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महाराष्ट्र: गढ़चिरौली में दो दिन में दूसरी बार मुठभेड़, 6 और नक्सलियों को मार गिराया

गड़चिरोली से नक्सल आंदोलन को जड़ से उखाड़ने रविवार को 16 नक्सलियों को मार गिराया था।

Dainik Bhaskar

Apr 24, 2018, 03:11 AM IST
महाराष्ट्र के डीजीपी के मुताबिक, नक्सलियों में फूट की वजह से अब उन्के खिलाफ पुख्ता सूचनाएं मिल रही हैं। महाराष्ट्र के डीजीपी के मुताबिक, नक्सलियों में फूट की वजह से अब उन्के खिलाफ पुख्ता सूचनाएं मिल रही हैं।

  • साल 2016 में 11, साल 2017 में 19 और इस साल के पहले चार महीनों में ही 23 नक्सली मारे जा चुके हैं।
  • इनाम के तौर पर मोटी रकम दिए जाने के चलते पुलिस और फोर्सेस के पास नक्सलियों से जुड़ी सटीक सूचनाएं आ रही हैं।

गढ़चिरौली/मुंबई(महाराष्ट्र). पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मंगलवार सुबह 11 नक्सलियों के शव इंद्रावती नदी में बहते मिले हैं। इसी के साथ पिछले दो दिनों में नक्सलियों के मारे जाने का आंकड़ा 37 तक पहुंच चुका है। गौरतलब है कि सोमवार शाम को ही सुरक्षाबलों ने अहेरी तहसील के जिमलगट्टा-रामाराम खांदला जंगल में हुई मुठभेड़ में 6 नक्सलियों को मार गिराया था। मारे गए नक्सलियों में अहेरी एरिया कमेटी के सचिव नंदू के भी ढेर कर दिया गया था। इन सभी शवों को बरामद भी कर लिया गया। बता दें कि जिला पुलिस की गढ़चिरौली से नक्सल आंदोलन को जड़ से उखाड़ फेंकने की कार्रवाई के तहत रविवार को मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए थे।

16-16 लाख के दो इनामी डिविजनल कमांडर को मार गिराया था

- रविवार सुबह भामरागढ़ तहसील में महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से लगे कसनापुर-बोरिया जंगल क्षेत्र में इंद्रावती नदी तट पर विशेष अभियान दल (सी-60) के कमांडो और सीआरपीएफ की 9वीं बटालियन के जवानों ने मिलकर मुठभेड़ में 16 नक्सलियों को मार गिराया था।

- इनमें दो डिविजनल कमांडर- साईनाथ और श्रीनू भी शामिल थे। दोनों पर राज्य सरकार ने 16-16 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। साईनाथ के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 75 तो वहीं श्रीनू के खिलाफ 82 मामले दर्ज किए गए थे।

- सोमवार को 16 में से 11 नक्सलियों के शवों की शिनाख्त हो पाई। अन्य नक्सलियों के शवों की शिनाख्त का काम भी जारी है।

समर्पण के अलावा नक्सलियों के पास कोई चारा नहीं: डीजीपी

- महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सतीश माथुर ने मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि नक्सलियों के पास अब आत्मसमर्पण के अलावा कोई चारा नहीं है। नक्सलियों में फूट के चलते हमें पुख्ता सूचनाएं मिल रही हैं। इसलिए भामरागढ़ जैसी कार्रवाई को अंजाम दिया जा सका।

- माथुर ने कहा कि नक्सलियों के बारे में सूचना देने वाले को इनाम के तौर पर मोटी रकम दी जाती है, इसलिए भी हमारे पास सटीक सूचनाएं आ रही हैं। उन्होंने बताया कि 126 पुलिसवालों को नक्सल विरोधी अभियान में काम करने के लिए पदोन्नति दी गई है।

पिछले चार महीनों में ही 23 नक्सली ढेर

माथुर के मुताबिक, नक्सलियों के मारे जाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साल 2015 में दो नक्सली मारे गए थे। साल 2016 में 11, साल 2017 में 19 और इस साल के पहले चार महीनों में ही 23 नक्सली मारे जा चुके हैं।

पांच विधायकों की हत्या की साजिश महज अफवाह

इसके अलावा माथुर ने नक्सलियों द्वारा पांच विधायकों की हत्या की साजिश रचे जाने की खबर को गलत बताया। इन पांच विधायकों में पांडुरंग बरोरा, वैभव पिचद, आनंद ठाकुर (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) तथा शांताराम मोरे व अमित घोडा (शिवसेना) थे।

मौके से मिले हथियारों का जखीरा। मौके से मिले हथियारों का जखीरा।
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महाराष्ट्र के डीजीपी के मुताबिक, नक्सलियों में फूट की वजह से अब उन्के खिलाफ पुख्ता सूचनाएं मिल रही हैं।महाराष्ट्र के डीजीपी के मुताबिक, नक्सलियों में फूट की वजह से अब उन्के खिलाफ पुख्ता सूचनाएं मिल रही हैं।
मौके से मिले हथियारों का जखीरा।मौके से मिले हथियारों का जखीरा।
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