सुविधा / ब्रिटेन और अमेरिका में पशु ब्लड बैंक और प्लाज्मा सेंटर हैं, कुत्तों से रक्तदान भी करवाते हैं



फाइल फोटो। फाइल फोटो।
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फाइल फोटो।फाइल फोटो।

  • कुत्तों और बिल्लियों में भी मनुष्यों की तरह ब्लड ग्रुप होते हैं 
  • कुत्तों में 12 और बिल्लियों में तीन प्रकार के ब्लड ग्रुप पाए जाते हैं
  • जरूरत पड़ने पर रक्त और प्लाज्मा दान पेट्स के लिए किया जाता है, इनमें कुत्ते और बिल्लियां ज्यादा होती हैं

Dainik Bhaskar

Oct 15, 2019, 09:57 AM IST

न्यूयॉर्क. यह सुनने में थोड़ा अजीब लगता होगा कि पालतू पशुओं के लिए भी ब्लड बैंक और प्लाज्मा सेंटर होते हैं। जिस तरह बीमार या घायल होने पर मनुष्यों को ब्लड बैंक से लेकर ब्लड चढ़ाया जाता है, ठीक उसी प्रकार पालतू जानवरों को भी जरूरत पड़ने पर रक्त चढ़ाया जाता है। कुछ देशों में तो बाकायदा पेट्स ब्लड बैंक हैं। जहां ब्लड बैंक नहीं होते, वहां जान-पहचान वाले व्यक्ति से उसके पेट्स का ब्लड अपने पेट्स के लिए लिया जाता है। इसके लिए रक्त और प्लाज्मा दान कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन पेट्स में ज्यादातर कुत्ते या बिल्लियां होती हैं, क्योंकि ये ही ज्यादा पाले जाते हैं।


उत्तरी अमेरिका में स्थित 'पशु चिकित्सा ब्लड बैंक' के प्रभारी डॉ. केसी मिल्स का कहना है कि डॉगी और बिल्लियों में भी मनुष्यों की तरह ब्लड ग्रुप होते हैं। डॉगी में 12 प्रकार के ब्लड ग्रुप पाए जाते हैं। इसी तरह बिल्लियों में तीन प्रकार के। जितनी संख्या में पालतू पशु घरों में रखे जाते हैं, उसे देखते हुए प्रत्येक शहर में पेट्स ब्लड और प्लाज्मा बैंक होना चाहिए। अमेरिका के कुछ राज्यों में स्क्रीनिंग प्रक्रिया के द्वारा रक्त और प्लाज्मा दान किया जाता है।

 

30 मिनट की होती है प्रकिया

मिल्स का कहना है कि अभी उत्तरी अमेरिका के कई शहरों में पशु रक्त बैंक हैं। इनमें कैलिफोर्निया के डिक्सन और गार्डन ग्रोव शहरों के अलावा मिशिगन के स्टॉकब्रिज, वर्जीनिया, ब्रिस्टो तथा मेरीलैंड के अन्नापोलिस शहर शामिल हैं। इनमें से आप किसी भी सेंटर पर अपना पालतु पशु ले जाकर उसका प्लाज्मा और रक्तदान कर सकते हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर यहां से ले भी सकते हैं। इस सब प्रक्रिया में 30 मिनट का समय लगता है, साथ ही पशु को एनेस्थेसिया देने की जरूरत भी नहीं पड़ती।

 

ब्रिट्रेन और अमेरिका में पशु रक्तदान के प्रति लोग जागरूक

मिल्स ने बताया कि जो लोग अपने पेट्स से बहुत लाड़-प्यार करते हैं, उन्हें ठीक तरह रखते हुए अच्छा प्रशिक्षण देते हैं, उन्हें कई प्रकार की छूट दी जाती है। वेट रिकॉर्ड नामक जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, ब्रिटेन और अमेरिका में ही लोग पशु रक्तदान के प्रति लोग जागरूक हैं। रॉयल वेटरनरी कॉलेज के पशु अस्पताल के दो शोधकर्ताओं ने मालिकों की जागरूता जानने के लिए क्लिनिक में 158 जानवरों पर टेस्ट किया। इसमें देखा गया कि कौन सा पशु मनुष्य की ज्यादातर बातें समझता है। इससे यह भी पता चला कि उसका मालिक उसके साथ कितना प्यार से पेश आता है।

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