रिसर्च / जेनेटिक कारणों से हुए डिप्रेशन में दवा खाने के साथ योग करने से मरीज को मिलता है फायदा



AIIMS researches on 160 patients for 12 weeks
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AIIMS researches on 160 patients for 12 weeks

  • एम्स के एनाटॉमी और साइकायट्रिक डिपार्टमेंट ने 12 सप्ताह तक 160 मरीजों पर रिसर्च किया
  • दवाई के साथ-साथ 12 सप्ताह तक योग करने वाले मरीजों को 60% फायदा हुआ

Dainik Bhaskar

Jun 20, 2019, 09:38 PM IST

नई दिल्ली. ऐसा मान लिया जाता है कि यदि आपके परिवार में किसी को डिप्रेशन है और आप भी इसकी चपेट में आ गए हैं, तो आप ठीक नहीं हो सकते। लेकिन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक शोध के अनुसार जेनेटिक कारणों की वजह से डिप्रेशन के मरीज का भी इलाज किया जा सकता है। इसके लिए मरीज को दवाई के साथ-साथ योग की मदद लेनी होगी।

 

यह रिसर्च देश में मनोचिकित्सा के बड़े रिसर्च जनरल इंडियन जनरल ऑफ साइकायट्री में प्रकाशित हुआ है। डिप्रेशन पर योग का असर जानने के लिए एम्स के एनाटॉमी डिपार्टमेंट के लैब फॉर मॉलीक्यूलर रीप्रोडक्शन एंड जेनेटिक्स और मनोचिकित्सा विभाग ने मिलकर शोध किया।

 

 

केवल दवा लेने वालों को महज 29% फायदा :

 

  • 12 सप्ताह के इस रिसर्च में एम्स के ही साइकायट्रिक विभाग में इलाज करा रहे 160 मरीजों को चुना गया। इसमें जेनेटिक और अन्य कारणों से बीमार मरीजों को शामिल किया गया। इन्हें 80-80 के दो ग्रुप में बांटा गया। इसमें एक ग्रुप को सिर्फ दवाई लेने को कहा गया, जबकि दूसरे को दवाई के साथ ही योग कराया गया।
  • परिणाम जानने के लिए पहले और रिसर्च पूरी होने के बाद दोनों ग्रुप का ब्लड सैंपल लिया गया। ब्लड सैंपल की रिपोर्ट चौंकाने वाली थी। सिर्फ दवाई लेने वाले मरीजों को 29% फायदा दिखाई दिया, जबकि दवाई के साथ-साथ 12 सप्ताह तक योग करने वाले मरीजों को 60% फायदा मिला।

 

दिमाग के साथ-साथ शरीर पर पर भी असर डालता है डिप्रेशन : लैब फॉर मॉलीक्यूलर रीप्रोडक्शन एंड जेनेटिक्स में प्रो. डॉ. रीमा दादा ने बताया कि डिप्रेशन एक ग्लोबल बीमारी बन गई है। कुछ परिवारों में यह बीमारी पारिवारिक होती है तो कुछ पर्यावरण, जीवन शैली और अन्य कारणों की वजह से पीड़ित हो जाते हैं। ये आत्महत्या का भी एक बड़ा कारण है। इसकी चपेट में बच्चों से लेकर बड़े तक आ गए हैं। डिप्रेशन केवल मानसिक रोग नहीं है, बल्कि यह दिमाग के साथ-साथ शरीर को भी प्रभावित करता है। इससे बुढ़ापा और उससे संबंधित बीमारी जल्द आती हैं। रिसर्च से पता चला है कि योग के जरिए डिप्रेशन के मरीज को फायदा हुआ।

 

योगासन मददगार: सूर्य नमस्कार, शवासन, उत्तानपादासन, पवनमुक्तासन, वक्रासन, ध्यान, शांति मंत्र आदि। डॉ. रीमा दादा ने बताया कि योग डिप्रेशन ही नहीं,बल्कि यह दिल के मरीजों, बांझपन दूर करने, काला मोतिया और गठिया, बाय जैसे गंभीर रोग में भी फायदेमंद है। हमने एम्स में ऐसे कई रिसर्च किए हैं, जिनसे पता चला है कि योग ऐसी तमाम बीमारियों से छुटकारा पाने में मदद करता है।

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