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कभी राहुल की वजह से चुनाव नहीं लड़ पाए लालू, अब खुद एम्स में जाकर मिले

लालू को लेकर राहुल की सोच में लगातार बदलाव देखा गया है।

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 12:42 PM IST
राहुल गांधी ने लालू यादव से मुलाकात की। राहुल गांधी ने लालू यादव से मुलाकात की।

नई दिल्ली. लोगों को 27 सितंबर 2013 की वह दोपहर याद होगी जब राहुल गांधी प्रेस क्लब में पहले से चल रही प्रेस कांफ्रेंस में अचानक पहुंच जाते हैं। वह उस अध्यादेश को फाड़कर डस्टबिन में फेकने की बात कहते हैं जो उनकी सरकार ने पारित करने वाली थी। इस अध्यादेश के पास होने से लालू यादव का सीधा फायदा होना था। यह अध्यादेश लालू के चुनाव लड़ने के रास्ते खोल रहा था। अध्यादेश पास नहीं हुआ और राहुल को हमेशा के लिए लालू यादव को दुश्मन घोषित कर दिया गया। पांच साल नहीं बीते थे जब लोगों ने वह दोपहर भी देख ली जब राहुल गांधी लालू यादव से मिलने एम्स में पहुंचे। इन पांच सालों में ऐसा क्या हो गया कि दागी लालू, राहुल को रास आने लगे? ये राहुल की राजनीतिक मजबूरी है या उन्होंने राजनीति को देखने का अपना तरीका बदल दिया?

क्या था उस अध्यादेश में

जुलाई 2013 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था कि अगर कोई सांसद, विधायक, एमएलसी दोषी पाया जाता है और उसे दो साल की सजा होती है तो सदन से उसकी सदस्यता तुरंत चली जाएगी। साथ ही वह चुनाव लड़ने के लिए अपात्र हो जाएगा। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर लालू यादव पर पड़ना था क्योंकि चारा घोटाले पर फैसला आने वाला था। केंद्र की यूपीए सरकार लालू यादव को बचाना चाहती थी। उस समय तत्कालीन यूपीए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए पहले संसद में बिल रखा और उसके पारित न हो पाने पर अध्यादेश लाने का फैसला किया। इस फैसले पर बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखे हमले किए।

लेकिन एक दोपहर सब कुछ बदल गया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रमुख अजय माकन सरकार का बचाव कर रहे थे और बीजेपी पर दोहरा रुख अपनाने का आरोप लगा रहे थे। तभी माकन का फोन बजता है। वो फोन की तरफ देखते हैं। वह फोन लेकर बाहर चले जाते हैं। कुछ ही देर बाद राहुल अचानक इस प्रेस कांफ्रेंस को ज्वाइन करते हैं। और बिना घुमाए-फिराए सीधा आक्रामक होकर कहते हैं कि इस बिल को फाड़कर डस्टिबन में फेंक देना चाहिए।

रैली से बनाई थी दूरी

27 अगस्त को पटना के गाँधी मैदान में होने वाले राजद की मेगा रैली लालू यादव की मेगा रैली में सोनिया और राहुल को शामिल होना था। रैली के कुछ घंटे पहले सोनिया ने खराब तबियत को वजह बताते हुए रैली में आने से मना कर दिया। बाद में राहुल गांधी विदेश चले गए। पार्टी के अनुसार उनका विदेश जाने का कार्यक्रम पहले से तय था। कांग्रेस की तरफ से गुलाब नबी आजाद ने इस रैली में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया। राजनीतिक गलियारों में तब यह साफ माना गया कि राहुल अभी भी लालू यादव के साथ मंच शेयर करने में झिझकते हैं।

फिर एम्स में लालू से मिलते हैं राहुल

30 अप्रैल को राहुल गांधी ने एम्स जाकर लालू यादव से मुलाकात की। उनकी इस मुलाकात में राहुल पर राजनीतिक हमले तेज होने शुरू हो गए। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि राहुल के दो चेहरे हैं. एक जिसमें सत्ता में रहते हुए वो अध्यादेश फाड़ देते हैं जो लालू यादव को बचाता और दूसरा वो जिसमें वो सत्ता के लिए लालू से मिलते हैं।

राहुल से मिलने के बाद लालू यादव ने एम्स प्रशासन से कहा कि अभी वह पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं। रांची के अस्पताल में कई जरुरी सुविधाएं नहीं हैं। लिहाजा उन्हें यहीं रखा जाए। एम्स में जवाब में कहा कि डिस्चार्ज की डेट खुद ही लालू यादव ने तय की थी।

दिल्ली एम्स से डिस्चार्ज होने के बाद रांची राजधानी एक्सप्रेस से पटना जा रहे थे। रास्ते में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर दो डाक्टरों ने उनका चेकअप किया। डॉक्टरों के मुताबिक, लालू का शुगर लेवल 200 के आसपास था। ब्लड प्रेशर भी बढ़ा हुआ था। उन्हें दवा देने के बाद ट्रेन को रवाना कर दिया। वे मंगलवार सुबह 9 बजे रिम्स पहुंच गए।

लालू इन दिनों रांची की जेल में हैं। लालू इन दिनों रांची की जेल में हैं।
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राहुल गांधी ने लालू यादव से मुलाकात की।राहुल गांधी ने लालू यादव से मुलाकात की।
लालू इन दिनों रांची की जेल में हैं।लालू इन दिनों रांची की जेल में हैं।
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