--Advertisement--

सरकार के इस कदम से घट सकती है हर कर्मचारी की सैलरी, जानें क्या है वजह

नौकरी करने वालों के लिए बुरी खबर है।

Danik Bhaskar | Apr 16, 2018, 09:22 PM IST

यूटिलिटी डेस्क। नौकरी करने वालों के लिए बुरी खबर है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) का असर अब आपकी सैलरी पर भी पड़ सकता है। जीएसटी लगता है तो कंपनियां अपने इम्प्लॉइज के बोनस से लेकर पैकेज तक में बदलाव कर सकती हैं। यह बदलाव कंपनियां इसलिए कर रही हैं ताकि जीएसटी का बोझ किसी भी तरह से कंपनियों पर न पड़े। बदलाव के बाद बोझ इम्प्लॉइज पर पड़ेगा।

क्या आ सकता है जीएसटी के दायरे में


फोन के लिए मिलने वाली राशि, मेडिकल इंश्योरेंस, मेडिकल जांच, ट्रासंपोर्टेशन, किराया भी जीएसटी के दायरे में आने वाला है। अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग रूलिंग (AAR) ने एक मामले में फैसला दिया है कि कंपनियों द्वारा कैंटीन चार्जेस के कर्मचारियों से वसूला जाने वाला चार्ज भी जीएसटी के दायरे में आएगा। इन सुविधाओं पर यदि जीएसटी लगता है तो कंपनियां यह राशि इम्प्लॉइज से वसूलेंगी। इसका सीधा असर कर्मचारी के पैकेज पर पड़ेगा।

अंग्रेजी अखबार का खुलासा


एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, एक्सपर्ट्स ने कंपनियों को सलाह दी है कि वो अपने एचआर डिपार्टमेंट से इन मामलों पर समीक्षा के लिए कहें। हाउस रेंट, मोबाइल बिल, हेल्थ इंश्योरेंस, मेडिकल बिल जैसे सैलरी का ब्रेकअप यदि जीएसटी के दायरे में आ जाएगा तो कंपनियों को आपकी सैलरी पैकेज को नए सिरे से निर्धारित करना होगा।

अभी सीटीसी के आधार पर तैयार होता है पैकेज, देखिए अगली स्लाइड में...

अभी सीटीसी के आधार पर तैयार होता है पैकेज


> कंपनियां अभी कॉस्ट टू कंपनी (CTC) के आधार पर इम्प्लॉइज को सैलरी देती हैं। कई सर्विसेज के ऐवज में कटौती को सैलरी का हिस्सा बनाकर दिया जाता है। जीएसटी लागू होता है तो कंपनियां ब्रेकअप में बदलाव करेंगी। इससे कंपनी को तो कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं देना होगा लेकिन इम्प्लॉइज की सैलरी पर फर्क पड़ जाएगा।