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विश्व कप फुटबॉल में जीत के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने क्रोएशियाई राष्ट्रपति की ओर फ्लाइंग किस किया था।

डॉ. भारत अग्रवाल

Jul 18, 2018, 02:37 AM IST
डॉ. भारत अग्रवाल डॉ. भारत अग्रवाल

विश्व कप फुटबॉल में जीत के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने क्रोएशियाई राष्ट्रपति की ओर फ्लाइंग किस किया था। इसे दोस्ताना अंदाज कहा गया था। लेकिन दिलचस्प बात दिल्ली में भी हुई। दिल्ली में क्रोएशिया के राजदूत हैं पीटर लुबिशिक। दिल्ली में फ्रांस के राजदूत भी बहुत ही रोचक व्यक्ति हैं। उन्होंने क्रोएशिया के राजदूत को अपने घर आमंत्रित किया। प्रस्ताव इस बात का कि साथ बैठकर मैच देखेंगे। पीटर वैसे भी मोतीबाग में एक छोटे से फ्लैट में रहते हैं। घर के साथ बहुत छोटा दूतावास। वह अकेलापन महसूस भी कर रहे थे।

पीएमओ में वैद्यजी
2004 के बैच के आईएएस राजेंद्र कुमार पीएमओ में नए निदेशक बनाए गए हैं। वह भी गुजरात कैडर के हैं। लेकिन वास्तव में उन्होंने गुजरात में आयुर्वेद का अध्ययन किया है। उन्होंने शोध किया था और अब वह डॉक्टर भी हैं। पीएमओ में गपशप यह है कि विशेष रूप से आयुर्वेद के कारण वह पीएम के पसंदीदा हैं।

बहुत टेढ़ी है सीधी वाली भर्ती
नौकरशाही में सीधी भर्ती के प्रयासों की विशेष रूप से कांग्रेस ने बहुत आलोचना की है। कांग्रेस का आरोप था कि यह संयुक्त सचिव स्तर पर आरएसएस के लोगों की भर्ती करने की रणनीति है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने सीधी भर्ती के मामले पर अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की। इसके लिए लाखों आवेदन आए हैं। प्रधानमंत्री ने इसे बहुत सकारात्मक बताया और कहा कि वह सीधी भर्ती को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करना चाहते हैं। इसलिए पीएमओ ने वैश्विक कंसल्टैंसी फर्म मैकैंजी को चयन प्रक्रिया का अध्ययन करने और सलाह देने वाले संगठन के तौर पर चुना है। एक-दो अन्य संगठनों भी इस काम में शामिल किया जा सकता है। सिर्फ इसलिए ताकि कोई शिकायत न पैदा हो सके।

राहुल से नहीं मिलेंगी ममता
ममता बनर्जी दिसम्बर में एक बीजेपी विरोधी रैली आयोजित करने जा रही हैं, और इसके लिए वह सभी क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं को आमंत्रित करने जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कल ममता बनर्जी के गढ़ के जाने वाले मिदनापुर में एक किसान रैली की है, तो 21 जुलाई को ममता भी एक रैली आयोजित करेंगी। इस महीने के अंत में ममता दिल्ली आ सकती है और संसद के केंद्रीय कक्ष से सभी क्षेत्रीय नेताओं को दिसम्बर वाली रैली के लिए आमंत्रित करेंगी। लेकिन राहुल गांधी से मिलने और उन्हें आमंत्रित करने की ममता की कोई योजना नहीं है। सवाल है मोदी के खिलाफ गठबंधन कांग्रेस के बिना कैसे बनाया जा सकता है? बीजेपी का कहना है कि यह प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रधानमंत्री पद के सभी दावेदारों का गठबंधन है।

संघ की पुस्तक शाखा
पिछले 4 वर्षों में आरएसएस के खिलाफ कई किताबें बाजार में आई हैं। इस वामपंथी-लिबरलपंथी हमले का मुकाबला करने के लिए अब आरएसएस ने जवाबी प्रकाशनों की योजना बनाई है। यह काम केवल आरएसएस के प्रकाशनों या आरएसएस के ट्रस्टों द्वारा नहीं, बल्कि तथाकथित मुख्यधारा के प्रकाशनों द्वारा किया जाएगा। इसलिए आरएसएस का समर्थन करने वाली किताबें बाजार में आने लगी हैं। जैसे आरएसएस 365। इस पुस्तक में स्वतंत्रता आंदोलन में आरएसएस के योगदान और पटेल-आरएसएस संबंधों का जिक्र है। हाल ही में राजनीति के राष्ट्रवादी दृष्टिकोण पर श्रीप्रकाश सिंह द्वारा संपादित पुस्तक का विमोचन तीन मूर्ति ऑडिटोरियम में किया गया। इसे कहते हैं- जैसे को तैसा।

अशोका रोड की यादें
बीजेपी ने अपना अशोका रोड वाला पुराना कार्यालय खाली कर दिया है। वाजपेयी, आडवाणी, मोदी, शाह की तमाम तस्वीरें, सभी पोस्टर बैनर हटा दिए गए हैं। ऑफिस खाली है। बीजेपी ने इसे संसद की हाउस कमेटी को सौंप भी दिया है। लेकिन बीजेपी के एक वर्ग का कहना है कि इस इमारत के साथ पार्टी की कई यादें जुड़ी हुई हैं। इसलिए इस बंगले को रखना बेहतर है। भविष्य में यहां वाजपेयी संग्रहालय बनाया जा सकता है।

छावनी भूमि मामला
रक्षा मंत्रालय में सैनिक और नागरिक अधिकारियों के बीच ठनी हुई है। आईएएस लॉबी इस पक्ष में है कि सैनिक छावनियों की भूमि का निजीकरण किया जाए और सड़कों को खोल दिया जाए। देश भर में सेना की 62 छावनियां हैं। सेना अपनी जमीन छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण विवाद का हल निकालने की कोशिश कर रही हैं। लिहाजा अब यह काम चरणबद्ध तरीके होगा। पहले चरण में सिर्फ 10 से 17 छावनियों की जमीन ली जाएगी।

इन्हें क्यों बनाया?
नवनियुक्त सतर्कता आयुक्त शरद कुमार की नियुक्ति को 25-30 सेवा निवृत्त अफसरों का समूह अदालत में चुनौती देने जा रहा है। उनका तर्क है कि नियुक्ति के लिए 65 वर्ष की उम्र पर रिटायरमेंट में से नियमानुसार कम से कम 3 वर्ष का कार्यकाल बाकी होना अनिवार्य है।

बहुत से नपेंगे !
100 से अधिक लॉ फर्मों और 90 से अधिक चार्टर्ड एकाउंटेंट फर्मों पर केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की नजर है।
कोलकाता की दमक
अंग्रेजी हुकूमत ने कोलकाता में राष्ट्रीय पुस्तकालय बनवाया था। अब मोदी सरकार वहां चार स्थायी प्रदर्शनियां स्थापित करने जा रही है। यह प्रदर्शनियां बंगाल के चार महापुरुषों के बारे में होंगी- गुरुदेव रविन्द्र नाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चटर्जी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी। पुस्तकालय का नवीनीकरण करने के लिए संस्कृति मंत्रालय 10-15 करोड़ रूपए खर्च कर रहा है। न केवल राष्ट्रीय पुस्तकालय, बल्कि कोलकाता मेटकॉफ हाउस, विक्टोरिया स्मारक, पुराना करेंसी हॉल वगैरह भी। प्रधानमंत्री 19 वीं शताब्दी की चमक-दमक को पुनर्जीवित करना चाहते हैं। सरकार इसके लिए कुल 100 करोड़ रुपए खर्च करने के लिए तैयार है।

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