दुबई / 71 करोड़ रुपए का वीआईपी ऊंट अस्पताल, पूरी दुनिया में यह अपनी तरह का इकलौता

डीसीएच में कार्यरत ब्रिटिश सर्जन डॉक्टर क्लेरी बूथ और डॉक्टर मैथ्यू डी बॉन्ट ऊंट के साथ। डीसीएच में कार्यरत ब्रिटिश सर्जन डॉक्टर क्लेरी बूथ और डॉक्टर मैथ्यू डी बॉन्ट ऊंट के साथ।
X
डीसीएच में कार्यरत ब्रिटिश सर्जन डॉक्टर क्लेरी बूथ और डॉक्टर मैथ्यू डी बॉन्ट ऊंट के साथ।डीसीएच में कार्यरत ब्रिटिश सर्जन डॉक्टर क्लेरी बूथ और डॉक्टर मैथ्यू डी बॉन्ट ऊंट के साथ।

  • यूएई के 3 लाख ऊंटों की देखरेख के लिए 65 कर्मचारियों का मेडिकल स्टाफ इनमें विदेशी विशेषज्ञें की टीम भी
  • 2017 में शुरु अस्पताल में यूरोप और यूएस से आए उपकरण, 5 मीटर ऊंची एंडोस्कोपी मशीन, ऐसी पूरे विश्व में सिर्फ तीन 
  • ऊंटों के ऑपरेशन की न्यूयतम कीमत 71 हजार रुपए, अकेले अल्ट्रासाउंट के लिए ही 8 हजार रुपए खर्च करने होते हैं

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 10:37 AM IST

दुबई.  ऊंटों के इलाज के लिए सबसे आकर्षण का केंद्र आज दुबई केमल हॉस्पिटल(डीसीएच) है। इसकी लागत 71 करोड़(10 मिलियन डॉलर) रुपए है। डीसीएच के निदेशक अली रेदहा के मुताबिक, 2015 में कतर ने एक पशु चिकित्सालय और ब्रीडिंग सेंटर शुरु किया था, उसके दो साल बाद 2017 में शुरु हुआ डीसीएच दुनिया में अपनी तरह का इकलौता अस्पताल है। जहां ओमान से लेकर पूरे संयुक्त अरब अमीरात के ऊंटों का इलाज होता है। इसकी लोकप्रियता के कारण ही इसके आधे हिस्से का विस्तार और किया जा रहा है।

डीसीएच में ऊंटों के लिए इलाज के ऑपरेशन की न्यूयतम कीमत 71 हजार रुपए है। अकेले अल्ट्रासाउंट के लिए ही 8 हजार रुपए खर्च करने होते हैं। ऊंटों के लिए यहां अत्याधुनिक मशीनें यूरोप और अमेरिका से मोडिफाई कर मंगाई गई हैं। 65 मेडिकल स्टाफ में विदेशी विशेषज्ञों की टीम भी है, जो एक बार 22 ऊंटों का इलाज एक साथ कर सकती है। यहां दो विशेष कमरे हैं जहां से शेख और ऊंटों के ट्रेनर लाइव ऑपरेशन को देख सकते हैं।

5 मीटर ऊंची 3 मशीनों में से एक डीसीएच में 
डीसीएच में कार्यरत ब्रिटिश सर्जन डॉक्टर क्लेरी बूथ और डॉक्टर मैथ्यू डी बॉन्ट के मुताबिक, हम यहां वह करने के लिए काफी उत्साहित रहते हैं जो पहले कभी नहीं किया अब कर पा रहे हैं। यहां मैराथन धावकों की तरह ऊंट जख्मी होते हैं। उनकी हडि्डयों में फ्रैक्चर होते हैं। कई बार उन्हें उल्टा लटकाकर इलाज करना होता हैं। हॉस्पिटल में पांच मीटर ऊंची एंडोस्कोपी मशीन लगाई गई। ऐसी दुनिया में तीन ही मशीनें बनीं हैं। इनमें से दो मशीनें अमेरिका में हैं, जोकि एक व्हेल के लिए इस्तेमाल में लाई जाती है, वहीं दूसरी का प्रयोग जिराफ की एंडोस्कोपी करने के लिए किया जाता है।

डीसीएच की ओटी में इलाज के लिए लाया गया ऊंट।

अब रेस के लिए ऊंटों को पाला जा रहा है
रेदहा के अनुसार, हम पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने काम में लगे हैं। जिसके अविश्वनीय परिणाम सामने आए हैं। यूएई में ऊंटों का महत्व उसकी विरासत के जैसा है। यहां करीब 3 लाख ऊंट हैं। पिछले कुछ सालों में सरकार प्रायोजित ऊंटों की सौंदर्य प्रतियोगिता और रेसिंग के कारण इनका औद्योगिक महत्व और बढ़ा है। यहां की ऊंट दौड़ भी दुनिया भर में चर्चित है। यूएई में पारंपरिक रूप से ऊंटों का इस्तेमाल खाना, दूध और परिवहन के लिए किया जाता है। हाल के दिनों में ऊंट दौड़ के लिए इनकी ब्रीडिंग हो रही है। ऊंटों की विरासत को संजोने में दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने काफी काम किया है। 

ऊंटों की करोड़ों में कीमत, अरबों के पुरस्कार
रेदहा ने बताया, हम प्रत्येक ऊंट की जांच करते हैं, इसमें शाही परिवार के ऊंट भी हैं। इस साल प्रतिष्ठित अल मरमूम हेरिटेज फेस्टिवल ने आयोजित ऊंट रेस के दौरान विजेताओं को 2.86 अरब (40 मिलियन डॉलर) रुपए से अधिक के पुरस्कार दिए गए। इतना ही नहीं अबू धाबी के अल धफरा महोत्सव में विजेता को 5.7 करोड़ (800,000डॉलर) रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। यहां की ऊंटों की सौंदर्य प्रतियोगिता में भी मादा ऊंटों का प्राइस टैग 19 करोड़ रुपए तक हो सकता है। 

DBApp

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना