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बड़ों की बातें

प्रियंका गांधी ने कहा- हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे मिट्टी में खेल सकें

Dainik Bhaskar

Aug 21, 2018, 12:13 AM IST
Power Gallery By Dr. Bharat Agrawal

प्रियंका गांधी ने अपने कुछ नजदीकी लोगों के एक समूह को संबोधित किया। नजदीकी थे, तो जाहिर है कि बड़े भद्रलोक के ही होंगे। लेकिन प्रियंका गांधी ने उनसे कहा कि हम आम आदमी की तरह जीना चाहते हैं, जिसमें हम खुलकर घूम फिर सकें। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे मिट्टी में खेल सकें। प्रियंका ने यह भी कहा कि उनकी मां, पिता या नानी सभी मजबूरी में राजनीति में आए थे। उनमें से कोई भी अपनी इच्छा से नहीं आया था। उधर, अमित शाह ने दिल्ली में एक विशिष्ट समूह के सदस्यों, उनके परिजन और मित्रों की एक बैठक को संबोधित किया।


जयपाल-जयराम की जोड़ी!
हाल ही में जयपाल रेड्डी की पुस्तक के लॉन्च कार्यक्रम में उनके धुर आलोचक जयराम रमेश को पहली पंक्ति में देखा गया था। कई सारे कारणों से, जयपाल और जयराम की जोड़ी बहुत मायने रखती है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी पार्टी में जयपाल रेड्डी की प्रतिभा का पूरा उपयोग करने पर जोर दिया।
बीजेपी देगी सरप्राइज़ टिकट!
बहुत जोर से और बहुत बार सुनाई दिया है कि इस बार बीजेपी के कई टिकट बिल्कुल अनपेक्षित किस्म के लोगों को मिलेंगे। बीजेपी बड़े पैमाने पर फिल्म और टीवी के सितारों, बुद्धिजीवियों, वैज्ञानिकों, पूर्व नौकरशाहों, पत्रकारों और अन्य पेशेवरों को स्वयं से जोड़ने जा रही है।
आइडिया खारिज
आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी का आइडिया था कि दिल्ली के राव तुला मार्ग में एक फ्लाईओवर बना दिया जाए, जिससे यातायात बाईपास किया जा सके और इस इलाके को वाणिज्यिक घोषित कर दिया जाए, ताकि यह परियोजना व्यावहारिक बन सके। लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने पूरे विचार को ही खारिज कर दिया।
बदल रहा है बनारस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में एक बड़ा एक्शन प्लान लागू कर दिया है। काशी विश्वनाथ मंदिर से दशाश्वमेध घाट तक सीधी खाली सड़क होगी।
रास्ते में कोई अवरोध नहीं होगा। रास्ते में पड़ने वाली सारी हवेलियां ध्वस्त कर दी जाएंगी। निजी
पार्टियों से पहले ही 180 हवेलियां खरीदी जा चुकी हैं। यह काम बहुत आसान नहीं था। बहुत सारी तो क्षतिपूर्ति चुकाई गई। अतिरिक्त पैसा भी दिया। पंडितों के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था की गई। ज्यादातर हवेलियां पुजारियों की थीं। काम उतना आसान नहीं है, लेकिन मोदी पूरी दृढ़ता से काम कर रहे हैं। हवाई अड्डे से शहर तक 4 लेन की सड़क का भी निर्माण किया जा रहा है।
बेटी को महत्व
बीजेपी और संघ ने अटलजी को मुखाग्नि उनकी दत्तक पुत्री नमिता द्वारा दिलाए जाने का साहसपूर्ण निर्णय लेकर महिला सशक्तिकरण का संकेत दिया है। महिला मंत्री निर्मला सीतारमण भी वहां सक्रिय थीं। अटलजी के भांजे अनूप मिश्रा वहां मौजूद थे और रिश्तेदार भी थे, लेकिन अंत्येष्टि में न केवल नमिता को, बल्कि उनकी पुत्री नेहा को भी महत्व मिला। नमिता और उनके पति रंजन ने कई लोगों से कहा- पूरे आयोजन की भारी भरकम व्यवस्था के लिए वे मोदीजी के लिए बहुत आभारी हैं। पूरे जीवन में नमिता और रंजन कभी भी पार्टी कार्यालय में नहीं आए थे। लेकिन आखिरी दिन नमिता नए पार्टी ऑफिस में गईं।
हर घर होगा जीपीएस पर
केरल की बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री की ओर से सभी राज्यों को सलाह दी गई है कि देश के सभी गांवों के सभी घरों को तत्काल उपग्रह आधारित जीपीएस से चिन्हित किए जाने की आवश्यकता है। बाढ़ में कई बह जाते हैं। अगर आपको सटीक स्थिति पता हो, तो स्थान खोजने में सरलता होती है। दूसरा यह कि प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन और गृह मंत्रालय इसमें समन्वय करेगा।
सिर्फ 19 लाख!
स्वच्छ गंगा फंड को एक बड़ा झटका लगा है। पिछले चार वर्षों में विदेश में रह रहे भारतीयों और भारतीय मूल के लोगोंसे इस फंड में केवल 19 लाख रुपए आए हैं। स्थिति सचमुच शर्मनाक है। सरकार के पास 500 करोड़ रुपए का फंड है, लेकिन यह सरकारी संस्थानों ने दिया है। लेकिन विदेश में रह रहे अपने लोग, ओवरसीज बीजेपी के लोग गंगा के लिएधन की व्यवस्था क्यों नहीं कर सके? इस पर पीएमओ हैरान है।
नहीं जा पाए जेटली
अरुण जेटली अटलजी की अंत्येष्टि में मौजूद रहने के लिए बहुत उत्सुक थे। उन्होंने रंजन-नमिता से बात भी की थी। लेकिन डॉक्टरों ने जाने की अनुमति नहीं दी। अरुण जेटली की पत्नी और बेटी राजघाट गए थे। जेटली ने इसके बाद एक ब्लॉग में अपने संस्मरण लिखे।
पुराना जंगी जहाज
11 अशोक रोड का बीजेपी का पुराना मुख्यालय इस बार चुनावी वॉर रूम में परिवर्तित कर दिया गया है।
मजा आ गया इस बार
इस बार 15 अगस्त का प्रधानमंत्री का भाषण और इस बार पूरे इलाके में की गई पुलिस व्यवस्था- दोनों की बहुत अधिक सराहना की गई है।
टैलेंट है!
ओएनजीसी में निदेशक- एचआर के पद के लिए दौड़ चल रही है। सुना गया है कि इसमें में एक दावेदार साहब को ‘यौनउत्पीड़न’ और ‘वित्तीय दुरूपयोग’ के आरोपों का सामना करने का अतिरिक्त अनुभव भी है। साक्षात्कार जल्द ही होने वाला है।
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