पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Stayed In 45 Degree Temperature, Saved Life By Drinking Rain Water In Chewinggum Box

दुर्घटना के बाद खाई में गिरने से कार पिचक गई थी, 6 दिन तक उसमें फंसी रहीं महिला

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कोराइन बैस्टाइड। - Dainik Bhaskar
कोराइन बैस्टाइड।
  • कोराइन बैस्टाइड ने बताया- में कई जगह चोटें आई थीं, रीढ़ की हड्‌डी टूटने से कार से बाहर आना नामुमकिन था
  • किसी तरह घिसटते हुए खाई से सड़क तक पहुंचीं और लोगों से मदद मांगी
  • इंगम के खाली बॉक्स में बारिश का पानी इकट्ठा कर पिया

ब्रुसेल्स. बेल्जियम की कोराइन बैस्टाइड पिछले दिनों अपनी कार हादसे का शिकार हो गईं। कोराइन ने मीडिया को बताया कि पिछले सोमवार को टर्न लेते समय उनकी कार सुनसान इलाके में दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गई। कई जगह शरीर छिल गया था, रीढ़ की हड्‌डी टूट गई थी। कार इतनी पिचक गई थी कि उससे बाहर आना नामुमकिन था। पहली रात उनका मोबाइल बजता रहा, उन्होंने कॉल रिसीव करने की कोशिश की, लेकिन हाथ बहुत ज्यादा जख्मी होने से मोबाइल उठा नहीं पाईं। वे कुछ समय होश में रहती थीं, फिर दर्द के मारे बेहोश हो जाती थीं। 
 
सबसे पीड़ादाई यह था कि वे कांच के उन टुकड़ों पर पड़ी थीं, जो उनके शरीर में घुस चुके थे। यूरोप में हीटवेव के कारण लोग मर रहे थे, उन्हें लगा कि अब नहीं बचेंगी। उन्होंने बताया कि वे विल पॉवर के सहारे खुद को दिलासा देती रहीं और सोचती रहीं कि उन्हें कुछ नहीं होगा, जल्द ही कोई मदद पहुंच जाए शायद? फिर उन्हें अपने बच्चों का ख्याल आया और उन्हें ताकत मिलने लगी।

1) छठवें दिन पैर से कार का दरवाजा खोल सकीं

तापमान ज्यादा होने के बाद बारिश होने लगी थी। उन्होंने शरीर की पूरी ताकत लगाकर च्यूइंगम के खाली बॉक्स में बारिश का पानी इकट्ठा किया। आखिरकार बहुत प्रयास के बाद छठे दिन वे अपने पैर से कार का दरवाजा खोलने में सफल रहीं। इस बीच उनके परिवार ने पुलिस में उनके लापता होने की सूचना दे दी थी।

शरीर की तमाम शक्ति एकत्र कर वे कार से निकलीं। घंटों प्रयास के बाद वे घिसटते हुए खाई से सड़क तक पहुंचीं। तभी एक टैक्सी रुकी और ड्राइवर ने पूछा कि आप कोराइन हैं? उन्होंने सिर हिलाया। फिर तुरंत एंबुलेंस बुलवाई और अस्पताल भेजा।

वे बताती हैं कि अपनी विल पॉवर के दम पर वे हालात से लड़ती रहीं, 45.7 डिग्री तापमान पर यह और भी मुश्किल था। ऐसी स्थिति में ज्यादातर लोग जिंदा नहीं रह पाते।

खबरें और भी हैं...