहेगा।

आंध्राज़ इंडिया लीडर
शक तो पहले ही था, अब धीरे-धीरे पुख्ता हो रहा है। 2019 के लिए चंद्रबाबू नायडू भी पीएम बनने की दौड़ में हैं। हाल ही में वह दिल्ली आए थे, तो संसद के केंद्रीय कक्ष गए। उधर दिल्ली स्थित आंध्र भवन का बाबूपुरम भी चंद्रबाबू के दिल्ली दौरे की एक-एक गतिविधि का भरपूर प्रचार कर रहा है। महानता का अंगवस्त्रम् भी ओढ़ा-ओढ़ाया जा रहा है। डोनाल्डबाबू ट्रम्प की तरह चंद्रबाबू नायडू ने भी एक संचार अधिकारी तैनात किया है। इन देवीजी का नाम है तेजस्विनी पगडाला। उन्होंने चंद्रबाबू पर एक पुस्तक भी लिखी है इंडियाज़ ग्लोबल लीडर। वैसे आम तौर पर वह चंद्रबाबू के भाषण लिखती हैं।

प्रणबदा का दादालोक
क्या आपको पता है रिटायर होने के बाद प्रणब मुखर्जी 10 राजाजी मार्ग में क्या कर रहे हैं? सुस्ता रहे हैं या किताबें पढ़ रहे हैं? सही उत्तर है - उपरोक्त में से कोई नहीं। दादा अभी भी सक्रिय हैं। हाल ही में सरसंघचालक मोहनराव भागवत अपनी टीम के साथ उनसे मिलने आए थे। मुकेश अंबानी भी हाल ही में उनसे मिल कर गए हैं। कुछ मंत्री भी आते रहते हैं, जैसे प्रकाश जावडेकर, रविशंकर प्रसाद और पीयूष गोयल आदि। पीएम भी उनसे मिलते हैं। लेकिन अहमद पटेल और राजीव शुक्ला को छोड़ दें, तो कांग्रेस के नेता उनसे कम ही मिलते हैं।

अपने-अपने गंतव्य !
मामला जीएसटी परिषद की बैठक का है। सिर्फ पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री अमित मित्रा नॉर्थ ब्लॉक में किसी दूसरे कमरे में बैठे थे और वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से ही बात कर रहे थे। अरुण जेटली ने शुरुआत ही एक मजाक से की- तो मिस्टर मित्रा... आप नॉर्थ ब्लॉक पहुंच गए। अमित मित्रा ने उत्तर दिया श्रीमान मैं तो नॉर्थ ब्लॉक में हूं, लेकिन आप पीएमओ पहुंच गए हैं।

विश्व भारती का महिला लोक
शेख हसीना 25 मई को शांति निकेतन पहुंच रही हैं। प्रधानमंत्री भी पहुंच रहे हैं। विश्व भारती का कार्यक्रम है, दीक्षांत समारोह है, बांग्लादेश भवन का उद्घाटन है, जिसका निर्माण बांग्लादेश सरकार ने 25 करोड़ रुपए में करवाया है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री ने विश्व भारती के उपकुलपति को सलाह दी कि आप ममता बनर्जी को भी आमंत्रित करें। लिहाजा वे भी जा रही हैं।

कन्नौज से टीपू!
सुना यह गया है कि अखिलेश यादव 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और वो भी कन्नौज की सीट से। यहां से फिलहाल उनकी पत्नी डिम्पल यादव सांसद हैं। डिम्पल यादव अगला चुनाव शायद न लड़ें। वहां तक तो सब ठीक है, लेकिन अखिलेश भैया को लोकसभा जाने की क्या सूझ रही है? जवाब यह है कि अखिलेश भैया प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। आखिरकार वह यूपी के हैं और पीएम की कुर्सी पर पहला अधिकार यूपी वालों का है।

और देवैगौड़ा सेक्युलर हो गए
प्रधानमंत्री अचानक एचडी देवैगौड़ा पर हमलावर क्यों हो गए? दिक्कत यह थी कि यदि देवैगौड़ा मोदी की प्रशंसा करते हैं और मोदी उनकी प्रशंसा करते हैं, तो मुस्लिम वोट एकतरफा ढंग से कांग्रेस को मिल सकते हैं। हालांकि इसकी काट के लिए देवैगौड़ा ने औवैसी से तालमेल किया भी हुआ है। अब कर्नाटक में 20 प्रतिशत मुस्लिम वोट है। इनका एकतरफा किसी भी तरफ गिरना बीजेपी के लिए नुकसानदेह है। मोदी विरोध में कुछ बोलेंगे, तो देवैगौड़ा भी मुस्लिम मतों के हकदार हो जाएंगे।

ऊंचे माले वाले अध्यक्षजी
बीजेपी के नए कार्यालय का नाम है न्यू हैबिटेट सेंटर। इमारत का रंग और ढांचा हैबिटेट सेंटर जैसा ही है। नए कार्यालय में मीडिया के लिए बहुत जगह दी गई है। कैंटीन भी शानदार है। दही चाट, समोसे से लेकर गुलाब जामुन तक सब कुछ मिलता है। अमित शाह का कार्यालय 5वीं मंजिल पर है।

ओडीशा का जलवा
सीतांशु कार नए पीआईओ हो गए हैं। सीतांशु रक्षा मंत्रालय में और आकाशवाणी में रह चुके हैं। ओडीशा के रहने वाले हैं। पीएमओ में भी ओडीशा के और ओडीशा कैडर के लोगों की अच्छी खासी संख्या है।

किसी को पता नहीं चला
गुप्त कूटनीति मोदी सरकार के लिए बहुत कारगर रहती है। वुहान में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्रधानमंत्री की हाल की अनौपचारिक बैठक को बहुत गोपनीय रखा गया था। यहां तक कि चीन में भारतीय मिशन के कर्मचारियों को भी प्रधानमंत्री की यात्रा के बारे में खुलासा नहीं करने के लिए कह दिया गया था। जब यह समझा और लिखा जा रहा था कि भारत-चीन संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं और प्रधानमंत्री की तो शी जिनपिंग के साथ जून में एससीओ की बैठक के दौरान मुलाकात होगी, तब अचानक घोषणा की गई कि राष्ट्रपति शी प्रधानमंत्री से मिलने के लिए बीजिंग से वुहान आएंगे, तो सारे हैरान रह गए थे। उससे भी बड़ी बात, यह अनौपचारिक बैठक पिछले साल ही तय हो चुकी थी।

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