महाराष्ट्र / स्कूल बंक कर 85 बच्चों ने गांव की 10 किमी सड़क सुधारी, ताकि पैदल न चलना पड़े

बच्चों ने स्कूल बंक किया और सड़क पर फैले पत्थरों को हटाया और गड्ढे भरे।  बच्चों ने स्कूल बंक किया और सड़क पर फैले पत्थरों को हटाया और गड्ढे भरे। 
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बच्चों ने स्कूल बंक किया और सड़क पर फैले पत्थरों को हटाया और गड्ढे भरे। बच्चों ने स्कूल बंक किया और सड़क पर फैले पत्थरों को हटाया और गड्ढे भरे। 

  • महाराष्ट्र के धमनगांव से डभड़ी गांव की सड़क एक साल से अधूरी पड़ी है, पत्थर और गड्ढों की वजह से बस सेवा बंद थी
  • बच्चों को 10 किमी चलकर स्कूल जाना पड़ता था, इसमें दो घंटे का वक्त लगता था

दैनिक भास्कर

Jan 15, 2020, 10:14 AM IST

औरंगाबाद.  महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में डभड़ी गांव की 10 किलोमीटर की खराब सड़क को स्कूल के 85 बच्चों ने वाहनों के चलने लायक बना दिया। सड़क पर अधूरे निर्माण की वजह से जगह-जगह पत्थर फैले थे। जिससे लोगों को चलने में दिक्कत होती थी। बच्चों ने 10 जनवरी को स्कूल बंक किया। इसके बाद सड़क में फैले पत्थरों को हटाया और गड्ढे भरे। 


एक ग्रामीण ने मंगलवार को दावा किया कि प्रशासन ने पिछले साल दिसंबर में धमनगांव राजौर खंड पर सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया था। इस वजह से बदनपुर डिपो से राज्य परिवहन बस ने अपनी सेवा एक महीने से अधिक समय के लिए रोक दी थी।। बस सर्विस नहीं होने से छात्रों को धमनगांव से डभड़ी गांव के स्कूल पहुंचने के लिए रोजाना 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। इसमें करीब दो घंटे का वक्त लगता था। वे रोज-रोज की इस समस्या से परेशान हो गए थे।    

जल्द सड़क बनाने की मांग

  • 2019 में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 18 किलोमीटर लंबे धनगांव राजौर रोड के निर्माण को मंजूरी दी गई थी, लेकिन यह काम पूरा नहीं हो सका था। इधर, ग्राम सरपंच मोनिका साल्वे ने बेहतर परिवहन के लिए जल्द सड़क निर्माण की मांग की है। 
  • सड़क पर जगह-जगह पत्थर होने से बस, स्कूटर, बाइक और अन्य वाहन चलने में दिक्कत होती थी। बच्चों की बस और वैन चलने में भी मुश्किल होती थी। जो लोग पैदल चलते थे उन्हें भी वक्त लगता था।स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की कोशिश से यह सड़क चलने लायक हो गई है। लेकिन सरकार या प्रशासन को इसे दुरस्त और पक्की करने पर विचार करना चाहिए। 

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