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कलाम के 14 साल बाद सियाचिन पहुंचे राष्ट्रपति कोविंद, जवानों को दिया राष्ट्रपति भवन आने का न्योता

रामनाथ कोविंद से पहले 2004 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने सियाचिन का दौरा किया था।

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 07:26 PM IST
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  • सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा बैटलफील्ड है। ऊंचाई समुद्र तल से 5,400 मीटर से ज्यादा है
  • सियाचिन तीन तरफ से पाकिस्तान और चीन से घिरा है। यहां भारतीय फौज की 150 पोस्ट हैं

श्रीनगर. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को लद्दाख स्थित सेना के सियाचिन बेस कैंप पहुंचे। वे ऐसा करने वाले दूसरे राष्ट्रपति हैं। कोविंद से पहले 2004 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने सियाचिन का दौरा किया था। राष्ट्रपति कोविंद ने बेस कैंप में शहीदों को श्रद्धांजलि दी और जवानों से मुलाकात कर उन्हें राष्ट्रपति भवन आने का न्योता दिया। इस मौके पर कोविंद के साथ सेना प्रमुख बिपिन रावत भी मौजूद थे।

सियाचिन में लड़ाई के लिए तैयार रहना मुश्किल

- कोविंद ने जवानों से कहा, "मैं आपको बताने आया हूं कि देश के सबसे ऊंचे बॉर्डर की रक्षा करने वाले जवानों के लिए जनता के मन में काफी सम्मान है। यह दुनिया का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र है। यहां सामान्य जीवन जीना मुश्किल है। हमेशा दुश्मनों से लड़ने के लिए तैयार रहना और भी कठिन है। मेरा सौभाग्य है कि बहादुर जवानों से मिलने का मौका मिला।"

- रामनाथ कोविंद ने सभी जवानों को राष्ट्रपति भवन आने का न्यौता दिया। उन्होंने कहा कि जब भी आप दिल्ली आएं। राष्ट्रपति भवन जरूर आएं।

सियाचिन में दुश्मन के कदम नहीं पड़ने दिए

- राष्ट्रपति ने कहा, "अप्रैल 1984 में ऑपरेशन मेघदूत के दौरान भारतीय सेना ने सियाचिन में प्रवेश किया। तब से लेकर आज तक बहादुर जवानों ने इस हिस्से पर दुश्मनों के कदम नहीं पड़ने दिए।

- "राष्‍ट्र के गौरव का प्रतीक तिरंगा इस ऊंचाई पर शान के साथ लहराता रहे, इसके लिए जवान कठिन चुनौतियों का सामना करते हैं। अनेक सैनिकों ने यहां बलिदान दिया। ऐसे सियाचिन वॉरियर्स को नमन करता हूं। देश का हर नागरिक जवानों के परिवार के साथ खड़ा है।''

दुनिया का सबसे ऊंचा बेटलफील्ड है सियाचिन

- सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा युद्ध क्षेत्र (बैटलफील्ड) है। यहां ऊंचाई समुद्र तल से 5,400 मीटर से ज्यादा है। सियाचिन में सबसे बड़ी लड़ाई बर्फ से होती है। यही वजह है कि 1984 के पहले तक यहां जवानों को तैनात नहीं किया जाता था। लेकिन अचानक पाकिस्तान यहां कब्जे की कोशिश करने लगा। 1984 में यहां पहली बार भारतीय सेना की तैनाती हुई।
- सियाचिन तीन तरफ से पाकिस्तान और चीन से घिरा है। सबसे अहम ये कि इतनी ऊंचाई से दोनों देशों पर नजर रखना भी आसान है। इसलिए यह स्ट्रैटजिक नजरिए से अहम है। यहां भारतीय फौज की 150 पोस्ट हैं, जिसके लिए 10 हजार सैनिक तैनात किए गए हैं।

एपीजे अब्दुल कलाम 2004 में सियाचिन पहुंचने वाले पहले राष्ट्रपति थे।  -फाइल एपीजे अब्दुल कलाम 2004 में सियाचिन पहुंचने वाले पहले राष्ट्रपति थे। -फाइल
सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा बैटलफील्ड है। -फाइल सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा बैटलफील्ड है। -फाइल
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एपीजे अब्दुल कलाम 2004 में सियाचिन पहुंचने वाले पहले राष्ट्रपति थे।  -फाइलएपीजे अब्दुल कलाम 2004 में सियाचिन पहुंचने वाले पहले राष्ट्रपति थे। -फाइल
सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा बैटलफील्ड है। -फाइलसियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा बैटलफील्ड है। -फाइल
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