तकनीक / अब सेंसर बताएगा खाना खराब है या नहीं, कीमत डेढ़ रुपए; मोबाइल में फिट होगा

Chemical Sensor Can Tell You If Food Is Safe to Eat
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Chemical Sensor Can Tell You If Food Is Safe to Eat

  • सेंसर को लंदन के इम्पीरियल कॉलेज ने तैयार किया, दूसरे सेंसर से काफी सटीक और तेज
  • सेंसर खाने को खराब करने वाली ट्राइमिथायलामाइन और अमोनिया का पता लगाकर पैकेज्ड भोजन की गुणवत्ता के बारे में बता सकता है

दैनिक भास्कर

Aug 22, 2019, 11:19 AM IST

गैजेट डेस्क.  खाना खराब है या नहीं, यह जानने के लिए आपको उसे सूंघने की जरूरत नहीं है। अब यह काम एक सेंसर करेगा, जो आपके स्मार्ट फोन से जुड़ा होगा। यह सेंसर ईको फ्रेंडली होने के साथ ही सस्ता भी है। इससे पैकेज्ड फूड आइटम की बर्बादी को बचाया जा सकेगा।

 

ब्रिटेन में तीन में से एक ग्राहक खाने के पैकेट को सिर्फ इसलिए फेंक देता है, क्योंकि उसके उपभोग की अंतिम तिथि (एक्सपायरी डेट) करीब होती है। इसमें से 42 लाख टन भोजन ऐसा होता है, जिसे खाया जा सकता था। लंदन के इम्पीरियल कॉलेज द्वारा तैयार यह सेंसर खाने को खराब करने वाली अमोनिया और ट्राइमिथायलामाइन का पता लगाकर पैकेज्ड भोजन की गुणवत्ता के बारे में बता सकता है। इस सेंसर को 'पेपर आधारित इलेक्ट्रिकल गैस सेंसर' (पीईजीएस) कहा जाता है।

 

सेंसर की कीमत डेढ़ रुपए

इस सेंसर की कीमत भी सिर्फ दो सेंट (करीब डेढ़ रुपए) है। इस सेंसर के डाटा को स्मार्ट फोन से पढ़ा जा सकता है। लोगों को सिर्फ अपना फोन सेंसर के ऊपर लाना होगा और उन्हें पता लग जाएगा कि संबंधित भोजन खाने लायक है या नहीं। शोधकर्ताओं ने कार्बन इलेक्ट्रोड को सेलुलोज पेपर में प्रिंट करके इसे तैयार किया है। यह पूरी तरह ईको फ्रेंडली है और पूरी तरह जहर मुक्त है, इसलिए खाने के पैकेट के ऊपर इसे लगाना भी सुरक्षित है।

 

सेंसर

 

 

यह सेंसर ज्यादा सटीक और तेज 

 

  • प्रयोगशाला में जब इस सेंसर को इस्तेमाल किया गया तो इसने खाने को खराब करने वाली गैसों को बहुत तेजी से पहचान लिया। यह सेंसर बाजार में मौजूद ऐसे सेंसरों की तुलना में न केवल अधिक सटीक व तेज है, बल्कि कीमत के मामले में उनसे बहुत ही सस्ता है। एसीएस सेंसर्स जर्नल में प्रकाशित शोध में रिसर्चर्स का कहना है कि इस सेंसर के आने से पैकेज्ड भोजन पर यूज बाय डेट की जगह इसे ही लगाया जा सकता है। यह ज्यादा सटीक और विश्वसनीय होगा। इससे ग्राहकों को भी खाना सस्ती दर पर मिल सकेगा।
  • इस शोध के हेड डॉ. फिरात गुडेर का कहना है कि यह एकमात्र सेंसर है, जिसका व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल संभव है। लोग यूज बाय डेट को विश्वसनीय भी नहीं मानते थे और वह संभवत: सटीक तरीका भी नहीं है। सस्ते होने की वजह से इनका इस्तेमाल संबंधित वस्तु की कीमत पर भी बहुत असर नहीं डालेगा। 

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