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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बोपैया ही रहेंगे स्पीकर; 8 साल पहले 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर इन्होंने ही बचाई थी येदियुरप्पा की सरकार

कांग्रेस-जेडीएस ने राज्यपाल के सामने साथ मिलकर सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन राज्यपाल ने भाजपा को न्योता दिया।

Dainik Bhaskar

May 19, 2018, 07:37 AM IST
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  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इस मामले में दो विकल्प, राज्यपाल के फैसले को परखा जाए या फ्लोर टेस्ट कराया जाए
  • कोर्ट ने कहा- फ्लोर टेस्ट ही बेहतर विकल्प है, क्योंकि राज्यपाल ने अपनी शक्तियाें का खराब ढंग से इस्तेमाल किया

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा में शनिवार शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए। इस तरह शीर्ष अदालत ने राज्यपाल वजूभाई वाला के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्होंने बीएस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया था। येदियुरप्पा ने दावा किया कि 100 फीसदी जीत हमारी होगी। हालांकि, देर शाम इस सियासी कश्मकश में नया मोड़ तब आ गया, जब जेडीएस-कांग्रेस ने केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने के फैसले के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और तुरंत सुनवाई की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए शनिवार सुबह 10.30 का समय तय किया है। बता दें कि कर्नाटक में अभी भाजपा के पास 104, कांग्रेस के पास 78 और जेडीएस+बसपा के पास 38 विधायक हैं।

अभी क्या है सीटों का गणित और बहुमत का आंकड़ा

सदन में विधायकों की कुल संख्या: 224

2 सीटों पर चुनाव नहीं हुए तो संख्या: 222

कुमारस्वामी दो सीटों से चुनाव लड़े, लेकिन वोट एक होगा। अब सीटें: 221

केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर चुना गया तो संख्या: 220

बहुमत के लिए जरूरी संख्या: 111

मौजूदा स्थिति में भाजपा की हार तय

बहुमत: 111

कांग्रेस (78)+ जेडीएस (38-1 स्वामी): 115, बहुमत से 4 सीटें ज्यादा

भाजपा (104)- स्पीकर: 103, बहुमत से 8 सीटें कम

इन हालात में येदि जीत सकते हैं विश्वासमत

विरोधी पक्ष के 11 विधायक गायब हों जाएं तो संख्या: 209

ऐसे में बहुमत के लिए जरूरी: 105

भाजपा-स्पीकर 103+ 2 अन्य (1 निर्दलीय, 1 केपीजेपी): 105 यानी बहुमत

प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट गईं कांग्रेस-जेडीएस
- वजूभाई वाला ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। कांग्रेस और जेडीएस देर शाम इस नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गईं और तुरंत सुनवाई की मांग की।

- सुप्रीम कोर्ट इस मामले में शनिवार को सुबह 10.30 बजे से सुनवाई शुरू करेगा।
- इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने कहा, "भाजपा ने सही काम नहीं किया है, संसद में भी विधान ये है कि प्रोटेम स्पीकर का पद सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को दिया जाना चाहिए।"
- बता दें कि बोपैया को 2008 में भी प्रोटेम स्पीकर चुना गया था। उधर, कांग्रेस को उम्मीद थी कि प्रोटेम स्पीकर के लिए 7 बार विधायक चुने गए आरवी देशपांडे के नाम पर राज्यपाल की मुहर लग जाएगी।

हैदराबाद से बेंगलुरु के लिए रवाना कांग्रेस विधायक

- खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने विधायक बेंगलुरु के इगलटन रिजॉर्ट में भेजे थे। जेडीएस विधायक होटल शांगरी ला में रोके गए। इस बीच, कुछ विधायकों के लापता होने की चर्चा रही। कांग्रेस के 2 विधायक रिजॉर्ट नहीं पहुंचे थे। खबर ये भी आई थी कि कांग्रेसी विधायकों को कोच्चि ले जाने वाली तीन चार्टर्ड फ्लाइट को उड़ने की मंजूरी नहीं दी गई। गुरुवार देर रात कांग्रेस+जेडीएस विधायक बेंगलुरू से हैदराबाद शिफ्ट किए गए। शुक्रवार को कांग्रेस के विधायक हैदराबाद से बेंगलुरु के लिए रवाना किए गए।

दावे और आरोप

भाजपा: बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि हम शनिवार को सदन में बहुमत साबित करेंगे। 100 फीसदी जीत हमारी होगी। बहुमत के लिए जरूरी संख्याबल हमारे पास है।

कांग्रेस: कांग्रेस ने एक ऑडियो क्लिप जारी की। आरोप लगाया कि रायचुर से कांग्रेस विधायक को जनार्दन रेड्डी कथिततौर पर लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। जेडीएस ने भी आरोप लगाया कि नागथन से उनकी पार्टी के विधायक के भाजपा को समर्थन करने का दुष्प्रचार किया जा रहा है। जेडीएस नागथन विधायक देवानंद छवन को लेकर मीडिया के सामने आई और कहा कि वे हमारे साथ हैं।

- इन आरोपों पर भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस ने जो ऑडियो क्लिप जारी की है वो फर्जी है। ये कांग्रेस के डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट की कलाकारी है।

एंग्लो इंडियन सदस्य की नियुक्ति नहीं होगी

- कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा विनिषा नेराे को विधानसभा में एंग्लो इंडियन सदस्य के तौर पर मनोनीत किए जाने को भी कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल फ्लोर टेस्ट होने तक इस सदस्य को मनोनीत ना करें।

क्रॉस वोटिंग हुई तो आखिरी फैसला होने तक वोट वैध माने जाएंगे

- संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप बताते हैं, ‘‘सदन में उपस्थित सदस्यों की संख्या के आधार पर ही बहुमत तय होगा। किसी भी पार्टी का चुना हुआ सदस्य अगर बहुमत के समय सदन में गैरहाजिर रहता है या हाजिर होकर भी वोट नहीं देता या किसी दूसरे दल को वोट देता है तो इसे पार्टी के निर्देश या व्हिप का उल्लंघन माना जा सकता है।’’
- ‘‘अगर उनकी पार्टी संबंधित सदस्य के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत करती है तो इस पर सुनवाई होती है। जब तक मामला विचाराधीन रहता है, वोटों को वैध माना जाता है।’’

आगे की स्लाइड में पढ़ें- कोर्टरूम लाइव : फ्लोर टेस्ट की तारीख बढ़ाने की भाजपा की मांग नामंजूर हुई

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कोर्टरूम लाइव : फ्लोर टेस्ट की तारीख बढ़ाने की भाजपा की मांग नामंजूर हुई

1) सुप्रीम कोर्ट ने चिट्ठियां मांगी 

- सबसे पहले भाजपा के वकील मुकुल रोहतगी ने दो चिट्ठियां सुप्रीम कोर्ट की बेंच को सौंपी। रोहतगी ने कहा कि येदियुरप्पा कर्नाटक के सबसे बड़े दल भाजपा के नेता हैं। उनके और भाजपा के पास जरूरी विधायकों का समर्थन है और वे सदन में बहुमत साबित करने को तैयार हैं।
- कांग्रेस की तरफ से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा- सुप्रीम कोर्ट को फैसला करना चाहिए कि बहुमत साबित करने का पहला मौका किसे मिलना चाहिए।
- जस्टिस एके सीकरी की बेंच ने भाजपा के वकील से जरूरी नंबर दिखाने के लिए कहा। 

 

2) भाजपा ने कहा- नंबर वहीं दिखाएंगे, जहां जरूरी है
रोहतगी :  हम नंबर वहीं दिखाएंगे, जहां इनकी जरूरत होगी। सुप्रीम कोर्ट में जरूरी नहीं है। हम समर्थन साबित करने के लिए मुख्यमंत्री का पत्र भी ला सकते हैं। हमारे पास बहुमत है। दूसरा पत्र निमंत्रण के बारे में था। सबसे बड़ी पार्टी को जनता ने चुना है। भाजपा सिर्फ फ्लोर पर ही जरूरी नंबर दिखाएगी।  
जस्टिस सीकरी : एक तरफ हमें कांग्रेस-जेडीएस की तरफ से पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें बहुमत साबित है। दूसरी तरफ येदियुरप्पा का ये दावा है कि उनके पास बहुमत है। किस आधार पर गवर्नर ने गठबंधन के ऊपर उन्हें चुना?
रोहतगी : ये गवर्नर का विवेक है। उन्हें देखना होता है कि कौन स्थिर सरकार बना सकता है?

 

3) जिसके पास बहुमत, वो सरकार बनाए
जस्टिस सीकरी : सीधा लक्ष्य ये है कि कोई पहले अखाड़े में उतरे। ये आसान-सा नंबरों का खेल है। जिसके पास भी बहुमत होगा, वो सरकार बनाएगा। दूसरा हिस्सा चुनाव के बाद का गठबंधन का है। दो पार्टियां जो एकदूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं थीं, वो चुनाव के बाद एक दूसरे के साथ आ सकती हैं.. लेकिन अगर किसी पार्टी के पास बहुमत है, तो उसके पास सरकार बनाने का अधिकार है। 
रोहतगी :  कांग्रेस-जेडीएस के पत्र में कभी भी एेसे हस्ताक्षर नहीं हैं, जो ये दिखाएं कि उनकी पार्टी का हर विधायक उन्हें ही समर्थन दे रहा है।  
जस्टिस सीकरी : यहां भी दो हिस्से हैं। राज्यपाल के फैसले को परखा जाए या फिर शनिवार को ही फ्लोर टेस्ट कराया जाए। फ्लोर टेस्ट ही सबसे अच्छा विकल्प नजर आ रहा है। 

 

4) फ्लोर टेस्ट शनिवार को ही होगा, सीक्रेट बैलेट से वोटिंग नहीं होगी
सिंघवी : येदियुरप्पा ने समर्थन होने का दावा जरूर किया है, लेकिन उनके पास विधायकों के समर्थन की चिट्ठियां नहीं हैं। या यूं कहें कि वे सिर्फ मौखिक समर्थन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-जेडीएस भी कल फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है। 
रोहतगी : फ्लोर टेस्ट शनिवार को नहीं होना चाहिए। हमें थोड़ा वक्त चाहिए। विधायकों को पहुंचने और आजादी से वोट करने के लिए वाजिब वक्त दिया जाना चाहिए। कम से कम सोमवार तक का वक्त मिले। जेडीएस-कांग्रेस के विधायकों को भी उनकी पार्टी ने दूसरे राज्यों में भेज रखा है। 
सुप्रीम कोर्ट : संविधान ने राज्यपाल को उच्च शक्तियां दी हैं। उन्होंने इनका इस्तेमाल खराब ढंग से किया है। शनिवार दोपहर 4 बजे कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराएं। सदन को फैसला करने दें। सबसे बेहतर तरीका फ्लोर टेस्ट ही होगा। वोटिंग भी सीक्रेट बैलेट से नहीं होगी। 

 

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राहुल ने कहा- भाजपा का झूठ उजागर हुआ, येदियुरप्पा बोले- हम बहुमत साबित करेंगे

- राहुल गांधी ने कहा- कर्नाटक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारी इस बात को सही ठहराता है कि राज्यपाल ने असंवैधानिक काम किया। सरकार बना लेने का भाजपा का झूठ सुप्रीम कोर्ट में उजागर हो गया।

- फैसले के बाद कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मीडिया को बताया कहा- ‘‘आज से कल तक येदियुरप्पा नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। हमने कहा था कि क्या राज्यपाल पहले ऐसे किसी पार्टी को सरकार बनाने को बुला सकते हैं जिनके पास बहुमत नहीं है? जबकि हमारे पास पूरे बहुमत का पत्र है। कल विश्वास मत से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।’’

- वहीं, येदियुरप्पा ने कहा- हमें सौ फीसदी भरोसा है कि हम बहुमत साबित कर लेंगे।

- केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट किया, "भाजपा फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है। हमें विश्वास मत जीतने का भरोसा है। सदन में होने वाले फ्लोर टेस्ट में हम बहुमत सिद्ध कर देंगे।" 

- इस बीच, कर्नाटक के राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट के पहले भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। 

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