Hindi News »National »Latest News »National» SC Slams Govt For Exploiting The Poor Ask Question

लैपटॉप खरीदने के अलावा मजदूरों के लिए क्या किया, 25 हजार करोड़ पर बैठे हैं: केंद्र से सुप्रीम कोर्ट

मजदूर दिवस पर सुप्रीम कोर्ट की केंद्र और राज्य सरकारों को फटकार।

DainikBhaskar.com | Last Modified - May 01, 2018, 09:47 PM IST

  • लैपटॉप खरीदने के अलावा मजदूरों के लिए क्या किया, 25 हजार करोड़ पर बैठे हैं: केंद्र से सुप्रीम कोर्ट, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    सुप्रीम कोर्ट से केंद्र ने कहा कि हमने गरीबों के कल्याण की समय सीमा तय करने के लिए कमेटी का गठन किया है।

    • कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि गरीबों के लिए इकट्ठा की गई राशि का महज 10 फीसदी ही खर्च हुआ है
    • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मजदूरों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पेंशन जैसे मुद्दों के लिए मॉडल स्कीम तैयार करने को कहा था

    नई दिल्ली. मजदूरों के कल्याण पर सरकार के रवैये से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र को फटकार लगाई। केंद्र ने कहा कि मजदूरों के कल्याण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन की समय सीमा तय करने के लिए हमने कमेटी का गठन किया है। इस जवाब पर जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने नाराजगी जताई। बेंच ने कहा, "समय सीमा तय करने के लिए आपने कमेटी का गठन किया है? ये चल क्या रहा है? हमारे हिसाब से आप 20-25 हजार करोड़ रुपए पर बैठे हुए हैं।" कुछ राज्यों की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि हमने निर्देशों का पालन किया है। इस पर बेंच ने कहा कि आपने लैपटॉप और वॉशिंग मशीन खरीदने के अलावा किया क्या है?

    क्या गरीबों के लिए सरकार का यही नजरिया है- सुप्रीम कोर्ट

    - मजदूर दिवस पर उनके कल्याण के लिए दिए गए निर्देशों पर केंद्र और राज्य सरकारों के जवाब सुनकर सुप्रीम कोर्ट अचंभित रह गया।

    - केंद्र के जवाब पर बेंच ने कहा, "ये तो हद है। ये गरीबों का शोषण है। क्या भारत के गरीबों के लिए सरकार का यही नजरिया है।"

    - राज्यों से कहा, "क्या ये मजाक है? ये मजदूर वो हैं, जो अशिक्षित हैं और इनके पास कोई धन नहीं है। ऐसे में बिल्डर इनका शोषण कर रहे हैं और भारत सरकार कह रही है कि वह कुछ नहीं करेगी।"

    'इतनी बड़ी रकम का किया क्या'

    - कोर्ट ने सरकार से पूछा कि निर्माण कार्य के मजदूरों के कल्याण के लिए सरकार ने इतनी बड़ी रकम का क्या किया?

    - अदालत ने निर्देश दिए कि श्रम मंत्रालय के सचिव 7 मई को सुनवाई के दौरान न्यायालय में मौजूद रहें और बताएं कि हमारे निर्देशों और इस बारे में संसद में बनाए गए दो कानूनों पर अमल के बारे में क्या कदम उठाए गए हैं।

    - इससे पहले अदालत ने कहा था कि मजदूरों के कल्याण के लिए हमारे निर्देशों पर 37,400 करोड़ रुपए राशि जमा की गई थी, लेकिन उसमें से महज 9,500 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए। देश के लाखों मजदूरों को शेष 28,000 करोड़ का लाभ क्यों नहीं दिया गया।

    - अदालत ने कहा कि संसद में पारित 2 कानूनों और हमारे निर्देशों पर सरकारों ने क्या किया?

    कैग ने दाखिल किया था हलफनामा

    - इससे पहले नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को बताया था कि मजदूरों के कल्याण की राशि लैपटॉप और वॉशिंग मशीन खरीदने में खर्च की गई है और 10 फीसदी से भी कम राशि का इस्तेमाल उनके भले के लिए किया गया है।

    - कोर्ट ने केंद्र से 19 मार्च को कंस्ट्रक्शन वर्करों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन जैसे मुद्दों के लिए 30 सितंबर से पहले मॉडल स्कीम तैयार करने के लिए कहा था।

  • लैपटॉप खरीदने के अलावा मजदूरों के लिए क्या किया, 25 हजार करोड़ पर बैठे हैं: केंद्र से सुप्रीम कोर्ट, national news in hindi, national news
    +1और स्लाइड देखें
    मजदूरों के कल्याण में हो रही देरी को कोर्ट ने शोषण बताया। - फाइल
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए India News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: SC Slams Govt For Exploiting The Poor Ask Question
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From National

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×