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क्या कर रहे हैं 2012 से 2018 तक के CBSE 12वीं के टॉपर्स, कौन -कहां बना रहा करिअर?

पिछले 7 साल के टॉपर्स में 6 टॉपर्स दिल्ली-एनसीआर से ही निकले हैं। इनमें से ज्यादातर टॉपर्स दिल्ली यूनिवर्सिटी में गए हैं

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 09, 2018, 07:37 AM IST

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    • पिछले 7 साल के टॉपर्स में 6 टॉपर्स दिल्ली-एनसीआर से ही निकले हैं। इनमें 3 लड़के और 4 लड़कियां हैं
    • सीबीएसई आर्ट्स-कॉमर्स वाले टॉपर्स की पसंद डीयू जबकि साइंस-मैथ्स वालों की पसंद आईआईटी है
    • सबसे पहले जानिए कैसा रहा 2012 से 2018 के बीच रिजल्ट?

    वर्षओवरऑल पासिंग परसेंटेज

    पास हुए लड़कों का प्रतिशत

    पास लड़कियों का प्रतिशतटॉपरटॉपर का प्रतिशत
    201280.19%75.8%86.21%मणिपुर के मोहम्मद इस्मत99%
    201382.1%77.78%87.98%दिल्ली के पारस शर्मा99%
    201482.66%78.27%88.52%गुड़गांव के सार्थक अग्रवाल99.6%
    201582%77.77%87.55%दिल्ली की एम गायत्री99.2%
    201683.05%78.85%88.58%दिल्ली की सुकृति गुप्ता99.4%
    201782.02%78%87.50%नोएडा की रक्षा गोपाल99.6%
    201883.01%78.99%88.31%नोएडा की मेघना श्रीवास्तव99.9%

    करिअर और उपलब्धि की कहानी- टॉपर्स छात्रों की जुबानी

    - मोहम्मद इस्मत: मेरे पिता ने हमेशा से मुझे अच्छी शिक्षा देने के लिए बहुत मेहनत की है। वो एक प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं और सिर्फ 2 हजार रुपए कमाते हैं। पैसों की कमी होने की वजह से मैंने छठवीं क्लास तक सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई की और उसके बाद केंद्रीय विद्यालय में चला गया। उसके बाद जेनिथ एकेडमी के डायरेक्टर ने मुझे कम से कम फीस में पढ़ाया। मेरा सपना है कि मैं यूपीएससी का एग्जाम क्रैक करूं और ऑल इंडिया में टॉप करूं।

    - पारस शर्मा:12वीं क्लास में टॉप करने का मेरा सपना था और इसके लिए मैंने पहले दिन से मेहनत की। मैंने कई सब्जेक्ट के लिए एक्स्ट्रा ट्यूशन भी लिया। मैंने रेगुलर स्टडी में भरोसा रखता हूं और रोजाना मैं 4 घंटे पढ़ाई करता था, जबकि छुट्टियों में 6-7 घंटे तक पढ़ता था। डांस और योगा करना मेरी हॉबी है। मेरी लाइफ का एक ही मिशन है और वो ये कि पूरी दुनिया से गरीबी और इलिट्रेसी को हटाना है और इसके लिए मैं इकोनॉमिक्स की पढ़ाई करना चाहता हूं।

    - सार्थक अग्रवाल:ऑल इंडिया टॉपर बनूंगा, इस बारे में कभी नहीं सोचा था। लेकिन इस स्टेज तक पहुंचने के लिए जरूरी नहीं है कि हमेशा किताबों में ही डूबे रहें, बल्कि इसके लिए जरूरी है बेस्ट टाइम मैनेजमेंट की। भले ही कम पढ़ो, लेकिन जितना पढ़ो, ध्यान से पढ़ो। तुम्हारी कामयाबीक को कोई नहीं रोक सकता। पढ़ाई करने के लिए फेसबुक जैसी सोशल साइट्स से भी दूर रहा। मैं इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन करने के बाद एमबीए की पढ़ाई करूंगा। उसके बाद सिविल सर्विस की तैयारी करूंगा।

    - एम गायत्री:मेरे माता-पिता ने कभी भी मुझ पर कोई दबाव नहीं डाला। मैं रोजाना 5-6 घंटे तक पढ़ाई करती थी, साथ ही सिंगिंग क्लास भी जाया करती थी। मेरा टारगेट इकोनॉमिक्स में 100 में से 100 नंबर लाने का था, लेकिन वो हो नहीं पाया। मैं सीए बनना चाहती हूं और आगे इसके लिए ही पढ़ाई करूंगी।

    - सुकृति गुप्ता:मुझे इस बात की उम्मीद बिल्कुल नहीं थी कि मैं टॉप करूंगी और न ही मैंने इसके लिए कोई प्लानिंग की थी। मेरा सपना है कि मैं एक अच्छी इंजीनियर बनूं और इसके लिए तैयारी कर रही हूं। मेरे माता-पिता ने कभी अच्छे नंबर लाने के लिए मुझपर दबाव नहीं डाला और जब भी मुझे कोई टेंशन होती थी तो मम्मी-पापा मुझे समझाते थे।

    - रक्षा गोपाल:अगर किसी भी चीज को डेडिकेशन से किया जाए तो उसमें सफलता जरूर मिलती है। मैंने 12वीं के लिए कोई ट्यूशन नहीं लिया बल्कि सेल्फ स्टडी की। इसके लिए मैं सुबह जल्दी उठ जाते थी और पढ़ाई करती थी। रोजाना मैं 7-8 घंटे तक पढ़ाई करती थी। मैं इसके बाद पॉलिटिकल साइंस में बीए करना चाहती हूं और ग्रेजुएशन होने के बाद यूपीएससी पर फोकस करूंगी।

    - मेघना श्रीवास्तव:एग्जाम में सक्सेस होने के लिए पूरे साल कड़ी मेहनत की जरुरत होती है। किसी भी तरह के डिस्ट्रेक्शन से दूर रहें। इसके लिए मैंने सोशल मीडिया से भी दूरी नहीं बनाई, लेकिन उसके लिए स्टडी के साथ मैनेज किया ताकि ध्यान न भटके। मैं अपना करियर साइकोलॉजी में बनाना चाहती हूं और इसके लिए फॉरेन यूनिवर्सिटी में अप्लाय करूंगी।

    टेबल में देखें क्या कर रहे हैं 2012 से 2018 तक के CBSE 12th के टॉपर्स, कौन -कहां और कैसे बना रहा करिअर :

    वर्षटॉपर का नामस्कूलमाता-पिता और व्यवसायटॉपर्स क्या कर रहे हैं?
    2012मोहम्मद इस्मतजेनिथ एकेडमी, इंफाल, मणिपुरमोहम्मद बशीर-उल रहमान - प्राइमरी स्कूल टीचरदिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है।
    2013पारस शर्मा लैंसर कॉन्वेंट स्कूल, रोहिणी, दिल्लीराजीव शर्मा और डॉ. माला शर्मा - ट्रेवल कंपनी के संचालकश्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।
    2014सार्थक अग्रवालदिल्ली पब्लिक स्कूल, वसंत कुंज, दिल्लीसुशील चंद्रा और नीरा चंद्रा - सॉफ्टवेयर कंसल्टेंटश्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।
    2015एम गायत्रीन्यू ग्रीन फील्ड स्कूल, साकेत, दिल्लीएस मोहन और लक्ष्मी मोहन - मिनिस्ट्री ऑफ रूरल डेवलपमेंट में कर्मचारीसीए की पढ़ाई कर रही हैं।
    2016सकृति गुप्तामोंटफोर्ट स्कूल, अशोक विहार, दिल्लीराकेश गुप्ता और रेणुका जैन गुप्ता - इंजीनियरआईआईटी दिल्ली से बीटेक की पढ़ाई कर रही हैं।
    2017रक्षा गोपालएमिटी इंटरनेशनल स्कूल, नोएडागोपाल पी श्रीनिवासन और रजनी गोपाल - गुजरात पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन में चीफ फायनेंस ऑफिसरदिल्ली यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में बीए कर रही हैं।
    2018मेघना श्रीवास्तवस्टेप बाय स्टेप,नोएडागौतम श्रीवास्तव और अल्पना श्रीवास्तव - पिता फरीदाबाद में प्रोफेसर और मां एचआर कंसल्टेंट हैं।यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबिया से साइकोलॉजी की पढ़ाई करना चाहती हैं।

    टॉपर्स की पहली पसंद क्यों है दिल्ली यूनिवर्सिटी?

    - सीबीएसई, आईसीएसई या फिर स्टेट बोर्ड के टॉपर्स की पहली पसंद हमेशा दिल्ली यूनिवर्सिटी ही रही है। सीबीएसई के ज्यादातर टॉपर्स दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही पढ़ाई करना चाहते हैं।

    - सीबीएसई आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम के टॉपर्स डीयू से ही अपनी आगे की पढ़ाई करना पसंद करते हैं, जबकि साइंस स्ट्रीम टॉपर्स के लिए पहली पसंद आईआईटी या एनआईटी रहती है।

    - इसका सबसे बड़ा कारण है जॉब प्लेसमेंट। 12वीं तक की पढ़ाई पूरी होने के बाद स्टूडेंट्स अपने फ्यूचर पर फोकस करते हैं और इसके लिए वो ऐसे कॉलेज का सिलेक्शन करते हैं जहां जॉब प्लेसमेंट और अच्छे सैलरी पैकेज की गारंटी हो।

    - इस मामले में दिल्ली यूनिवर्सिटी काफी आगे है। इसके साथ ही यहां की फैकल्टी और एनवायर्मेंट भी स्टूडेंट्स को काफी पसंद आता है।

    - ज्यादातर टॉपर्स का मानना है कि बाकी यूनिवर्सिटीज़ में एग्जाम टाइम, सेशन टाइम डिसाइड नहीं रहता है, जबकि डीयू में सबकुछ सिस्टमेटिक तरीके से होता है। इसलिए डीयू ही बेस्ट है।

    - डीयू में भी ज्यादातर सीबीएसई स्कूल के स्टूडेंट्स एडमिशन लेना पसंद करते हैं। इसके साथ ही जैसी ही सीबीएसई का रिजल्ट जारी होता है, उसके बाद डीयू में बैचलर कोर्सेस के लिए रजिस्ट्रेशन भी काफी बढ़ जाते हैं।

    - अगर पिछले 7 साल का सीबीएसई के रिजल्ट का एनालिसिस किया जाए तो इनमें से चार टॉपर्स दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं या कर चुके हैं।

    2018 के टॉप-9 में सभी को 99% से ज्यादा नंबर

    रैंकनामस्कूलमार्क्स
    फर्स्टमेघना श्रीवास्तवस्टेप बाय स्टेप, सीनियर सेकेंडरी, ताज एक्सप्रेस वे, नोएडा

    499/500

    सेकेंडअनुष्का चंद्राएसएजे स्कूल, वसुंधरा, गाजियाबाद, यूपी

    498/500

    थर्डचाहत बोधराजनीरजा मोदी स्कूल, मानसरोवर, जयपुर, राजस्थान

    497/500

    थर्डआस्था बांबाबीसीएम आर्य मॉडल स्कूल, शास्त्री नगर, लुधियाना

    497/500

    थर्डतनुजा कापरीगायत्री विद्यापीठ, शांतिकुंज, हरिद्वार

    497/500

    थर्डसुप्रिया कौशिककैंब्रिज स्कूल, नोएडा

    497/500

    थर्डनकुल गुप्तादिल्ली पब्लिक स्कूल, राजनगर, गाजियाबाद

    497/500

    थर्डक्षितिज आनंदएसएजे स्कूल, वसुंधरा, गाजियाबाद, यूपी

    497/500

    थर्डअनन्या सिंहमेरठ पब्लिक गर्ल्स स्कूल, शास्त्री नगर, मेरठ

    497/500


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    2018 का ओवरऑल पासिंग परसेंटेज 83.01% रहा, जो पिछले साल से करीब 1% ज्यादा है। टॉप-3 पोजिशन पर लड़कियों ने बाजी मारी। नंबर-1 पोजिशन पर मेघना श्रीवास्तव, नंबर-2 पर अनुष्का चंद्रा और नंबर-3 पर चाहत बोधराज रहीं।
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    2018 में इस बार लड़कियों का पास प्रतिशत 88.31% रहा है जबकि लड़कों का 78.99% रहा। कुल परिणाम में देखा जाए तो इस बार 9.32 प्रतिशत लड़कियां लड़कों से आगे हैं।
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